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प्लास्टिक की गिलास में खौलते चाय / दूध डालने पर भी गिलास क्यों नहीं गलती ?


आप सभी का स्वागत है इस वैज्ञानिकरुपी सवाल में। हममें से बहुतों के मन में यह सवाल कभी न कभी उठा होगा कि इतने पतले प्लास्टिक की गिलास 🥛 में खौलते हुए दूध / चाय ☕या कोई अन्य द्रव को डालने पर भी यह क्यों नहीं फटती / गलती है। यह हमारे मन में आश्चर्य का भाव पैदा करती है।




 चलिए अब इस जिज्ञासा को शांत करने के लिए इसके उत्तर की तलाश करते हैं विज्ञान की छांव से।





  कारण और खासियत   



         प्लास्टिक के गिलास के ना फटने / घलने का कारण वैज्ञानिक है। 

खासियत
प्लास्टिक की गिलास पतली होने के कारण इसमें चाहे खौलता हुआ पानी , चाय या दूध डाले  यह नहीं फटती / गलती है। 









        कारण ( Reason ) 
                     प्लास्टिक हो या कांच अगर इनकी गिलास हो और इनमें खौलता हुआ दूध, चाय - पानी आदि डालते हैं तो गिलास के अन्दर और बाहर की तली का तापान्तर बहुत ही कम रह जाता है क्योंकि गिलास बहुत पतली होती है। तो तापान्तर ही इसकी खास वजह है और  इसीलिए प्लास्टिक की गिलास को पतली बनायी जााती है जिससे यह गले ना। 
अगर गिलास को मोटी बनाई जाये और इसमें खौलता हुआ पानी / दूध या फिर कोई अन्य तरल पदार्थ डाले तो अधिक तापान्तर के कारण गिलास के अन्दर की तली का तापमान ज्यादा और गिलास के बाहरी तली का तापमान कम होगा। परिणामस्वरूप गिलास के आन्तरिक तली ज्यादा फैलने लगेगी और बाहरी तली कम फैलेगी जिससे गिलास फट जायेगी। इसका एक उदाहरण है कि प्लास्टिक की बहुत ही पतली पन्नी भी नहीं गलती गर्म चाय डालने पर। 





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