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कोरोना वायरस के लक्षण और बचाव के सही तरीके




  कोरोना वायरस आज भारत ही नहीं बल्कि दुनिया के अनेक देशों के लिए काल साबित हो रहा है और इसलिए इसे महामारी घोषित कर दिया गया है। हम सभी यह बात जानते होंगें कि यह वायरस चीन ( चाइना ) से फैला हैै और बहुत ही ज्यादा खतरनाक है क्योंकि यह बहुत तेजी से से फैलता है।



कोरोना वायरस के लक्षण 

 इस वायरस के लक्षण शुरुआत में ऐसे हैं कि मनुष्य को पता ही नहीं चल पाता है कि यह सामान्य सर्दी-जुकाम तथा बुखार है या कोरोना संक्रमण है पर जब यह अधिक परेशान करे या न भी परेशान करे तो भी हमें डॉक्टर से चेक या टेस्ट जरूर करवा लेना चाहिए क्योंकि इस बिमारी के लक्षण शर्दी, खाँसी, जुखाम और सांस  फूलना है। इसलिए शर्दी, खाँसी, जुखाम और सांस फूलने में से कोई भी समस्या हो तो डॉक्टर से जरूर संपर्क करना चाहिए। इसमें सबसे बड़ी बात यह है कि हमें घबराना नहीं है बल्कि अपनेआप को मोटिवेट करना है।
   मोटिवेशन या योग एक ऐसा उपाय है जो हमें हर प्रकार की विपत्ति या फिर बिमारियों में बहुत मदत करता है । कैसे करना है इसके बारे में हम आगे इस पोस्ट में पढ़ेगें। 



उपचार / बचाव के तरीके 

 उपचार की बात करें तो इसका उपचार अभी तक संभव नहीं हुआ है और इसीलिए बचाव ही इसका सबसे बड़ा उपचार और उपाय है। अब हमें यह जानना है कि अपना बचाव या उपचार कैसे करना है। 


  सावधानियाँ 


दुनियाँभर के डाॅक्टर और वैज्ञानिक इस बिमारी की दवा 💊 को खोजने में लगे हुए हैं परंतु उन्हें कोई सफलता नहीं मिली है परंतु कुछ ऐसे कारणों का पता चला है जिनसे इस बिमारी से बचा जा सकता है जो निम्नलिखित हैं -
  1. अपनेआप को हर अन्जान या संक्रमित व्यक्ति महिला/बच्चों से कम से कम 2मीटर की दूरी पर रखें।
  2. जब बहुत आवश्यक हो तो ही घर से बाहर निकलें। 
  3. घर से बाहर जाते समय मास्क जरूर लगायें।
  4. अगर मास्क ना हो तो रुमाल या अन्य साप - सूथरे कपड़े से मुँह और नाक को ढक लें।
  5. कोई भी खाने वाली वस्तुओं को छुने या खाने से पहले कम से कम 20 सेकेंड तक हाथों को साबुन या सेनेटाइजर से धोंएँ।
  6. 10 वर्ष से कम उम्र के बच्चों तथा 60 वर्ष के ऊपर सभी लोगों को इसका ज्यादा खतरा है।




 

सावधानियाँ के स्पष्टीकरण 

 ऊपर दी गई बातों से स्पष्ट है कि देश-विदेश में लाॅकडाउन इसिलिये किया गया है जिससे कि इस बिमारी से जल्द से जल्द छुटकारा पाया जा सके। दरअसल यह बिमारी छींकने से अत्यंत तिव्र गति से फैलती है। अगर आपका सवाल है कि कैसे ? तो इसका बड़ा सिधा जवाब है कि जब कोई संक्रमित व्यक्ति ( चाहे वो कोई भी हो ) छींकता है तो उसके शरीर के अंदर मौजूद कुछ वायरस बाहर आ जाते हैं और यह छींक 🤧 जहाँ पड़ती है वायरस वहीं पर स्थान्तरित हो जाता है। इसीलिए अगर हम सभी अगर 1, 1.5 मीटर नहीं बल्कि 2 मीटर की दूरी बनाये रखें तो बहुत ही ज्यादा सुरक्षित होगा। क्योंकि छींक 1 से 1.5 मीटर तक जा सकती है। दूसरी बात अगर हम मास्क लगाएँ हैं तो यह छींक 1 मीटर भी नहीं पहुंच सकती है। इस तरह ये दोनो तरिके बहुत हद तक इस वायरस को फैलने से रोकते हैं। इसी तरह हाथों को 20 सेकेंड तक धोने की सलाह दी जा रही है क्योंकि अगर मान लिया जाने - अनजाने कोरोना वायरस आपके हाथों पर पहुंच जाता है तो इसको धोना पड़ेगा। 



 कोरोना होने पर क्या करना चाहिए ? 

    कोरोना हो या ना हो हमें सबसे पहले ऊपर 👆 बताई गई सावधानियों का पालन करना ही है। अगर हमें हमारा चेकअप कराने के बाद कोरोना पाजीटीव आता है तो  इसका मतलब यह नहीं है कि हम ठीक नहीं हो सकते हैं बिल्कुल ठीक हो सकते हैं। हमारे ठीक होने की संभावना उतनी ही ज्यादा होगी जितना हम अपने आप को या किसी अन्य को जिसे यह बिमारी हुई हो यह विश्वास दिला पायें कि हम जल्द ही ठीक हो जायेंगे। हम अपनी रोग प्रतिरोधक क्षमता दो मुख्य तरीके से बढ़ा सकते हैं। 

         भौतिक साधन द्वारा 

 भौतिक साधनों में हमें संतरे या खट्टी खाद्य पदार्थों को खाने से रोग प्रतिरोधक क्षमता बढ़ती है जिससे किसी भी रोग से लड़ने में मदत मिलती है और बिमारी जल्द से जल्द दूर होती है। इसके अलावा हरी शब्जियों का सेवन भी बहुत फायदेमंद होता है। यही नहीं अगर दूध, सेब, पपीता मिले तो फिर क्या बात है, इन सभी मेें अनेक प्रकार की विटामिन पर्याप्त माात्रा में मिलती हैं। 

  मनोबल/योग द्वारा 

     यह तरीका दूसरे नम्बर पर भले ही है पर यह हमें हर समय हर जगह मिल सकता है। कहते हैं
  'मन के हारे हार है और मन जीते जीत है।' 





यह लाईन या पंक्ति यूँही नहीं है इसमें बड़ा ज्ञान है। 
इसका अर्थ यह है कि अगर हम किसी भी काम को मन में जीत लें तो समझिए हमने आधी से ज्यादा जीत पक्की कर ली है। हमें किसी भी रोग में यह अनुभव करना है कि हमें अच्छा महसूस हो रहा है, हम / मैं पहले से ज्यादा ठीक महसूस कर रहे हैं। इसको हम जितनी गहराई तक महसूस करेंगे हमारे ठीक होने की उतनी  ही ज्यादा संभावना होगी ।
    अगर आप 60 वर्ष से ऊपर के हैं तो भी कोई बात नहीं क्योंकि आपको बस यह सोंच की मैं बहुत अच्छा महसूस कर रहा हूं को अत्यंत गहराई तक महसूस करना है। फर्क आपके / हमारे महसूस करने पर निर्भर करता है जितना ज्यादा फील या अनुभव करेंगे उतना ही अधिक सकारात्मक परिणाम मिलेगा, पर इसका मतलब यह नहीं है कि आपको पता हो कि आपको कोरोना हुआ है और हम घर पर बैठकर ये सब करने लगे । यहां पर मेरे कहने का मतलब यह है कि आपको आपके इलाज के समय ऐसा करना चाहिए।  चलिए इसको साधारण शब्दों में समझते हैं। हम जब स्वस्थ होते हैं तब हमें अच्छा लगता है या महसूस होता है। इसका मतलब यह है कि अगर हम किसी भी तरीके से अच्छा महसूस करने लगे तो हम स्वस्थ होने लगते हैं। चाहे तरिका कोई भी हो अच्छा महसूस करने के लिए इससे फर्क नहीं पड़ता है। ये बातें भलें ही बहुत कठिन हों पर असंभव नहीं है। प्रयास ही कठीनता को कम और सफलता को बढ़ाता है।
 

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जैसे हमें पश्चिम और उत्तर केे बीच की दिशा को बताना है तो हम उत्तर-पश्चिम कहेेंगे। इसी तरह से बाकि सभी दिशाओं के बारे में हम कहेेंगे।




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  2 / 5 = ( 2 / 5 )  × 100 = 40 %    2 / 5 = ( 2 / 5 ) × 100 % = 40 %  2 / 5 = 40 / 100 = 40 %


    इन तीनों में पहला गलत है और बाकी दोनों सही हैं। क्योंकि पहली वाले हल में हमें यह स्पष्ट दिख रहा है कि अगर हम 100 में भाग करें तो 2 × 20 = 40 तो मिलेगा पर हर के स्थान पर हमें 100 मिल ही नहीं रहा है तो इसे हम प्रतिशत के रूप में कैसे लिख सकते हैं। अतः यह गलत है। रही बात बाकी दो तरिकों की तो इन दोनों में ही हमें हर के स्थान पर 100 मिल रहा है। दूसरे वाले विकल्प में 1 / 100 = % लिखा गया है।





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