Skip to main content

दिमाग तेज़ करें ऐसे...


 Mind Update 


             नमस्कार मित्रों आपके लिए मैं  बहुत ही काम की    जानकारी  लेकर आया हूँ  जिसका  नाम है  माईंड अपडेट 
मैं इस पोस्ट मे आपको बताने वाला हूँ कि कैसे आप अपने माईंड को अपडेट करें कि आपका माईंड  बहुुुत तेेज हो जायें। अगर आपको यह माईंड अपडेट वाली बात नहीं गले उतर रही  है कि  हकीकत  मे माईंड अपडेट जैसी कोई चीज भी होती है तो मैं आपको यही कह सकता हूँ कि आप इस पोस्ट को अगर अन्त तक पढ़ लोगे तो आपको  यह पता चल जायेेेगा कि माईंड अपडेट जैसी चीज भी होती है और आपके लिए कितनी यह कितनी जरूरी है। अगर अब भी आपको विश्वास नहीं है तो कोई बात नहीं मैं आपको एक ऐसा उदाहरण देने जा रहा हूँ जो आपको विश्वास करा देगा कि मैं जो कुछ भी लिखा हूँ उसमें सच्चाई तो है।



चलिए देखते हैं -  आपने कभी देखा होगा कि जब आपको कभी रात या सुबह के  3 , 4 , 5 , या  6 बजे या फिर किसी अन्य समय में आपको बहुत जरूरी काम होता है और आपको इनमें से किसी समय में जागना होता है तो आपके दिमाग में यह बात चल रही होती है कि मुझे उस समय मे जरूर जागना है तो बस यही बात दिमाग में सेट / स्टाेर हो जाती है और सही समय पर ये काम करने लगता है और परिणामस्वरूप आप उस समय पर जाग जाते हो।

 अगर आप नहीं जानते हैं तो आप ये करके देख सकते हैं। अगर आपको इसके बारे में पुरी जानकारी चाहते हैं तो यह पोस्ट पढ़ें  -   जागे मनचाहे समय पर



    माईंड अपडेट क्या है ? 
   
    माईंड अपडेट है क्या और कैसे होता है ।माईंड अपडेट वह प्रक्रिया है जो समय - समय के साथ स्वतः होती रहती है मानव शरीर में बिल्कूल Smartphone / Mobile  के App की तरह । कहने का यह मतलब है कि जैसे  हम अपने  Smartphone के  App  को  अपडेट
करते हैं । ठीक इसी प्रकार हमें अपने माईंड को भी  अपडेट करना पड़ता है । कभी - कभी हमारा दिमाग बिल्कुल अपसेट हो जाता है । अगर ये कुछ वक्त तक है तो कोई बात नहीं क्योकि येे दोबारा अपनी स्तिथि ग्रहण करलेता है पर अगर ये बहुत दिनो तक रहा तो दिमाग कि यहि स्तिथि रह जाती है। तब हमारा माईंड / दिमाग  इसी के अनुसार काम करता है । इस प्रक्रिया को माईंड अपडेट करना या होना  कह सकते हैं।







 क्या  Mind Update जरूरी है ?  

              माईंड अपडेट करना / होना बहुत जरूरी होता है। जैसे  -   Smartphone   के  App  उपयोग करते - करते उसमे जंक / कचरा होने लगता है और App  बेकार यानी वो  ठीक से काम नही करता है । बिल्कूल इसी तरह हमारे माईंड 
की भी दशा होने लगती  है ।  और तब इसे  अपडेट करने की जरूरत होती है ।  

जैसे  -   Smartphone  के  App को अपडेट करने के लिए  Internet की आवश्यकता होती है।इसी  प्रकार हमारे  माईंड  को  अपडेट  करने के  लिए  एकवि शेष प्रकार की ऊर्जा की आवश्यकता होती है। 



   Mind Update कैसे करें ? 

        माईंड अपडेट कैसे करें ? चलिए इसके बारे में अच्छे से जान लेते हैं।  कहा जाता है कि  आप जैसा सोचोगे  और  उसे दिलो - दिमाग से करोगे तो आप वैसा ही हो जाते हो। ये बात आप शायद पहले भी सुनो होंगें । लेकिन अब मै वह मूल तरीका बताने जा रहा हूँ जिससे आप वाकई में ये सब कर पाओगे। अगर आप अपने दिमाग को अपडेट अपने अनुसार करलो तो सोचो जरा आप क्या - क्या कर सकते हैं।        
  
    माईंड अपडेट निम्नलिखित तरिके से करते हैं  -

  • सबसे पहले आप अच्छे तरह से यह तय करो कि आपको किस तरह का माईंड चाहिए । मै तो आपको तेज और हर स्तिथि को संभालने वाला माईंड की ही सलाह दूूँगा।
  • अब आप अपने आपको रोज वैसा महसूस करो जैसा आप अपने आपको बनाना चाहते हो। जैसे - आप यदि एक छात्र हो और अपने को गणित , विज्ञान , अंग्रेजी या फिर किसी अन्य विषय मेें तेज बनना चाहते हो तो वैैसा सोचो और बिल्कुल वैसा ही करो तो आप जरूर सफल होगें। चाहे कोई भी विषय क्यों न हो। अब हम एक उदाहरण देेेख लेेते हैैं जिससे यह टापिक लगभग स्पष्ट हो जायेगाा ।


 उदाहरण  
            
       जैसे मानलो आपको कोई मोबाईल आपको बहुुुत पसंद है और आपके पास इसे खरिदने के लिए पैैैसे नहीं है तो आप क्या सोचोगे । यही ना कि ये मोबाईल मुझे किसी भी तरह पाना है । चाहे इसके लिए मुझे कमाना ( छोटा - मोटा काम ) ही क्यों न करना पडे़ । 
             जब इस तरह की तीव्र भावना आती है तो आप उस काम के पीछे ही पड़ जाते हो जब तक कि वो काम पूरा ना हो जाये। और तब आप / हम हर संभव प्रयास करने लगते हैं । परिणामस्वरुप आप / हम उस काम मे सफल हो जाते हैं।




  •  अगर आप किसी भी विषय में तेज नहीं हैं तो आप सबसे पहले उस विषय मे तेज होने के बारे में सोचो जिसमे आपका मन लगता हो । इससे आपके तेज होने कि संभावना बढ़ जाती है । 
  • सबसे पहले इसका उपयोग किसी छोटे - मोटे काम में करके अपना मनोबल बढा़यें।
जैसे - जैसे आपका मनोबल बढ़ेगा तो आप वैसे - वैसे बढे़ - बढ़े काम मे उपयोग करना खूदबखूद शुरू कर देंगे।

    नोट : महात्मा बुद्ध   ने कहा है कि " जो व्यक्ति अपने आपको अपने विचार में बाध / साध ले तो फिर उसे सफल होने से कोई रोक नहीं सकता।" 

 इस बात से साफ पता चलता है कि कोई भी व्यक्ति अगर पूरे दिल से कोई काम करे तो वह जरूर सफल होगा। 

आशा है कि आपके लिए यह जानकारी उपयोगी साबित होगी। आप हमारे इस आर्टिकल के बारे में कमेंट जरूर करें ताकि हमे और आर्टिकल बनाने के लिए उत्साह मिले। आप हमारे साईट को subscribe करले जिससे आपको हमारी पोस्ट की हुई आर्टिकल सबसे पहले आपको मिले।



Comments

Popular posts from this blog

दिशा कैसे पता करें ?

दुनियाँ के किसी भी कोने में जाओ आप हर जगह पर दिशा पता कर सकते हैं।  हमने यह आर्टिकल उपयोग करने के लिए बनाया है ऊम्मीद है आपके लिए उपयोगी साबित होगा। इस आर्टिकल को अन्त तक जरूर पढिएगा क्योंकि हमने इसमें लगभग सभी संभव तरिके बताएँ हैं जो आपको हर परिस्थितियों में दिशा पता करने के लिए काफी हो सकता है।






   दिशा का पता करने से पहले हम दिशा के बारे कुछ अहम / आवश्यक जानकारी देने जा रहें हैं ताकि दिशा पता करना और आसान हो जाये | इसमे सबसे पहले जानतें हैं दिशा क्या है और इसका महत्व क्या है |





   दिशा ( Direction  )    



एक ऐसा मैप या साधन जो हमें उत्तर - दक्षिण , पूरब - पश्चिम , उपर - निचे और आगे - पीछे  इन सभी को प्रदर्शित करे दिशा कहलाता है | दिशा मुख्यतः चार प्रकार की हैं ( अगर उपर - निचे को छोड़दे तो ) लेकिन इनको अलग - अलग भागो  मैं बाँटे तो ये दश प्रकार की हो जाती  है | अगर हमें इन चारों के बीच की दिशाओं को बताना है तो चित्रानुसार बतायेंगे।




जैसे हमें पश्चिम और उत्तर केे बीच की दिशा को बताना है तो हम उत्तर-पश्चिम कहेेंगे। इसी तरह से बाकि सभी दिशाओं के बारे में हम कहेेंगे।




       घर बनाने में दिशा …

भिन्न का गुणा , भाग , जोड़ और घटना हल करना

भिन्न (Fraction ) 


ऊपर चित्र में एक वृत्त को चार बराबर भागों में बाँटा गया है । अगर हम कहें कि इसमें से एक भाग किसी को दे दिया जाये तो कितना भाग बचेगा तो इसका जवाब है 3 / 4 भाग जिसे शाब्दिक या बोलन वाली भाषा में तीन चौथाई  भाग कहेगें । इसी प्रकार 1 / 3 को एक तिहाई कहेंगे।  चलिए अब जानते हैं इनको जोड़ने, घटाने, गुणा और भाग  करने के तरीका के बारे में । 




  भिन्नों का जोड़ , घटाना , गुणा और भाग करने  का तरिका. 

भिन्नों का जोड़ , घटाना , गुणा और भाग; पोस्ट में आपको सब सीखने को मिलेगा। अगर आपके पास कोई सवाल है भिन्नों को हल करने या किसी भी तरह की भिन्न हो तो हमें निचे दिए गए कमेंट बॉक्स में लिखकर भेज दें ।

भिन्न क्या है ? What is the Fraction ? 




 भिन्न एक आंशिक भाग होती है जो दो भागों से बनती है -
अंश हर
 जैसे -     1 / 3 , जिसमें 1 अंश और 3 हर है । a / b में " a  " अंश और " b  " हर है।

आज के दौर में बहुत - से लोग ऐसे हैं जो पढ़ - लिखकर भी भिन्न हल करना नहीं जानते हैं । इस कमी का आभास उन्हें तब होता है जब वो कोई काम करने लगते हैं और काम या कार्य में उनको कोई सटीक ( ठीक - …

मैट्रिक और इण्टरमीडिएट किस कक्षा को कहा जाता है ?

ज हम जानेंगे कुछ ऐसी जानकारी जो बहुत से छात्र - छात्राएँ पढ़ - लिखकर  भी नहीं जान पाते हैं . इसका सीधा कारण है ध्यान से पढा़ई न करना . लेकिन इन्टरनेट ऐसा साधन है जहाँ पर आपको हर जानकारी मिलती है चाहे कैसी भी जानकारी हो वो भी बिल्कुल आसानी और सुलभ तरिके से , इन बातो को यहीं पर विराम देते हुए हम मूल बात पे आते हैं। विज्ञान से संबंधित प्रश्नों को जानने के लिए पढ़ते रहिये। 

इसे भी पढ़ें >>
4 - 4  / 2 =  क्या होगा ?    cos0° = 1 क्यों होता है ? 

        मैट्रीक किसे या किस कक्षा को कहते हैं ?ईन्टर कौन - सी कक्षा को कहते हैं ? 


  मैट्रिक किस कक्षा को कहते हैं ? 
       मैट्रिक का नाम सुन बहुत से लोग यह सोचते हैं कि ये कौन - सी कक्षा है।  आपको बता दें कि मैट्रिक कोई और कक्षा नही है बल्कि  कक्षा - 10 या दसवीं पास को कहते हैं  जिसे हाई स्कूल भी कहा जाता है।  
इसे अंग्रेजी में 10 th ( टेंथ )  भी कहते हैं। मैट्रिक अंग्रेजी शब्द है जिसका मतलब हाईस्कूल पास /दसवीं पास होता है। इससे यह पता चलता है कि मैट्रिक कोई कक्षा नहीं बल्कि कक्षा 10 या दसवीं उत्तीर्ण को सम्बोधन करने वाला शब्द है। 

अगर हाई स्कू…

पृथ्वी गोल क्यों है ?

पृथ्वी गोल क्यूँ होती है ? 
 पृथ्वी गोल है , चौकोर क्यों नही या फिर किसी अन्य रूप मे क्यों नही है, पृथ्वी ही नहीं बल्कि सभी ग्रहों की आकृति लगभग गोल है। याद रखिए कोई भी वस्तु या चीज बिना वजह के गोल , लम्बी , चौंडी , या लाल - पीली नही होती है । यानी कहने का मतलब यह है कि हर वस्तु के रंग और आकार - प्रकार के होने का कोई न कोई कारण जरूर होता है । इसी तरह तरल पदार्थ ( जैसे - जल की बूँदे भी गोल होती हैं ) इसका भी कारण लगभग वही है जो कि पृथ्वी के गोल होने का है ।





चलो हम पहले जान लें कि जल की बूँदें क्यों या कैसे गोलाकार रूप धारण करती हैं क्योंकि इस कारण में ही इसका जवाब है । जैसे ही जल या कोई तरल पदार्थ जब निचे या ऊपर की तरफ फेंका जाता है तो जल के सबसे ऊपरी हिस्से में गती पहले आती है जिसके कारण वो हिस्सा या भाग पहले बाहर आता है और जैसे ही बाहर आता ( जल का वह भाग जो पहले गती में आता है ) है तो वातावरण के दबाव के कारण ( वो जल का हिस्सा )  जल कई छोटी - छोटी बूदोँ का रूप धारण कर लेता है दरअसल पानी की बूदों पर वातावरण का समान दबाव लगता है जिसके कारण ये गोलाकार रूप धारण करता है और एक कारण यह भी है…

प्रतिशत कैसे निकालते हैं ?

प्रतिशत ( Percent )  प्रतिशत को पूरी तरह समझने के लिए प्रतिशत का मतलब / शाब्दिक या शब्द का अर्थ जानना बहुत जरूरी है । प्रतिशत में कुछ ऐसी बातें जिन्हें हमें जानना जरूरी होता जैसे -   इनमें से कौन - कौन सही हैं  -

  2 / 5 = ( 2 / 5 )  × 100 = 40 %    2 / 5 = ( 2 / 5 ) × 100 % = 40 %  2 / 5 = 40 / 100 = 40 %


    इन तीनों में पहला गलत है और बाकी दोनों सही हैं। क्योंकि पहली वाले हल में हमें यह स्पष्ट दिख रहा है कि अगर हम 100 में भाग करें तो 2 × 20 = 40 तो मिलेगा पर हर के स्थान पर हमें 100 मिल ही नहीं रहा है तो इसे हम प्रतिशत के रूप में कैसे लिख सकते हैं। अतः यह गलत है। रही बात बाकी दो तरिकों की तो इन दोनों में ही हमें हर के स्थान पर 100 मिल रहा है। दूसरे वाले विकल्प में 1 / 100 = % लिखा गया है।





 ( प्रतिशत = प्रति + शत  ) का संधि -  विक्षेद करने पर दो अलग -  अलग शब्द मिलते हैं जिसमें शत का शाब्दिक अर्थ सौ ( 100) होता है या प्रतिशत  गणित में किसी अनुपात या भिन्न  को व्यक्त करने का एक अलग तरीका है। प्रतिशत का अर्थ है प्रति सौ या प्रति सैकड़ा ( % = 1 / 100 ) एक सौ में से एक  ।   यदि 100 …
Disclaimer | Privacy Policy | About | Contact | Sitemap | Back To Top ↑