Skip to main content

किस तारीख को कौन-सा दिन होगा, जाने बिना कलेंडर देखें। by Possibilityplus.in


           क्या आप जानते हो कि बिना कलेंडर देखे हम किसी भी तारीख को कौन-सा दिन होगा यह पता कर सकते हैं वो भी सेकेंडो या मिनटों में । पर हम उस विधि से पता तो करते हैं कि उसमें इतना वक्त या समय लगता है कि इससे हमें फायदा तो कुछ नहीं होगा मगर नुकसान जरुर होगा। 


    
    जैसे मान लिजिए अगर जब हमारे पास मोबाईल न हो और उसी समय हमसे यह कोई पुछता है कि जरा अगले महीने में 10 तारीख को कौन-सा दिन है बताना।  या ऐसा ही प्रश्न हमें किसी इंट्रेंस इग्जाम में मिल जाये तो हम क्या करेंगे।



 अगर साधारण विधि से अपनी उंँगली पर दिन की गणना करें तो हमें 10 - 15 मिनट तो लगेगा। जरा सोचों अगर यह उत्तर एक मिनट के अंदर ही सेकेंडो में ही आपको मिल तो कितना समय की बचत होगी।
   ऐसी ही एक विधि इस पोस्ट में है चलिए पढ़ते हैं। 






  किसी भी तारीख को दिन पता करना

     
       दिन पता करने के लिए हमें लीप वर्ष की जानकारी होनी चाहिए।

लीप वर्ष : जो वर्ष 366 दिनों का होता है उसे लीप वर्ष या अधिवर्ष कहते हैं।





लीप वर्ष कब और क्यों होता है ? 

       लीप वर्ष हर चार वर्षों में आता है। दरअसल वर्ष में कुल 365 दिन और लगभग 6 घंटे होते हैं। चूँकि एक दिन में 24 घंटे होते हैं। इसलिए यही 6 घंटे चार वर्षों में 24 घंटे या एक दिन के बराबर हो जाता है। गणना में कोई समस्या न आए इसलिए इसे लीप ( अधिवर्ष के रुप में हर चार वर्षों में इसे जोड़ दिया गया और इसे इस नियम में बाँधा   गया कि जिस भी वर्ष में अगर 4 से भाग करते हैं और भाग पुरी तरह से बिना दशमलव के चली गई तो वह वर्ष लीप वर्ष होगा और यदि दशमलव में भाग गई तो वह साधाारण वर्ष ( 365 दिनों ) का होगा। 




किसी भी तारीख को दिन पता करने के लिए निम्नलिखित चरणों की प्रकिया है :-
  1. सबसे पहले दिनों की संख्या ज्ञात करिए। 
  2. अब इसमें ( दिनों की संख्या में ) 7 से भाग करिए।
  3. अब शेषफल के आधार पर दिन पता करिए। इसके लिए निचे दिए गए निर्देशों को देखें।


 7 से भाग देने पर जो शेेषफल(0, 1, 2, 3, 4, 5, 6) मिलेगा उससे अधिक से अधिक मात्र 5 सेकेंड में ही दिन पता हो जायेगा। यह शेषफल 0 से 7 तक ही सीमित है। इसके नियम एक बार पढ़ने से ही समझ में आ जाता है।





   नियम -

  1. शेषफल 0 आया है तो वही दिन होगा जिस दिन से हमने गणना शुरू की थी। जैसे - मान लो किसी महिने की 1 तारीख को सोमवार दिन है और हमें इसी महीने की 8 तारीख को दिन पता करना है । सबसे पहले हम 1 से 8 तारीख के बीच दिनों की संख्या ज्ञात करेंगे। तो 1 से 8 तक 7 दिन हो रहे हैं। इसमें 7 से भाग करेंगे तो शेषफल 0 ही आयेगा। अतः स्पष्ट है कि 8 तारीख को भी सोमवार ही आयेगा।
  2. इसी प्रकार अगर शेषफल 1 आये तो गणना करने वाले दिन से या तो एक दिन आगे या एक दिन पीछे वाला दिन होगा। जैसे सोमवार के एक दिन बाद मंगलवार आता है और सोमवार से एक दिन पहले रविवार होता है। 
  3. इसी प्रकार शेषफल 2, 3, 4, 5, और 6 पर भी होता है।


कलेंडर में दो कालों की गणना की जाती है -

  1. आनेवाले दिनों या काल / समय की 
  2. बिते हुए दिनों या काल / समय की 








1.आने वाले दिनों की गणना 

  उदाहरण :  1 जनवरी 2019 को मंगलवार था तो 31 दिसम्बर 2019 को कौन-सा दिन होगा ? 

  हल : सबसे पहले हमें यह देखना है कि यह लीप वर्ष है या नहीं। लीप वर्ष 366 दिनों का होता है क्योंकि फरवरी में 29 दिन होते हैं। 2019 में 4 से भाग करने से यह दशमलव में कट रहा है। इसलिए यह लीप वर्ष नहीं है। अतः यह वर्ष 365 दिनों का है। 1 जनवरी से 31 दिसम्बर तक 364 दिन हो रहें हैं। 364 में 7 से भाग करने पर शेषफल = 0 आ रहा है। अतः 31 दिसम्बर 2019 को मंगलवार होगा।

     अगर यही प्रश्न यह होता कि 1 जनवरी 2020 को कौन-सा दिन होगा तब दिनों की कुुल संख्या 365 होती। तब 7 से भाग करने पर 1 शेषफल होता। तब हम मंगलवार से एक दिन आगे बढ़ेंगे तो बुधवार का दिन मिलेेगा। इसी प्रकार से 2 जनवरी 2020 को गुरुवार होगा क्योंकि शेषफल 2 आयेगा और मंगलवार से दो दिनों बाद गुरुवार ही होता है। इसी तरह से आने वाले दिनों की गणना में हम दिन पता करेंगे।




2.बिते हुए दिनों की गणना 

  उदाहरण : 31 दिसम्बर 2019 को मंगलवार है तो ज्ञात / पता करिए कि 1 जनवरी 2019 को कौन-सा दिन था ?

 हल : यह उदाहरण पहले का ऊल्टा है क्योंकि  हम बिते हुुए दिनों की  गणना करने जा रहे हैं।
     31 दिसम्बर 2019 और 1 जनवरी 2019 के बीच दिनों की संख्या = 364 दिन
इसमें 7 से भाग करने पर,
शेषफल = 0
चूँकि हम बिते हुए दिन की गणना कर रहे हैं यानी पीछे जा रहे हैं। इसका मतलब यह है कि जिस दिन से हम गणना कर रहे हैं उस दिन से हमें शेषफल के अनुसार पीछे जाना पडे़गा। चुँकि यहां पर शेषफल 0 है तो हमें मंगलवार से 0 दिन पिछे जाने पर मंगलवार ही मिलेगा। अगर शेषफल 1 होता या सवाल यह होता कि 31 दिसम्बर 2019 को मंगलवार है या था तो 31 दिसम्बर 2018 को कौन - सा दिन था ?
तब 31 दिसम्बर 2018 से 31 दिसम्बर 2019 के बीच दिनों की संख्या = 365
तब 7 से भाग करने पर शेषफल = 1
चुँकि 31 दिसम्बर 2019 को मंगलवार है। इसलिए मंगलवार से एक दिन पिछे / पूर्व / पहले सोमवार होता है। अतः 31 दिसम्बर 2018 को सोमवार था।

    इसी तरह सभी प्रश्नों में हल करके देखिए।






दिनों की गणना से संबंधित महत्वपूर्ण बातें

  • हमें सबसे पहले छोटे प्रश्नों को हल करना चाहिए वो भी किसी कलेंडर की सहायता से। 
  • किसी भी साधारण वर्ष से ठीक एक वर्ष आगे या पिछे जाने पर केवल एक दिन आगे या पिछे वाला ही दिन होता है। जैसे : 1 जनवरी 2019 को मंगलवार था तो 1 जनवरी 2020 को बुधवार होगा।
  • लीप वर्ष का ध्यान रखना चाहिए। 2020 एक लीप वर्ष होगा। तो इसके चार साल बाद यानी 2024 भी लीप वर्ष होगा। 
  • लिप वर्ष में 366 दिन होते हैं। इसे अधिवर्ष भी कहते हैं।
  • किसी भी वर्ष में 4 से भाग करने पर जो भाग बिना दशमलव के चली जाय वह लिप वर्ष होगा।



   आप अपने विचार हमें जरूर बताएँ कि यह पोस्ट आपको कैसी लगी। आप हमें dkc4455@gmail.com ईमेल भी कर सकते हैं। अगर आप हमारी वेबसाइट को Follow करना चाहते हैं तो निचे Follow विकल्प पर क्लिक करें। धन्यवाद.... 


Popular posts from this blog

दिशा कैसे पता करें ?

दुनियाँ के किसी भी कोने में जाओ आप हर जगह पर दिशा पता कर सकते हैं।  हमने यह आर्टिकल उपयोग करने के लिए बनाया है ऊम्मीद है आपके लिए उपयोगी साबित होगा। इस आर्टिकल को अन्त तक जरूर पढिएगा क्योंकि हमने इसमें लगभग सभी संभव तरिके बताएँ हैं जो आपको हर परिस्थितियों में दिशा पता करने के लिए काफी हो सकता है।






   दिशा का पता करने से पहले हम दिशा के बारे कुछ अहम / आवश्यक जानकारी देने जा रहें हैं ताकि दिशा पता करना और आसान हो जाये | इसमे सबसे पहले जानतें हैं दिशा क्या है और इसका महत्व क्या है |





   दिशा ( Direction  )    



एक ऐसा मैप या साधन जो हमें उत्तर - दक्षिण , पूरब - पश्चिम , उपर - निचे और आगे - पीछे  इन सभी को प्रदर्शित करे दिशा कहलाता है | दिशा मुख्यतः चार प्रकार की हैं ( अगर उपर - निचे को छोड़दे तो ) लेकिन इनको अलग - अलग भागो  मैं बाँटे तो ये दश प्रकार की हो जाती  है | अगर हमें इन चारों के बीच की दिशाओं को बताना है तो चित्रानुसार बतायेंगे।




जैसे हमें पश्चिम और उत्तर केे बीच की दिशा को बताना है तो हम उत्तर-पश्चिम कहेेंगे। इसी तरह से बाकि सभी दिशाओं के बारे में हम कहेेंगे।




       घर बनाने में दिशा …

भिन्न का गुणा , भाग , जोड़ और घटना हल करना

भिन्न (Fraction ) 


ऊपर चित्र में एक वृत्त को चार बराबर भागों में बाँटा गया है । अगर हम कहें कि इसमें से एक भाग किसी को दे दिया जाये तो कितना भाग बचेगा तो इसका जवाब है 3 / 4 भाग जिसे शाब्दिक या बोलन वाली भाषा में तीन चौथाई  भाग कहेगें । इसी प्रकार 1 / 3 को एक तिहाई कहेंगे।  चलिए अब जानते हैं इनको जोड़ने, घटाने, गुणा और भाग  करने के तरीका के बारे में । 




  भिन्नों का जोड़ , घटाना , गुणा और भाग करने  का तरिका. 

भिन्नों का जोड़ , घटाना , गुणा और भाग; पोस्ट में आपको सब सीखने को मिलेगा। अगर आपके पास कोई सवाल है भिन्नों को हल करने या किसी भी तरह की भिन्न हो तो हमें निचे दिए गए कमेंट बॉक्स में लिखकर भेज दें ।

भिन्न क्या है ? What is the Fraction ? 




 भिन्न एक आंशिक भाग होती है जो दो भागों से बनती है -
अंश हर
 जैसे -     1 / 3 , जिसमें 1 अंश और 3 हर है । a / b में " a  " अंश और " b  " हर है।

आज के दौर में बहुत - से लोग ऐसे हैं जो पढ़ - लिखकर भी भिन्न हल करना नहीं जानते हैं । इस कमी का आभास उन्हें तब होता है जब वो कोई काम करने लगते हैं और काम या कार्य में उनको कोई सटीक ( ठीक - …

मैट्रिक और इण्टरमीडिएट किस कक्षा को कहा जाता है ?

ज हम जानेंगे कुछ ऐसी जानकारी जो बहुत से छात्र - छात्राएँ पढ़ - लिखकर  भी नहीं जान पाते हैं . इसका सीधा कारण है ध्यान से पढा़ई न करना . लेकिन इन्टरनेट ऐसा साधन है जहाँ पर आपको हर जानकारी मिलती है चाहे कैसी भी जानकारी हो वो भी बिल्कुल आसानी और सुलभ तरिके से , इन बातो को यहीं पर विराम देते हुए हम मूल बात पे आते हैं। विज्ञान से संबंधित प्रश्नों को जानने के लिए पढ़ते रहिये। 

इसे भी पढ़ें >>
4 - 4  / 2 =  क्या होगा ?    cos0° = 1 क्यों होता है ? 

        मैट्रीक किसे या किस कक्षा को कहते हैं ?ईन्टर कौन - सी कक्षा को कहते हैं ? 


  मैट्रिक किस कक्षा को कहते हैं ? 
       मैट्रिक का नाम सुन बहुत से लोग यह सोचते हैं कि ये कौन - सी कक्षा है।  आपको बता दें कि मैट्रिक कोई और कक्षा नही है बल्कि  कक्षा - 10 या दसवीं पास को कहते हैं  जिसे हाई स्कूल भी कहा जाता है।  
इसे अंग्रेजी में 10 th ( टेंथ )  भी कहते हैं। मैट्रिक अंग्रेजी शब्द है जिसका मतलब हाईस्कूल पास /दसवीं पास होता है। इससे यह पता चलता है कि मैट्रिक कोई कक्षा नहीं बल्कि कक्षा 10 या दसवीं उत्तीर्ण को सम्बोधन करने वाला शब्द है। 

अगर हाई स्कू…

पृथ्वी गोल क्यों है ?

पृथ्वी गोल क्यूँ होती है ? 
 पृथ्वी गोल है , चौकोर क्यों नही या फिर किसी अन्य रूप मे क्यों नही है, पृथ्वी ही नहीं बल्कि सभी ग्रहों की आकृति लगभग गोल है। याद रखिए कोई भी वस्तु या चीज बिना वजह के गोल , लम्बी , चौंडी , या लाल - पीली नही होती है । यानी कहने का मतलब यह है कि हर वस्तु के रंग और आकार - प्रकार के होने का कोई न कोई कारण जरूर होता है । इसी तरह तरल पदार्थ ( जैसे - जल की बूँदे भी गोल होती हैं ) इसका भी कारण लगभग वही है जो कि पृथ्वी के गोल होने का है ।





चलो हम पहले जान लें कि जल की बूँदें क्यों या कैसे गोलाकार रूप धारण करती हैं क्योंकि इस कारण में ही इसका जवाब है । जैसे ही जल या कोई तरल पदार्थ जब निचे या ऊपर की तरफ फेंका जाता है तो जल के सबसे ऊपरी हिस्से में गती पहले आती है जिसके कारण वो हिस्सा या भाग पहले बाहर आता है और जैसे ही बाहर आता ( जल का वह भाग जो पहले गती में आता है ) है तो वातावरण के दबाव के कारण ( वो जल का हिस्सा )  जल कई छोटी - छोटी बूदोँ का रूप धारण कर लेता है दरअसल पानी की बूदों पर वातावरण का समान दबाव लगता है जिसके कारण ये गोलाकार रूप धारण करता है और एक कारण यह भी है…

प्रतिशत कैसे निकालते हैं ?

प्रतिशत ( Percent )  प्रतिशत को पूरी तरह समझने के लिए प्रतिशत का मतलब / शाब्दिक या शब्द का अर्थ जानना बहुत जरूरी है । प्रतिशत में कुछ ऐसी बातें जिन्हें हमें जानना जरूरी होता जैसे -   इनमें से कौन - कौन सही हैं  -

  2 / 5 = ( 2 / 5 )  × 100 = 40 %    2 / 5 = ( 2 / 5 ) × 100 % = 40 %  2 / 5 = 40 / 100 = 40 %


    इन तीनों में पहला गलत है और बाकी दोनों सही हैं। क्योंकि पहली वाले हल में हमें यह स्पष्ट दिख रहा है कि अगर हम 100 में भाग करें तो 2 × 20 = 40 तो मिलेगा पर हर के स्थान पर हमें 100 मिल ही नहीं रहा है तो इसे हम प्रतिशत के रूप में कैसे लिख सकते हैं। अतः यह गलत है। रही बात बाकी दो तरिकों की तो इन दोनों में ही हमें हर के स्थान पर 100 मिल रहा है। दूसरे वाले विकल्प में 1 / 100 = % लिखा गया है।





 ( प्रतिशत = प्रति + शत  ) का संधि -  विक्षेद करने पर दो अलग -  अलग शब्द मिलते हैं जिसमें शत का शाब्दिक अर्थ सौ ( 100) होता है या प्रतिशत  गणित में किसी अनुपात या भिन्न  को व्यक्त करने का एक अलग तरीका है। प्रतिशत का अर्थ है प्रति सौ या प्रति सैकड़ा ( % = 1 / 100 ) एक सौ में से एक  ।   यदि 100 …
Disclaimer | Privacy Policy | About | Contact | Sitemap | Back To Top ↑