सीधे मुख्य सामग्री पर जाएं

सतत , वितत या मिश्रित भिन्न ( continues fraction ) by : Possibilityplus.in





   ऐसी भिन्न जो कई भिन्नों का समूह हो या कई भिन्ने  एक के बाद एक किसी एक भिन्न के हर से वृक्ष की शाखाओं के रूप में जुड़ी हों तो ऐसी भिन्न को मिश्रित, वितत या सतत भिन्न ( continues fraction ) कहते हैं। चलिए इसके बाारे में A to Z ( ए टू जे़ड ) जानकारियाँ लेते हैं।




     आर्टिकल के बारे में संक्षिप्त जानकारी 💡
          यह आर्टिकल गणितज्ञ और टेक्निकल लोगों के लिए बड़ा महत्वपूर्ण है क्योंकि मिश्रित भिन्न बहुव्यापी है।  इसका उपयोग हर क्षेत्र में किया जाता है। इसलिए इस  आर्टिकल को पुरी तरह से ध्यान  साथ पढ़िएगा।    



सतत भिन्नों का योग 🔖


सवाल 1.

का योग ज्ञात करें। 





हल : सबसे पहले 1 + 1/2 जोड़ना होगा। या यूँ कहें कि निचे जोड़ते हुए ऊपर की तरफ बढ़ते हैं।
इसलिए.             1 + 1/2 = ( 1×2 + 1 ) / 2
                                     = 3/2.

इस मान को रखने पर भिन्न हो जायेगी -
                       1 + 1 / ( 3/2 ) 
अब यहाँ से इसे दो तरिकों से हल कर सकते हैं -
पहला तरीका 
        इसमें    1 / ( 3/2 )  ,  2 का 1 के साथ गुणा होगा। 2 का गुणा 1 में इसलिए हो रहा है क्योंकि 3 में 2 की भाग है यानी 2, 1 का सहगुणनखंड  है।
तब भिन्न                2/3,    हो जायेगी।
अब भिन्न    1 + 2/3  हो जायेगी। 

इनको जोड़ने पर,      ( 1 × 3 + 2 ) / 3 = 5/3       - Ans.





दूसरा तरिका 




इस तरह से हल करते हैं। यहाँ पर दोनों विधियों के बारे में बताया गया जिससे आपको कोई संसय ना रहे। चलिए अब और बड़े सवालों को देखते हैंं।


सवाल 2. 

हल : सबसे पहले 3 + 1/4 को हल करना होगा। तब 
3 + 1/4  =  ( 3×4 + 1 ) / 4
              =  13 / 4. 

अब  2 + 1 / ( 13/4 ) का योग करना होगा। तब
2 + 1 / ( 13/4 ) = 2 + 4/13
                         = ( 2×13  +4 ) / 13
                         =  ( 26 + 4 ) / 13
                         = 30 / 13
 अतः Ans.        = 30 / 13.




सतत भिन्नों का घटना 🔶




सवाल 1. 



हल :  घटाने में भी निचे से ऊपर की तरफ हल करते जाते हैं।

बस फर्क इतना है कि इसमें घटाते हैं। 
 तब 3 - 1/0 को हल करने पर,
( 3×0 - 1 ) / 0 = - 1 / 0.

अब इस मान को भिन्न में रखेगें तब भिन्न
2 - 1 / ( - 1/0 ) = ( 2 - 1 × 0 ) / - 1
                        =  - 2

अब इस मान को भिन्न में रखेगें तब भिन्न
1 - 1 / - 2 =  ( 1×-2 - 1 ) / - 2
                =  ( - 2 - 1 ) / - 2
                =. - 3 / - 2
                = 3 / 2

उत्तर         = 3/2.



सतत भिन्नों का गुणा  


सवाल 1.  



हल :  यह सतत भिन्न का गुणा है। जब एक भिन्न में दूसरी भिन्न से भाग किया जाता है तब ऐसा होता है। इसमें जिस भिन्न से भाग करते हैं उसके हर का गुणा पहले वाली भिन्न के अंश में हो जाता है। 

 भिन्न का  अंश / हर    या  ( 1 × 1 ) /  2 × 1 = 1 / 2.

तथा   3 × 1 / 4 = 3 / 4
            
अब  ( 3 / 4 )  से 1 / 2 में भाग करनी होगी। 
तब.    ( 1 / 2 ) / ( 3 / 4 ) = 4 / 2 × 3
                               = 4 / 6.
उत्तर -              4 / 6



अगर 4 के स्थान पर हो तो हल क्या होगा ? 


सवाल 2.  


हल :   पहले वाले उदाहरण की भांति  हल करने पर, 
3 × 1 / 0  या ( 3 × 1 ) / 0 
              = 3 / 0.

इसके बाद  1 × 1 से 2 × 1  का मान निकालेंगे । तब

तब,           1 × 1 / 2 × 1  = 1 / 2.

अब ( 3 / 0 )  से ( 1 / 2 ) में भाग करना होगा। तब
 ( 1 / 2 ) / ( 3 / 0 ) =  0 / 6.

उत्तर -                0 / 6.







सतत भिन्नों की भाग   



इसमें सबसे पहले भाग वाले चिन्ह ÷ को हल करना होता है और इसके बाद नीचे से हल करते हुए ऊपर की तरफ जाते हैं। 


सवाल 1. 




हल : सबसे पहले भाग ( ➗ ) वाले चिन्हों को हल करते हैं ( ऊपर या निचे किधर से भी हल कर सकते हैं ) । 

तब,            ( 1 ÷ 1 ) = 1.
                  ( 2 ÷ 1 ) = 2
और       ( 3 ÷ 1 / 4 ) = ( 3 / 1 / 4 ) 
                                = 12 / 1 या  12.

         1 / 2 / 12 / 1 = 1 / 12 × 2 
                              =  1 / 24.
अब भिन्न इस तरह हो जायेगी। 
अतः उत्तर -      1 / 24.





आपको यह पोस्ट कैसी लगी कमेंट जरुर करें । धन्यवाद... 



टिप्पणियाँ

इस ब्लॉग से लोकप्रिय पोस्ट

दिशा पता करने का बेस्ट तरीका..

दिशा कैसे पता करते हैं ? 


दुनियाँ के किसी भी कोने में जाओ आप हर जगह पर दिशा पता कर सकते हैं।  हमने यह आर्टिकल उपयोग करने के लिए बनाया है ऊम्मीद है आपके लिए उपयोगी साबित होगा। इस आर्टिकल को अन्त तक जरूर पढिएगा क्योंकि हमने इसमें लगभग सभी संभव तरिके बताएँ हैं जो आपको हर परिस्थितियों में दिशा पता करने के लिए काफी हो सकता है।






   दिशा का पता करने से पहले हम दिशा के बारे कुछ अहम / आवश्यक जानकारी देने जा रहें हैं ताकि दिशा पता करना और आसान हो जाये | इसमे सबसे पहले जानतें हैं दिशा क्या है और इसका महत्व क्या है |



   दिशा ( Direction  ) 


एक ऐसा मैप या साधन जो हमें उत्तर - दक्षिण , पूरब - पश्चिम , उपर - निचे और आगे - पीछे  इन सभी को प्रदर्शित करे दिशा कहलाता है | दिशा मुख्यतः चार प्रकार की हैं ( अगर उपर - निचे को छोड़दे तो ) लेकिन इनको अलग - अलग भागो  मैं बाँटे तो ये दश प्रकार की हो जाती  है | अगर हमें इन चारों के बीच की दिशाओं को बताना है तो चित्रानुसार बतायेंगे।




जैसे हमें पश्चिम और उत्तर केे बीच की दिशा को बताना है तो हम उत्तर-पश्चिम कहेेंगे। इसी तरह से बाकि सभी दिशाओं के बारे में हम कहेेंगे।




मैट्रिक और इण्टरमीडिएट किस कक्षा को कहा जाता है ?

ज हम जानेंगे कुछ ऐसी जानकारी जो बहुत से छात्र - छात्राएँ पढ़ - लिखकर  भी नहीं जान पाते हैं . इसका सीधा कारण है ध्यान से पढा़ई न करना . लेकिन इन्टरनेट ऐसा साधन है जहाँ पर आपको हर जानकारी मिलती है चाहे कैसी भी जानकारी हो वो भी बिल्कुल आसानी और सुलभ तरिके से , इन बातो को यहीं पर विराम देते हुए हम मूल बात पे आते हैं। विज्ञान से संबंधित प्रश्नों को जानने के लिए पढ़ते रहिये। 

इसे भी पढ़ें >>
4 - 4  / 2 =  क्या होगा ?    cos0° = 1 क्यों होता है ? 

        मैट्रीक किसे या किस कक्षा को कहते हैं ?ईन्टर कौन - सी कक्षा को कहते हैं ? 


  मैट्रिक किस कक्षा को कहते हैं ? 
       मैट्रिक का नाम सुन बहुत से लोग यह सोचते हैं कि ये कौन - सी कक्षा है।  आपको बता दें कि मैट्रिक कोई और कक्षा नही है बल्कि  कक्षा - 10 या दसवीं पास को कहते हैं  जिसे हाई स्कूल भी कहा जाता है।  
इसे अंग्रेजी में 10 th ( टेंथ )  भी कहते हैं। मैट्रिक अंग्रेजी शब्द है जिसका मतलब हाईस्कूल पास /दसवीं पास होता है। इससे यह पता चलता है कि मैट्रिक कोई कक्षा नहीं बल्कि कक्षा 10 या दसवीं उत्तीर्ण को सम्बोधन करने वाला शब्द है। 

अगर हाई स्कू…

पृथ्वी गोल क्यों है ?

पृथ्वी गोल क्यूँ होती है ? 
 पृथ्वी गोल है , चौकोर क्यों नही या फिर किसी अन्य रूप मे क्यों नही है, पृथ्वी ही नहीं बल्कि सभी ग्रहों की आकृति लगभग गोल है। याद रखिए कोई भी वस्तु या चीज बिना वजह के गोल , लम्बी , चौंडी , या लाल - पीली नही होती है । यानी कहने का मतलब यह है कि हर वस्तु के रंग और आकार - प्रकार के होने का कोई न कोई कारण जरूर होता है । इसी तरह तरल पदार्थ ( जैसे - जल की बूँदे भी गोल होती हैं ) इसका भी कारण लगभग वही है जो कि पृथ्वी के गोल होने का है ।





चलो हम पहले जान लें कि जल की बूँदें क्यों या कैसे गोलाकार रूप धारण करती हैं क्योंकि इस कारण में ही इसका जवाब है । जैसे ही जल या कोई तरल पदार्थ जब निचे या ऊपर की तरफ फेंका जाता है तो जल के सबसे ऊपरी हिस्से में गती पहले आती है जिसके कारण वो हिस्सा या भाग पहले बाहर आता है और जैसे ही बाहर आता ( जल का वह भाग जो पहले गती में आता है ) है तो वातावरण के दबाव के कारण ( वो जल का हिस्सा )  जल कई छोटी - छोटी बूदोँ का रूप धारण कर लेता है दरअसल पानी की बूदों पर वातावरण का समान दबाव लगता है जिसके कारण ये गोलाकार रूप धारण करता है और एक कारण यह भी है…
Disclaimer | Privacy Policy | About | Contact | Sitemap | Back To Top ↑
© 2017-2020. Possibilityplus