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चाल और वेग में इतना बड़ा.. अंतर , कैसे जाने। by : Possibilityplus.in

 

  चाल और वेग में अन्तर की जानकारी विज्ञान के क्षेत्र में बहुत ज्यादा महत्वपूर्ण है। क्योंकि इसके बिना जाने हम आगे यह तय नहीं कर पाएंगे कि किसकी कौन-सी गति है।



चाल से ज्यादा वेग का महत्व होता है , मगर इससे भी अधिक महत्वपूर्ण यह बात होती है कि कौन सी वस्तु चाल अथवा वेग से गति कर रही है। हममें से बहुतों यह लगता है कि चाल और वेग दौनों एक ही है। इन्हीं  कारणों से यह पोस्ट बनाना पड़ा है।




इस पोस्ट को अंत तक जरूर पढ़ना क्योंकि इसमें बहुत ही खास / महत्वपूर्ण जानकारियाँ मिलनेेवाली है।
चलिए कुुछ  सवालों को देखते हैंं ? 
  1. किसी वाहन की गति चाल या वेग में से किसके अन्तर्गत आती है ? 
  2. पृथ्वी की गति चाल या वेग में से किसके अन्तर्गत आती है ? 
  3. जब कोई वस्तु गुरुत्वीय क्षेत्र में फेंकी जाती है तो उसकी गति चाल या वेग में से किसके अन्तर्गत आती है ? 
  4. पेड़ से फल का गिरना किसके अन्तर्गत आता है चाल या वेग ? 

इन सभी सवालों को देखने पर हमें इसकी महत्ता की जानकारी समझ में आना शुरू हो जायेगी। चलिए इन दोनों को जानते हैं एक - एक करके -




  चाल ( Speed )

               कीसी वस्तु द्वारा एकांक समय में चली गई दूरी को उस वस्तु की चाल (speed) कहते हैं।
या किसी वस्तु द्वारा चली गयी दूरी के परिवर्तन की समय - दर को वस्तु की चाल कहते हैं।

     चाल का सूत्र

                   मान लिजिए कोई वस्तु Δt समय के अन्तराल में Δs दूरी तय करती है तो दूरी के परिवर्तन की समय - दर अथवा 
चाल = दूरी में परिवर्तन / समय में परिवर्तन
या.    V = Δs / Δt
मात्रक = दूरी का मात्रक / समय का मात्रक
        = मीटर / सेकंड

चूंकि हम यह देख रहे हैं कि इसमें कहीं पर भी दिशा का कोई जिक्र नहीं किया गया है, इससे यह बात स्पष्ट हो रही है कि चाल का दिशा से कोई नाता नहीं है। इसलिए यह अदिश राशि है।






      वेग ( Velocity )

            किसी वस्तु के एकांक समय में विस्थापन को वेग कहते हैं।
                              या
विस्थापन की समय - दर को वस्तु का वेग कहते हैं।
                               या
 किसी गतिमान वस्तु के द्वारा विस्थापन में  होने वाले परिवर्तन के समय दर को उस वस्तु का वेग कहते हैं। इसका मात्रक भी मीटर / सेकंड है। चुंकि विस्थथापन सदिश राशि है।

              उदाहरण:    मानलो कोई कार 40 किमी / घण्टा से चलती है। यह कथन यह जानकारी देता है कि कार दिशा के बारे में कोई जानकारी नहीं दे रहा है। इसलिए यह चाल कहलायेगी। पर अगर यह बात कही जाये कि कार पूर्व, पश्चिम, उत्तर और दक्षिण दिशा में से किसी दिशा में आगे बढ़ रही है तो इस कथन को कार की चाल नहीं बल्कि वेग कहेंगे।
    चुंकि वेग सदिश राशि है तो किसी भी सदिश राशि को व्यक्त करने के लिए ➝ चिन्ह का उपयोग किया जाता है। यह चिन्ह परिमाण के उपर लगाया जाता है। जैसे -   विस्थापन  Δs⟶       
को से प्रदर्शित करते हैं। वेग को निचे चित्र मेें दिखाया गया है।




चाल और वेग में अन्तर 


याद रखिए : 

  1. चाल और वेग को बांटने वाली वस्तु सिर्फ और सिर्फ दिशा ही है। 
  2. किसी भी वस्तु की गति में अगर गति के साथ - साथ दिशा की भी जानकारी मिलती है तो वह वेग वाली गति होगी। 
जैसे : 
  • पेड़ से फल 🥝 गिरते हैं। 
  • राकेट को अंतरिक्ष में प्रक्षेपित किया जाता है। 
  • पृथ्वी पश्चिम से पूर्व की ओर गति करते हुए जाती है। 
  •  हवाई जहाज मुंबई से दिल्ली जा रहा है। 
  • सूर्य ☀ की रौशनी पृथ्वी पर आती है। इत्यादि.. 



पेड़ से फल 🥝 गिरते हैं। अब आपका सवाल यह हो सकता है कि इसमें दिशा का जिक्र नहीं किया गया है पर यह कैसे वेग वाली गति है.? 
दरअसल हर जगह दिशा को बताने की जरूरत नहीं होती है, क्योंकि वह वाक्य में छुपी हुई होती है। अब ध्यान दीजिये कि " पेड़ से फल 🥝 गिरते हैं।" तो यह बात स्पष्ट है कि फल निचे की तरफ ही गिरेंगे। तो दिशा आ गयी कि नहीं। 
इसी तरह " राकेट को अंतरिक्ष में प्रक्षेपित किया जाता है " इसमें भी दिशा है पर थोड़ा सा ध्यान देने की जरूरत है। चूंकि अंतरिक्ष आकाश को कहते हैं और * आकाश ऊपर 👆 की तरफ है। इस इसलिए यहाँ भी दिशा की जानकारी मिली है। अतः यह भी सदिश राशि है। इसी तरह से हम वस्तु की गति को पहचान सकते हैं और उसकी गणना भी आसानी से कर सकते हैं। 




* विशेष : आसमान सिर्फ धरती 🌏 के ऊपर ही नहीं बल्कि इसके निचे भी है। 



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