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कोरोना वायरस के लक्षण और बचाव के सही तरीके

कोरोना वायरस आज भारत ही नहीं बल्कि दुनिया के अनेक देशों के लिए काल साबित हो रहा है और इसलिए इसे महामारी घोषित कर दिया गया है। हम सभी यह बात जानते होंगें कि यह वायरस चीन ( चाइना ) से फैला हैै और बहुत ही ज्यादा खतरनाक है क्योंकि यह बहुत तेजी से से फैलता है।

कोरोना वायरस के लक्षण   इस वायरस के लक्षण शुरुआत में ऐसे हैं कि मनुष्य को पता ही नहीं चल पाता है कि यह सामान्य सर्दी-जुकाम तथा बुखार है या कोरोना संक्रमण है पर जब यह अधिक परेशान करे या न भी परेशान करे तो भी हमें डॉक्टर से चेक या टेस्ट जरूर करवा लेना चाहिए क्योंकि इस बिमारी के लक्षण शर्दी, खाँसी, जुखाम और सांस  फूलना है। इसलिए शर्दी, खाँसी, जुखाम और सांस फूलने में से कोई भी समस्या हो तो डॉक्टर से जरूर संपर्क करना चाहिए। इसमें सबसे बड़ी बात यह है कि हमें घबराना नहीं है बल्कि अपनेआप को मोटिवेट करना है।    मोटिवेशन या योग एक ऐसा उपाय है जो हमें हर प्रकार की विपत्ति या फिर बिमारियों में बहुत मदत करता है । कैसे करना है इसके बारे में हम आगे इस पोस्ट में पढ़ेगें। 


उपचार / बचाव के तरीके   उपचार की बात करें तो इसका उपचार अभी तक संभव नहीं हुआ ह…

24 घंटे नहीं होते हैं एक दिन में, बात पक्की है..

अगर हम किसी भी व्यक्ति से यह पूछें कि एक दिन में कुल कितने घण्टे होते हैं तो 90% संभावना (possibity) है कि वह व्यक्ति हमें यही जवाब देगा कि  " एक दिन में कुल 24 घंटे होते हैं "



और उसे जवाब देने में महज एक सेकेंड या इससे भी कम समय लगेगा। परन्तु वास्तविकता यह है कि एक दिन में कुल 24 घंटे नहीं होते हैं तो फिर कितना होता है और क्यूँ ? यह जानना बहुत जरूरी है।
24 घण्टे से थोड़ा कम होता है एक दिन का समय.    एक दिन में 24 घण्टे नहीं होते हैं बल्कि 23 घण्टे 56 मिनट और 4.100 सेकेंड होता है। अब हमारे मन में यह सवाल उठ सकता है कि ऐसा क्यों है ?











 दिशा पता करने का बेस्ट तरिकासूर्य सुबह और शाम को लाल क्यूँ होता है ? Bodmas नियम फेल कैसे और क्यों ?


और अगर ऐसा है भी तो हमें लोग क्यों नहीं बताते हैं।
दरअसल 24 घण्टे में केवल 3.931667 मिनट कम होते हैं जो कि लगभग बहुत कम है और इसलिए साधारण बोलचाल में हम 24 घण्टे ही कहते हैं। अब एक सवाल यह भी है कि आखिरकार 24 घण्टे क्यों नहीं होते हैं एक दिन में तो इसका जवाब है, पृथ्वी की गति।



क्या कारण है कि 24 घण्टे नहीं होते हैं एक दिन में ?    हम जाानते…

सूर्य अथवा चन्द्र ग्रहण कब और क्यूँ लगता है

सूर्य ग्रहण हो या चन्द्र ग्रहण ये घटना जब होती है तो ज्योतिष शास्त्र के अनुसार हमें कुछ सावधानियां बरतने को कहा जाता है। पर हममें से अधिकांश लोगों को यह समझ में ही नहीं आता कि भला सूर्य अथवा चन्द्र ग्रहण से हमारे जीवन में क्या और क्यूँ प्रभाव पड़ेगा। 

सूर्य ग्रहण हो या चन्द्र ग्रहण दोनों में एक बात यह मिलती है कि सूर्य हर ग्रहण में एक किनारे होता है , जबकि चन्द्रमा और पृथ्वी कभी बीच में तो कभी किनारे पर होते हैं। यह स्थिति कब और कैसे आती है इन सभी सवालों को जानते हैं।

सूर्य ग्रहण   सूर्य ग्रहण तब लगता है, जब सूर्य और पृथ्वी के बीच में चन्द्रमा आ जाता है।

सवाल नम्बर . 01 : सूर्य और पृथ्वी के बीच चन्द्रमा कब और क्यूँ आता है ? 
 जैसा कि हम सब यह जानते हैं कि सूर्य के चारो ओर पृथ्वी चक्कर लगाती हुए अपनी धुरी पर भी घमती है और पृथ्वी के इर्द-गिर्द या चारो तरफ चन्द्रमा भी चक्कर लगाता है। चक्कर लगाते - लगाते एक समय ऐसा आता है कि चन्द्रमा सूर्य और पृथ्वी के बीच में आ जाता है और इसी घटना को सूर्य ग्रहण कहते हैं। यह घटना एक वर्ष के अन्दर आ सकती है।


 सूर्य ग्रहण जितना लम्बा होगा इसके लगने में य…

केले का पेड़ पानी में क्यों नहीं डूबता ?

www.possibilityplus.in पर आप सभी का स्वागत है। इस आर्टिकल में हम केले के पेड़ का पानी में ना डूबने के कारण को जानेंगे।
केले का पेड़ पानी में क्यों नहीं डूबता ? यह प्रश्न वैज्ञानिक, तार्किक,  उपयोगी और मजेदार भी है। इसके ना डूूबने की वजह है इसके अन्दर मौजूद पानी की मात्रा। जी हाँ पानी की मात्रा ही वह असल वजह है जो इसे पानी या जल के अंदर डूबने से बचाता है।         यह उत्तर मोटे तौर पर पर जो यह तो बता रहा है कि किसके कारण ऐसा होता है, मगर हमें बात हजम नहीं हो रही है अथवा पुरी तरह से समझ में नहीं आया है। चलिए सरल और वैज्ञानिक तरीके से समझते हैं।


स्पष्टीकरण :  पानी  में कोई वस्तु डूबेगी या नहीं यह दो ✌️ बातों पर निर्भर करता है -
पहली बात : वस्तु का घनत्व।  दूसरी बात : वस्तु की आकृति 

पहली बात के अनुसार 
      पहली स्थिति के अनुसार यदि जिस भी वस्तु का घनत्व पानी के घनत्व से अधिक होगा वह वस्तु पानी में अंदर चली जायेगी अथवा डूब जायेगी। 
इसके विपरीत अगर वस्तु का घनत्व कम हो तो वस्तु पानी में नहीं डूबेेगी ( थोड़ा - बहुत हिस्सा ही जल के अंदर रहेगा ) बल्कि पानी के ऊपर तैरेगी। 

और अगर वस्तु का घनत्व प…

गणित के सवाल - जवाब ( by : Possibilityplus.in )

आपके प्रश्न ( Your question )   सवाल - जवाब में आपका स्वागत है। हमारे एक मित्र दर्शक ने पूछा है कि 923 में 4 से जब भाग करते हैं तो 3 शेषफल आता है, तो भाग 0 बार जाती है तो  ठीक है पर जब हम 25 में 4 से भाग देते हैं तो शेषफल 1 बचता है और 923 वाली भाग की तरह अगर इसमें भी 1 में भाग देते समय 0 बार भाग लेकर जाये तो भागफल 60 हो जायेगा जो कि गलत है , तो सही नियम क्या है ?  बतायें।
 हमारे उत्तर ( Our answer )              भाग करने की मूल प्रक्रिया और नियम जानने के लिए यह पोस्ट ध्यान से पढ़िएगा। भाग करने का मूल नियम इस प्रकार है - भाजक से किसी ऐसी संख्या में गुणा करें कि गुणनफल भाज्य के बराबर हो जाये या फिर थोड़ा कम रहे। भाग शून्य बार तभी जाती है जब भागफल ईकाई से भी कम हो या शून्य के आलावा कोई विकल्प ना हो।


उदाहरण ( Examples )        उपर्युक्त नियमों को समझने के लिए हम छोटे-छोटे उदाहरणों को देखना आवश्यक है।
अगर हम 7 से 1 में भाग करें तो भागफल कितना आयेगा यह हमें अंदाजा लगाना पडे़गा। हमें 7 में एक ऐसी संख्या का गुणा करना होगा जिससे कि इनका गुणनफल ( 7 × ?  = 1 या 0.9, 0.8, 0.7 ) के बराबर हो जाये…

सुबह में सूर्य लाल क्यों दिखाई देता है ।। full details in hindi by Possibilityplus ।।

सूर्य का लाल रंग में ( सूर्योदय और सूर्यास्त के समय में ) दिखना एक प्राकृतिक घटना है जिसे हम वैज्ञानिक तर्क के आधार पर समझेंगे। उससे पहले लोगों की राय इसके बारे में क्या है उसे जान लेते हैं।



 बहुतों का कहना है कि सूर्य लाल इसलिए दिखाई देता है क्योंकि लाल, नारंगी और पीले रंग के अलावा बाकी सभी ( हरा, आसमानी, नीला और बैगनी ) रंगों का प्रक्रिणन हो जाता है। प्रक्रिणन क्यों होता है ? इसके जवाब में उनका कहना है कि वातावरण में मौजूद शूक्ष्म कणों ( धूल, गैस आदि ) के द्वारा  अत्यधिक आवृत्ति या कम तरंगदर्ध्यों वाली प्रकाश तरंगों का प्रक्रिणन या फैलाव हो जाता है। अतः हमें सूर्य लगभग लाल रंग का दिखाई देता है।



  क्या यह कारण या उदाहरण हमारे मन को संतुष्ट करता है या यह हमें पुरी तरह से समझ में आया ? 
  अधिकांश लोगों का जवाब होगा " ना "  और कुछ लोगों का जवाब " हाँ "  में भी होगा।

चलिए अब ऐसे सवालों को देखते हैंं जो इस उदाहरण पर प्रश्न खड़ा करते हैं -


प्रक्रिणन सुबह और शाम में ही क्यों होता है ? प्रक्रिणन दोपहर में क्यों नहीं होता है जबकि वातावरण में वही धूल कण होते हैं। एकही समय …

Bodmas rule ki kamiya. by: Possibilityplus

क्या इन सवालों के जवाब हैं हमारे पास ?



ऐसे सवालों 2 ÷ 2 ÷ 2 ÷ 2 को किस तरफ से और क्यों हल किया जाता है ? इस  2 ÷ 2 ÷ 2 ÷ 2 प्रश्न का उत्तर क्या है ? 36 ÷ 4 × 3 का मान क्या होगा ? 3 या 27 क्या Bodmas नियम पुरी तरह से लागू होता है ? 




अगर देखा जाए तो बहुत से लोगों को इस तरह के सवालों को लेकर कन्फ्यूजन बना रहता है कि किधर से हल करें और किधर से नहीं।







   आपको बता दे कि हम ऐसे 2 ÷ 2 ÷ 2 ÷ 2  किसी भी सवाल को किसी भी तरफ से हल कर सकते हैं। ऐसा करने पर मान में कोई अंतर नहीं होगा। पर कैसे ?  जानने के लिए पुरा आर्टिकल ध्यान से जरूर पढ़िएगा।


              बोडमास ( Bodmas ) एक ऐसा नियम है, जो ऐसे सवालों 36 ÷ 4 × 3 , 8 ÷ 4 ( 2 + 2), 
2 ÷ 2 ÷ 2 ÷ 2 = ? को हल करने के लिए बनाया गया है पर क्या आप जानते हैं कि यह नियम पुरी तरह से सही है या काम करता है ? । यह बात इन उदाहरणों से निकलकर आ रही है । चलो मान भी लेते हैंं  कि Bodmas नियम गलत है तो कोई ऐसा कारण तो दो जिससे यह सिद्ध हो सके कि Bodmas नियम पुरी तरह से उपयोगी नहीं है । कारण स्पष्ट और सरल है पर इसे जानने से पहले बोडमास नियम क्या है हमेें एक नजर डाल ले…
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