14 Mar 2018

अवकलन कैसे करें ?

 








नमस्कार मित्रॊं आप सभी का स्वागत है।  इस पोस्ट में जिसमें हम जानेंगे और सीखेंगे कि अवकलन कैसे करते हैं और इसका क्या महत्व है हमारे जीवन में। दरअसल मैं चाहता हूँ कि मैं जो भी पोस्ट या जानकारी दे रहा हूँ वो उपयोगी ही नहीं बल्कि जरूरी भी हो। अगर आप ग्यारहवीं या बारहवीं ( Intermediate ) में पढ़ाई कर रहे हैं तो समझिए  यह जानकारी आपको बहुत फायदा देने वाली है। गणितों में कैलकुलस का ऊँचा स्थान है और होन भी चाहिए । क्योंकि इस गणित का जितना अधिक उपयोग होता है शायद ही किसी दूसरी गणित का होगा। इसकी विशेषता अगर विस्तार से बताया जाय तो यह पोस्ट सिर्फ विशेषता को ही बताने में भर जायेगा। कैलकुलस के दो भाग हैं -  

  1. अवकलन ( Differentiation ) 
  2. समाकलन ( Integration ) 





सबसे पहले हम जानेंगे अवकलन के बारे में शुरु करते हैं ये पोस्ट । 



  

अवकलन किसे कहते हैं या अवकलन  क्या है  ? 


       अवकलन ( Differentiation ) :  सीमा ज्ञात करने की इस क्रिया को अवकलन करना कहते हैं या किसी फलन के अवकल - गुणांक ज्ञात करने की संक्रिया को अवकलन ( Differentiation ) करना कहते हैं। 

अब हम  कुछ छोटे -  मोटे उदाहरणों को हल करके देखते हैं और फिर जहाँ नहीं समझ में आता है तो हम वहीं पर उसका मतलब जानेंगे। इससे हमें सीखने में ज्यादा मदत मिलेगी। 




उदाहरण   1.    9x5 का अवकलन किजिए । 

                                  या 

 फलन 9x5 का x के सापेक्ष अवकल गुणांक ज्ञात किजिए। 

  हल  :  x पे कितनी भी घात या घातांक हो जब इसका अवकलन करते हैं तो उसकी घात का गुणा x में हो जाता है और इसके घातांक में एक अंक की कमी हो जाती है। इस तरह के प्रश्नों को हल करने के लिए
 सूत्र  y =xn                            dy/dx = nxn-1 का उपयोग किया जाता है। 
जहाँ n एक अचर घातांक और x एक चर है। 

9x5 ) / dx   =  9 × d x5  ) / dx 
                         =  9 × 5 × x4
          उत्तर             =  45x4


 इसमें आप देख सकते हैं कि 9 को जैसा का तैसा है। दरअसल 9 एक संख्या है जिसका  x के साथ गुणा हुआ है और एक मुख्य बात यह एक अचर है। अब आपके मन में यह सवाल उठ रहा होगा कि अचर क्या होता है तो आप घबराये नहीं मैं इन सभी सवालों यानी प्रश्नों को स्पष्ट करने जा रहा हूँ ध्यान से पढियेगा। 

 राशियाँ 

राशियाँ दो प्रकार की होती हैं  -

  1.   चर ( Variables ) 
  2.  अचर ( Constants )  
चर राशियाँ ( Variables  )  -    वे राशियाँ जिनका मान बदलता रहता है अर्थात् जिन राशियों के अनगिनत संख्यात्मक मान हो चर ( Variables ) कहते हैं। यह राशियाँ साधारणतया अंग्रेजी वर्णमाला के अन्तिम अक्षरों x, y, z, u, v, w आदि के द्वारा निरूपित की जाती हैं। कुल मिलाकर कहें तो चर राशि वह वस्तु या संख्या है जिसका एक मान नहीं बल्कि असंख्य मान हो सकते हैं।

 अचर ( Constant ) -  वे राशियाँ जिनका मान गणित की प्रत्येक गणना या संक्रिया में अपरिवर्तित रहता है, अचर  कहलाती है । या वह राशि या मान जो नियत है यानी जिसमें परिवर्तन नहीं होता अचर कहलाती है।
अचर राशियाँ दो प्रकार की होती हैं -

  1. निरपेक्ष या पूर्ण ( Absolute ) 
  2. स्वेच्छ अचर ( Arbitrary Constants ) 


निरपेक्ष या पूर्ण अचर  ( Absolute Constants ) 

जिन राशियों का मान प्रत्येक प्रश्न में स्थिर रहता है, निरपेक्ष या पूर्ण अचर कहलाती हैं ; जैसे :  - 2, - 5, 1, 11, 1 / 2 आदि। 

स्वेच्छ अचर  ( Arbitrary Constants ) 

जिन राशियों का मान किसी दिये हुए प्रश्न में तो स्थिर रहता है परन्तु अलग - अलग प्रश्नों में अलग - अलग हो जाता है , स्वेच्छ अचर कहलाती हैं। ये राशियाँ वर्णमाला के प्रारंभ के अक्षरों a, b, c, d आदि के द्वारा निरूपित की जाती है। 


हमने उपर देखा कि 9 एक संख्या है जो कि अचर है क्योंकि यह 9 ही रहेगा। जैसा कि हम सब जानते हैं कि 1 किलोमीटर में 1000 मीटर होता है और यह हर जगह एक ही रहेगा ना कि हर जगह अलग -  अलग होगा। इसलिए 1 किलोमीटर हो या दो किलोमीटर हर जगह ( स्थान ) पर एकसमान होगा।


  
   


 ✴  बीजगणितीय संख्याओं ( abc, xyz आदि ) में बीजगणितीय संख्या से कैसे भाग ➗ करें ? 😯

 ✴  घातांक का मान कब शून्य होता है।


   

उदाहरण 2.  x3 + x2 + 1  का x के सापेक्ष अवकलन या अवकल गुणांक ज्ञात किजिए। 


 हल :      x3 + x2 + 1   का x के सापेक्ष अवकलन करने के लिए हमें तीनों का अलग -  अलग अवकलन करना होगा।
 d ( x3 + x2 + 1 ) / dx = d ( x3  ) / dx + d ( x2 ) / dx +  d ( 1 ) / dx 
d ( x3 + x2 + 1 ) / dx = 3 x2 + 2x + 0
d ( x3 + x2 + 1 ) / dx = 3 x2 + 2x          Answer


चूँकि 1 अचर है इसलिए इसका अवकलन 0 हुआ। हम जानते हैं कि अचर राशि का अवकलन शून्य होता है। अगर 1 के स्थान पर 2, 3, 4, 5 या कोई भी संख्या हो उसका अवकलन सदैव शून्य होगा । जब अचर संख्याओं का चर संख्याओं के साथ गुणा हो तो इस स्थिति में अचर संख्या का अवकलन नहीं होता है । 
जैसे : 


9x5 ) / dx   =  9 × d x5  ) / dx 
                         =  9 × 5 × x4
          उत्तर             =  45x4


इस उदाहरण में 9 का अवकलन नहीं हुआ है । इसी प्रकार किसी भी समीकरण में उस अचर का अवकलन नहीं होगा जिसमें किसी चर का गुणा किया गया हो। अचर संख्या का अवकलन तभी होगा जब केवल अचर ही हो। मतलब इसके साथ कोई चर न हो। 

विशेष :  x का अवकलन 1 होता है ।

     सूत्र ( Formula ) 

    सूत्र क्या है इसकी जानकारी देना भी बहुत जरूरी है तो चलिए जानते हैं कि सूत्र क्या होता है। सूत्र एक ऐसा हल होता है जो अधिकांश प्रश्नों में उपस्थित होता है। अथवा जिस प्रश्न का अधिकतम उपयोग किया जाता है या होता है उसे प्रायः सूत्र के रूप में स्वीकार कर लिया जा सकता है। 




चलिए अब अवकलन के कुछ मुख्य सूत्रों को देखते हैं -

            अवकलन के कुछ मुख्य सूत्र 

  1.  y =xn                            dy/dx = nxn-1
  2.  y = c,                                dy/dx = 0
  3.  y = ex ,                             dy/dx = ex
  4.  y = ax ,                             dy/dx = axlogea
  5.  y = logax,                            dy/dx = logae/x   
  6.  y = sinx,                         dy/dx = cosx
  7.  y = cosx,                        dy/dx = - sinx
  8.  y = tanx,                        dy/dx = sec2x
  9.  y = cosecx,                    dy/dx = -cosecx cotx
  10.  y = secx,                        dy/dx = secx tanx 
  11.  y = cotx,                        dy/dx = - cosec2x
  12.  y = logex,                      dy/dx = 1/x

ऊपर दिए गए सूत्रों का उपयोग बहुधा किया जाता है इसलिए इनको याद रखना चाहिए। याद करने का सबसे अच्छा तरीका यह है कि आप इन्हीं प्रश्नों या इसी तरह के प्रश्नों को को हल करो एक नहीं बल्कि कई बार आप जब एक ही तरह के प्रश्नों को हल करते हो तो वो प्रश्न आपके मन और मस्तिष्क में बैठ जाता है । इस तरह आप हर तरह के प्रश्न को याद कर सकते हैं। मन और मस्तिष्क की जानकारी के लिए ये पोस्ट पढें -
   
    🔵 मन और मस्तिष्क में कौन तेज़ ?

  उदाहरण  3.  sinx का x के सापेक्ष अवकलन ज्ञात करिए । 

  हल :           sinx का x के सापेक्ष अवकलन करने पर - 
                     d( sinx )/dx = cosx
   अतः sinx  का अवकलन cosx है ।


अवकलन के उपयोग (use of Differentiation) 

अवकलन गणित, कैलकुलस की मुख्य शाखा है जिसके बहुत ही महमहत्वपू उपयोग। चूँकि यह गणित अति छोटी ( अत्यल्प ) राशियों पर चलती है या अत्यल्प राशियाँ इसकी आधारभूत विशेषता है, इसलिए इसका उपयोग हर क्षेत्र में होता है। विशेषकर विज्ञान में इसका इस्तेमाल बहुत महत्वपूर्ण है। 

यह तो आधुनिक विधि है जिसके द्वारा यह अवकलन किया गया है और शायद यह समझ में नहीं आ रहा होगा कि यह कैसे आया है।  प्रथम विधि से अवकलन कैसे किया जाता है  हम जानेंगे इसे अगले पोस्ट में। तब तक आप उपर दिये गये सूत्रों का उपयोग कर कुछ सवालों को हल करिए। 

गणित में कमजोर होना सही नहीं है क्योंकि गणित को विज्ञान की माता कहा जाता है यानी अगर आप गणित में कमजोर हैं तो समझिए आप विज्ञान को अच्छी तरह से नहीं जान सकते हैं।

अगर आप गणित सीखने की ईच्छा रखते हैं तो आप जरूर सीख जायेगें । आपको बस इतना करना कि इस साइट को सब्सक्राइब करके हमारे सभी पोस्टों को आसानी से पढ़ सकते हैं। अगर आपको कोई बात या क्रिया समझ में नहीं आया हो तो आप पूछ सकते हैं। धन्यवाद ? 




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