17 Apr 2018

भाषा को प्रभावशाली कैसे बनायें ?



क्या आपको लगता है कि आपकी भाषा प्रभावशाली नहीं है?
क्या आप किसी से बातचीत में जीत नहीं पाते हैं ?
क्या आपके पास डिग्री और पको अच्छी जानकारी होने के बावजूद भी आपको नौकरी नहीं मिल रही है  ? 


इन सभी प्रश्नों के उत्तर मुख्यतः इन दो बातों बातों पर निर्भर करता है  - 


  1. क्या आपका अंदाज या तौर -  तरिका ( life style  ) अच्छा है ?
  2. क्या आपकी भाषा प्रभावशाली है ? 




जब आप इन दो प्रश्नों को अपने आपसे पुछोगे तब आपको कुछ -  कुछ समय में आने लगेगा। मैं आपको यह बता दूँ कि जब आप अपने आप से यह क्या कोई भी सवाल करोगे तो आपको आपका दिमाग ( मष्तिष्क  ) उस सवाल को हल करने की कोशिश करेगा। आपको स्वयं से कोई सवाल करने के बाद संभव है कि आपको बहुत हद तक उस प्रश्न का उत्तर मिल जायेगा नहीं बल्कि मिल ही जायेगा। बस इसके बाद आपको उसके हल के बारे में सोचना होगा कि कैसे करें .... काम को । अगर इसके बाद भी आपको कुछ न समझ में आ रहा है कि कैसे अपनी भाषा और तौर - तरिके को सही करें तो आपको नीचे लिखी बातों का पालन करना चाहिए। 


   धाराप्रवाह या प्रभावशाली भाषा क्या है ?


वार्तालाप करते समय जब कोई व्यक्ति शब्दों के आयाम को बढ़ाकर शब्दों की सूरिलता बढ़ा देता है तो इस प्रकार के वार्तालाप को प्रभावशाली भाषा कहते हैं। 
 हम सभी ने यह जरूर देखा होगा कि जब कोई नेता बोलते हैं तो वे अपनी बात को एक सुरीले आयाम में बोलते हैं। उनके बोलने की गति पहले तेज़ नहीं होती है क्योंकि शुरूआत में तेज गति से बोलना आसान नहीं होता है। 
बोलते - बोलते जब वे एक उच्च आयाम में पहुँच जाते हैं तो वो कोई भी बात बिना रोक -  ठोक बोलना शुरू कर देते हैं। हममें से ज्यादातर लोग शुरुआत में ही तेज आयाम से बोलना शुरू कर देते हैं जिसके कारण वे बेकार के शब्दों का उपयोग कर बैठते हैं। इस प्रकार वे निराश होकर या तो दूसरों को या फिर अपने आप को कोसने लगते हैं। 

  अंदाज क्या है  ? 

  हर व्यक्ति का अपना -  अपना अंदाज होता है, जिसे साधारण भाषा में स्वभाव, तौर-तरीका भी कहा जाता है अंदाज एक ऐसी खास चीज है जिससे उस व्यक्ति के रहन -  सहन, तौर -  तरिके और व्यवहार की झलक मिलती है। जैसे -  आपके चलने की शैली या तरीका कैसा है, आपके शरीर का लुक कैसा है, अच्छा है या खराब। आपके हाव -  भाव कैसा है इत्यादि। इसकी श्रेणी में आते हैं। 



 अगर किसी व्यक्ति का का अंदाज या तौर-तरीका अच्छा नहीं है तो लोग उसे नहीं पसंद करते हैं चाहे वह व्यक्ति कितना ही बडा़ क्यों ना हो। हम सभी लोग फिल्में देखते हैं उसमें हिरो या नायक ( hero ) का अंदाज सबसे अच्छा दिखाया जाता है ताकि लोगों को पसंद आये और उनकी कमाई हो सके। 

      प्रभावशाली भाषा और अंदाज का दैनिक जीवन में महत्व 

       
          1.किसी भी काम को अंजाम तक पहुंचाने के लिए भाषा और आपके अंदाज ( चलने -  फिरने, हाव -  भाव ) का प्रभावशाली होना परमावश्यक है। जैसे -  मान लीजिए आपको किसी नौकरी, काम, या किसी विशेष व्यक्ति से बातचीत करना है किसी भी विषय पर तो सबसे पहले वह व्यक्ति आपके तौर तरीके और चाल -  चलन को देखता है। अगर आपका अंदाज प्रभावशाली ( effective ) है तो वो व्यक्ति आपके साथ बातचीत करने में के लिए समय देगा। इसके विपरीत अगर आपके अंदाज उसे नहीं पसंद आया तो आपसे बात करना नहीं चाहेगा। चाहे आप कितने ही बडे़ वक्ता हो। क्योंकि पहला प्रभाव ( first impression )  आपका अंदाज होता है। अब इसके बाद दूसरे प्रभाव ( second impression ) में  बातचीत की बारी होती है। अगर इसमें कोई कमी रह गई तो संभव है कि आपके उस काम को सफल बनाने बड़ी कठिनाई उठानी पड़ सकती है। अगर आपने कोई काम किया है जो थोड़ा खराब हो गया है तो आप अपने बातचीत के दम पर उसको बहुत हद तक कम कर सकते हैं। 
       

        अंदाज या तौर -  तरीका कैसे आकर्षक बनाये  ?

     
  निम्नलिखित विधियों से इसे आकर्षक बनाये -

  •  सबसे पहले अपने शरीर को आकर्षक बनाये। क्योंकि जब आपका शरीर आकर्षक होगा तो आपमें वो चाल होगी जो आपको प्रभावशाली व्यक्तित्व खुद ही दे देती है। जब आप अपने आकर्षक शरीर को देखते हैं तो आपका उत्साह बढ़ जाता है। इसलिए आप इसे  सबसे पहले सही करो।  
  • अपने चलने की गति को मध्यम रखो और चलते समय अपनी शरीर को जीतना हो सके सीधा रखें। ऐसा करकर से आपके शरीर की सेव प्रभावशाली हो जाती है । 

   

     भाषा प्रभावशाली कैसे बनायें ?


भाषा हमारे जीवन की महत्वपूर्ण चीजों में से एक है। इसके बिना हम जीवन का लगभग कोई काम नहीं कर सकते हैं। क्योंकि हम सब जानते हैं कि बिना बोले किसी से कुछ कह नहीं सकते। अब यह तो हो गई भाषा के उस गुण की बात जिसके बिना हम हमारे जिंदगी के कामों को नहीं कर सकते। अब हम इसके उस गुण की बात पर विचार - विमर्श करेंगे, जो हमारी भाषा में अगर ना हो तो हमारी द्वारा कही गई बात का कोई मोल या मतलब नहीं रह जाता है। धाराप्रवाह या प्रभावशाली भाषा, भाषा की जान होती है, यही वह गुण है जिसके बिना भाषा का कोई महत्व नहीं रह जाता है। यह निम्नलिखित प्रकार से है - 

  • बातचीत के प्रारंभ में बोलने की गति को कम रखें । बातचीत करते हुए आपकी बात कटती हुई प्रतीत नहीं होनी चाहिए। 
  • बोलते समय अपने हाथों को भी हिला कर अपना प्रभाव बढायें । 
  • जिससे भी बातचीत करो उसकी तरफ देखकर ही करो। इससे आपसे बात करने वाला परसन आपसे बहुत प्रभावित होगा। 

          

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