सीधे मुख्य सामग्री पर जाएं

भाग में शून्य या मूल नियम.. By : Possibilityplus.in



    भाग को पूरी तरह से सीखने और समझने के लिए शून्य भागफल कब - कब आता है और कब नहीं। इस पोस्ट को अंत तक जरूर पढ़िएगा तभी यह स्पष्ट होगा। 


       दरअसल शून्य भागफल के बारे में जानकारी बहुत कम लोग ही जानते हैं और यही कारण है कि भाग को पुरी तरह से हल नहीं  कर पाते हैं।


    शून्य भागफल वाली भाग      

        
उदाहरण 1.   2 से 221 में भाग करने की प्रकिया को देखिए ➡️



ऊपर 👆 चित्र में विस्तारपूर्वक भाग को दर्शाया गया है जिससे हर एक चरण ( steps ) अच्छी तरह से समझ में आ जाये। यह चरण इस तरह से है -
  1. सबसे पहले दाहिने 2 को भाग किया गया है।
  2. फिर दूसरे 2 को भाग किया गया है। 
  3. अब 1को निचे उतार लिया। 
  4. चूँकि एक बार भी भाग नहीं जायेगी तो इसे 0 बार ले जाना पड़ा है।
  5. अब भाग  . 5 बार जायेगी ।
  6. घटाने पर शेष शून्य आया है।



     मूल नियम    

ज.  जब भााजक से किसी भाज्य में भाग करते हैं तो भाजक का एक ऐसी संख्या में गुणा करते हैं कि गुणनफल भाज्य के बराबर हो या फिर कम। 

भाजक × संख्या ( भागफल ) = भाज्य 
या
भाजक × संख्या ( भागफल ) < भाज्य 

     यह नियम भाग के सूत्र >>>>>
 ( भाजक × भागफल + शेषफल = भाज्य )  का ही रुप है।





   यह एक ऐसा नियम है जिसपे कुछ भागों को करने से ही भाग अच्छी तरह से सीख सकते हैं। इसमें भाग की हर गलती सामने आ जाती है। इसीलिए इसे  मूल नियम भी कहते हैं।


  चलिए अब इस नियम से देखिए कैसे भाग की जाती है। निचे दिए गए चित्र को देखिए ➡️


         हम देख रहे हैं कि चित्र में 2 से 0.21 में भाग दिया गया है। यहाँ पर आपकाा यह सवाल हो सकता है कि सबसे पहले भाग जीरो ( 0) बार क्यूँ गयी है।
जिस प्रकार अन्य भाज्य में भाग दिया जाता है ठीक उसी प्रकार से 0 में भी भाग करते हैं। कमी यह है कि यह हमें बहुत कम लोग ही बतातें या वो भी नहीं। भाग के नियम के अनुसार भाग देते समय हमें केवल यही देखना है कि भाजक में किसी ऐसी संख्या का गुणा करें कि इनका ( भाजक × संख्या ) गुणनफल भााज्य के बराबर हो या भाज्य से कम ही रहे।


    ( ऊपर उदाहरण में ) चुंँकि भाज्य 0 प्राप्त करने के लिए भाजक 2 में एक ऐसी संख्या का गुणा करना है कि गुुणनफल भाज्य 0   के बराबर हो जाये या फिर  कम रहेे तो इसे समीकरण के रुप में इस तरह से लिखेंगे >>
         भाजक ( 2 ) × संंख्या = भाज्य ( 0 )
           संख्या = 0 / 2 = 0  ( लगभग * )

अतः यह स्पष्ट है कि भाग लगभग 0 बार ही जायेगी।
इसी तरह सभी मानों हल करेंगे।

जीरो के बारे में विशेष जानकारियाँ जानने के लिए इस साइट को अभी Follow करें।

 अब आपका सबसे बड़ा सवाल यह हो सकता है कि लगभग जीरो क्यों तो इस सवाल का जवाब आपके कमेंट पर निर्भर करता है कि आपको यह जानना है कि नही।


आपको यह जानकारी कैसी लगी हमें जरूर बताएँ। धन्यवाद.....





टिप्पणियाँ

इस ब्लॉग से लोकप्रिय पोस्ट

दिशा पता करने का बेस्ट तरीका..

दिशा कैसे पता करते हैं ? 


दुनियाँ के किसी भी कोने में जाओ आप हर जगह पर दिशा पता कर सकते हैं।  हमने यह आर्टिकल उपयोग करने के लिए बनाया है ऊम्मीद है आपके लिए उपयोगी साबित होगा। इस आर्टिकल को अन्त तक जरूर पढिएगा क्योंकि हमने इसमें लगभग सभी संभव तरिके बताएँ हैं जो आपको हर परिस्थितियों में दिशा पता करने के लिए काफी हो सकता है।






   दिशा का पता करने से पहले हम दिशा के बारे कुछ अहम / आवश्यक जानकारी देने जा रहें हैं ताकि दिशा पता करना और आसान हो जाये | इसमे सबसे पहले जानतें हैं दिशा क्या है और इसका महत्व क्या है |



   दिशा ( Direction  ) 


एक ऐसा मैप या साधन जो हमें उत्तर - दक्षिण , पूरब - पश्चिम , उपर - निचे और आगे - पीछे  इन सभी को प्रदर्शित करे दिशा कहलाता है | दिशा मुख्यतः चार प्रकार की हैं ( अगर उपर - निचे को छोड़दे तो ) लेकिन इनको अलग - अलग भागो  मैं बाँटे तो ये दश प्रकार की हो जाती  है | अगर हमें इन चारों के बीच की दिशाओं को बताना है तो चित्रानुसार बतायेंगे।




जैसे हमें पश्चिम और उत्तर केे बीच की दिशा को बताना है तो हम उत्तर-पश्चिम कहेेंगे। इसी तरह से बाकि सभी दिशाओं के बारे में हम कहेेंगे।




मैट्रिक और इण्टरमीडिएट किस कक्षा को कहा जाता है ?

ज हम जानेंगे कुछ ऐसी जानकारी जो बहुत से छात्र - छात्राएँ पढ़ - लिखकर  भी नहीं जान पाते हैं . इसका सीधा कारण है ध्यान से पढा़ई न करना . लेकिन इन्टरनेट ऐसा साधन है जहाँ पर आपको हर जानकारी मिलती है चाहे कैसी भी जानकारी हो वो भी बिल्कुल आसानी और सुलभ तरिके से , इन बातो को यहीं पर विराम देते हुए हम मूल बात पे आते हैं। विज्ञान से संबंधित प्रश्नों को जानने के लिए पढ़ते रहिये। 

इसे भी पढ़ें >>
4 - 4  / 2 =  क्या होगा ?    cos0° = 1 क्यों होता है ? 

        मैट्रीक किसे या किस कक्षा को कहते हैं ?ईन्टर कौन - सी कक्षा को कहते हैं ? 


  मैट्रिक किस कक्षा को कहते हैं ? 
       मैट्रिक का नाम सुन बहुत से लोग यह सोचते हैं कि ये कौन - सी कक्षा है।  आपको बता दें कि मैट्रिक कोई और कक्षा नही है बल्कि  कक्षा - 10 या दसवीं पास को कहते हैं  जिसे हाई स्कूल भी कहा जाता है।  
इसे अंग्रेजी में 10 th ( टेंथ )  भी कहते हैं। मैट्रिक अंग्रेजी शब्द है जिसका मतलब हाईस्कूल पास /दसवीं पास होता है। इससे यह पता चलता है कि मैट्रिक कोई कक्षा नहीं बल्कि कक्षा 10 या दसवीं उत्तीर्ण को सम्बोधन करने वाला शब्द है। 

अगर हाई स्कू…

पृथ्वी गोल क्यों है ?

पृथ्वी गोल क्यूँ होती है ? 
 पृथ्वी गोल है , चौकोर क्यों नही या फिर किसी अन्य रूप मे क्यों नही है, पृथ्वी ही नहीं बल्कि सभी ग्रहों की आकृति लगभग गोल है। याद रखिए कोई भी वस्तु या चीज बिना वजह के गोल , लम्बी , चौंडी , या लाल - पीली नही होती है । यानी कहने का मतलब यह है कि हर वस्तु के रंग और आकार - प्रकार के होने का कोई न कोई कारण जरूर होता है । इसी तरह तरल पदार्थ ( जैसे - जल की बूँदे भी गोल होती हैं ) इसका भी कारण लगभग वही है जो कि पृथ्वी के गोल होने का है ।





चलो हम पहले जान लें कि जल की बूँदें क्यों या कैसे गोलाकार रूप धारण करती हैं क्योंकि इस कारण में ही इसका जवाब है । जैसे ही जल या कोई तरल पदार्थ जब निचे या ऊपर की तरफ फेंका जाता है तो जल के सबसे ऊपरी हिस्से में गती पहले आती है जिसके कारण वो हिस्सा या भाग पहले बाहर आता है और जैसे ही बाहर आता ( जल का वह भाग जो पहले गती में आता है ) है तो वातावरण के दबाव के कारण ( वो जल का हिस्सा )  जल कई छोटी - छोटी बूदोँ का रूप धारण कर लेता है दरअसल पानी की बूदों पर वातावरण का समान दबाव लगता है जिसके कारण ये गोलाकार रूप धारण करता है और एक कारण यह भी है…
Disclaimer | Privacy Policy | About | Contact | Sitemap | Back To Top ↑
© 2017-2020. Possibilityplus