सीधे मुख्य सामग्री पर जाएं

पोस्ट

फ़रवरी 1, 2019 की पोस्ट दिखाई जा रही हैं

संभव और असंभव को समझने का सबसे अच्छा तरीका

विश्व की हर बात में ये दोनों शब्द  संभव और असंभव आते ही हैं बल्कि यूँ कहा जाए कि येका होना अनिवार्य है तो बिल्कुल सटीक   होगा। दरअसल दुनियाँ में हर वस्तु के दो पहलू होते हैं जिसे नजरिया भी कहती हैं निचे दिए गए चित्र को देखिये - 

इस चित्र से स्पष्ट है कि बिंग्स वाले की ओर से यह अंक 9 है जबकि दायें वाले की ओर से देखने पर यह 6 दिख रहा है। अब आप केवल सोचिए किधर से यह सही है और किधर से गलत। बाइव्स ओर से नंबर 9 ही संभव है और दिंग्स ओर से 6 संभव है। इस चित्र से यह साफ - स्वच्छ पता चलता है कि अगर दायाँ वाला लड़का बाँये वाले की तरफ आ जाए तो उसे भी यह 6 नहीं बल्कि 9  ही दिखाई देने लगेगा या फिर बायाँ वाला लड़का दायीं तरफ चले तो इसे अब के स्थान: 6 स्वयं दिखाई देने वाला लगेगा।



इसी तरह किसी काम को करना किसी के लिए असंभव है तो किसी दूसरे के लिए संभव भी हो सकता है क्योंकि दूसरा परसन दूसरी तरफ से या दूसरे नजरिए से उस काम को देखता है। इसी तरह से अगर तीसरे और चौथा परसन से उसी काम को करने को कहा जाए तो उनके नजरिए से यह काम कुछ और भी हो सकता है।] इस प्रकार कोई भी काम हर परसन के लिए समान नहीं हो स…
Disclaimer | Privacy Policy | About | Contact | Sitemap | Back To Top ↑
© 2017-2020. Possibilityplus