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Dashmalava ka guna, bhag ( दशमलव का गुणा भाग )

दशमलव ( Decimal ) 


जब दशमलव की खोज नहीं हुई थी तब पूर्ण रूप से ना विभाजित होने वाली भाग को भिन्नों के रूप में ही छोड़ना पड़ता था । इसकी खोज भारत में हुई है , यह हर भारतीय के गौरव की बात है।
भारत का गणित में अहम योगदान रहा है और आज भी है क्योंकि जो खोजें भारत में हुई हैं गणित के क्षेत्र में इसके बिना गणित जैसा विषय एकदम बेकार और लाचार था । भारत ने विश्व को दशमलव और शून्य ( Zero ) की जानकारियाँ दी जिससे गणित जगत में क्रांति आ गयी और भारत विश्व गुरु बन गया ।

किसी भी चीज या वस्तु को समझना बहुत जरूरी होता है और समझने के लिए उसके बारे में जानना भी उतना ही जरूरी है। इसलिए हम दशमलव के बारे में पूरी जानकारी हासिल करके आसानी गणित हल कर सकते हैं। दशमलव क्या है, इसे कहाँ और कब लगाया जाता है। यह गुणा , भाग, जोड़ और घटना में कैसे काम करता है। इन सभी सवालों के जवाब आपको मिलने वाला है तो शुरू करते हैं यह पोस्ट। 




   दशमलव क्या है ? 





दशमलव एक ऐसा छोटा सा संकेत है जो किसी भी संख्या में दस या इसके गुणोत्तरों * और अन्य संख्याओं से भाग देने पर प्राप्त होता है। जैसे -   मानलो 15 में 10 से भाग करना है तो हमें इस तरह की भाग में ( उस संख्या के  दाहिने तरफ से एक अंक पहले दशमलव का चिन्ह ( . ) लगा देते हैं जिसमें दस से भाग किया जाता है ।  ) इकाई वाले अंक के पहले दशमलव का चिन्ह (  .  ) लगा देते हैं। अब अन्य संख्याओं की बा करें तो इसके अन्तर्गत लगलगभ सभी संख्याएँ आती हैं। जैसे : मानलो संख्या 19 में 0, 1 और 19 को छोड़कर बाकी सभी संख्याओं से भाग करने पर यह दशमलव में बदल जाता है। उदाहरण के लिए इसमें 2 से भाग करने पर 
                  19 / 2 = 9.5
आता हैं।

दस का गुणोत्तर *  = 100, 1000, 10000, 100000  इत्यादि हैं।


   दशमलव का गुणा   


 दशमलव का गुणा करना या दशमलव वाली संख्याओं  में गुणा करने का नियम कुछ इस प्रकार है -

  • दशमलव जिस स्थान पर गुणा करने से पहले होता है, उसको गुणा होने के बाद भी उसी स्थान पर रखा जाता है। चाहे गुणा किसी भी संख्या से क्यों न किया गया हो। जैसे :  मानलो  1.5 मे किसी भी संख्या ( 0 और 10 के गुणोत्तरों को छोड़कर किसी भी संख्या का ) का गुणा करेंगे तो दशमलव ईकाई, दहाई, सैकड़ा या फिर हजारवें स्थान पर  हो वह वहीं रहेगा। 1.5 मे क्रमशः 1, 2,3,4,5,.....का गुणा करने पर            
  • 1.5 × 1 = 1.5                     
  • 1.5 × 2 = 3.0                                                           
  • 1.5 × 3 = 4.5                                                           
  • 1.5 × 4 = 6.0                                                           
  • 1.5 × 5 = 7.5                                                           
ऊपर दिए गए उदाहरणों से यह स्पष्ट होता है कि इन सभी में दशमलव दाहिने तरफ से एक अंक पहले है ।


किसी दशमलव वाली संख्या में अगर दस ( 10 ) का गुणा करें तो दशमलव एक अंक दाहिने तरफ जाता है। अगर उसी संख्या में सौ ( 100 ) से गुणा करें तो दशमलव दाहिने तरफ दो ( 2  ) स्थान आगे जाता है। इससे एक बात और साफ होती है कि 1 के पिछे जितने शून्य ( Zero ) होंगे दशमलव उतने ही स्थान आगे जाता है, जैसे : 10 में एक शून्य है तो एक स्थान, 100 में दो शून्य है तो दो स्थान । इसी तरह  जैसे :  मानलो 1.567 में क्रमशः 10,100, 1000 गुणा करने पर

  • 1.567   ×  10  =  15.67                                           
  • 1.567 ×  100  = 156.7                                             
  • 1.567 × 1000 = 1567.0

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