सीधे मुख्य सामग्री पर जाएं

संदेश

Falan aur falane ka arth

 फलन किसे कहते हैं ?       फलन शब्द का उपयोग वहाँ पर किया जाता है जहाँ किसी स्वतंत्र राशी से कोई दूसरी परतंत्र राशी प्राप्त किया जाता हो। हमने कैलकुलस या अन्य गणितों में इसका उपयोग बहुत बार देखा होगा। इसके अलावा भी गाँवों में " फलाने " शब्द बहुधा उपयोग किया जाता है जिसका अर्थ हम निचे पढ़ सकते हैं। यहाँ पर स्वतंत्र और परतंत्र का अर्थ भी स्पष्ट होना चाहिए। इसलिए इनको भी परिभाषित किया गया है।  स्वतंत्र राशी ( independent variable)   वह राशी जिसका मान किसी और राशी के मान पर निर्भर नहीं करता है स्वतंत्र राशी कह्ते हैं। जैसे -     Y = x 2    इस समीकरण में x एक स्वतंत्र राशी है क्योंकि इसका मान y के मान पर निर्भर नहीं करता है बल्कि y का मान x के मान पर निर्भर करता है इसलिए y एक परतंत्र राशी है।   अगर हम इसके अर्थ को नहीं जानते हैं तो हमें गणित के ऐसे सवालों को जहाँ पर इसका उपयोग होता है उसको समझने में परेशानी होगी और साथ ही साथ हमें ऐसे सवालों को हल करने का मन भी नहीं करेगा। फलन को अच्छी तरह से समझने के लिए हम निचे कुछ उदाहरण देखने जा रहे हैं जो सरल और सुबोध हैं ।     Y = x 2 ऊपर

Kya pahle se hi sab kuch likha hota hai

       पहले से ही सबकुछ लिखा होता है   हमनें कभी न कभी किसी के मुँह से यह कहते हुए सुना ही होगा कि " सब लिखा होता है " यानी कोई भी घटना बिना लिखित नहीं होती है। साधारण शब्दों में कहें कि इस दुनियाँ में छोटे से छोटा काम ही क्यों न हो वो सभी लिखा है जिसे हम सोच भी नहीं सकते हैं वो सब लिखा है। यहां पर कुछ विशेष सवाल खड़े हो रहे हैं जिनका समाधान करना ही इस आर्टिकल का मुख्य उद्देश्य है -  बहुत से लोग यह पूछ सकते हैं कि जब सबकुछ लिखा ही होता है तो भला पाप - पुण्य या दोष आदि बातें कैसे मनुष्य पर लगते हैं ?  तब तो मनुष्य का किसी भी गलत काम में कोई दोष नहीं होना चाहिए।  बहुत से लोग कहते हैं कि सबकुछ लिखा है तो भला हम क्या कर सकते हैं।    इन तीनों सवालों का समाधान इस आर्टिकल में सविस्तार से बताया गया है। अगर कोई ऐसी बातें करता है कि यह सब तो लिखा है तो " हम क्या कर सकते हैं " तो यह या तो अपने बचाव में या किसी को सांत्वना देने के लिए कहा जाता है जबकि हकीकत यह है कि हम कुछ और बेहतर कर सकते थे या कर सकते हैं क्योंकि हमारे पास बहुत सारी संभावनाएं होती हैं किसी काम को करने के

Jio Phone,s & reachage best offer 2021

 Jio का धमाकेदार आफर              आप सभी का स्वागत है आपकी अपनी वेबसाइट Possibilityplus.in पर जहाँ जबरदस्त जानकारी दी जाती है। जिसमें से एक यह है कि जिओ फोन के साथ आपको दो साल का काॅलिंग ही नहीं बल्कि इंटरनेट भी मामूली दाम में दिया जा रहा है जो जियो के बेहतरीन बिजनेस माॅडल को दर्शाता है। जियो ने ऐसे दो आफर लांच किये हैं जो निम्नलिखित हैं - 1999 ₹ में जियो फोन + दो वर्ष कालिंग + नेटफ्री 1499 ₹ में जियो फोन + एक वर्ष कालिंग + नेटफ्री नोट :  हमें आपके समय और आपके जज्बात का ख्याल है और इसलिए हम पहले ही यह स्पष्ट ( क्लियर ) कर देना चाहते हैं कि ये आफर सिर्फ नये ग्राहकों के लिए है ना कि पुराने ग्राहको के लिए। पुराने ग्राहकों के लिए जिनके पास जियो का फोन है उनके लिए रिचार्ज का विशेष आफर दिया गया है। जिसके बारे में हम इसी आर्टिकल में निचे पढ़ने वाले हैं। धन्यवाद.. 1999 ₹ में जियो फोन के साथ दो वर्ष का कालिंग और नेट फ्री..        जियो का ऐसे आफर लाना कोई नयी बात नहीं है क्योंकि जियो समय-समय पर ऐसे आफर लाता रहता है। लेकिन ये आफर इस समय में बहुत ही खास होने वाला है क्योंकि इस समय सभी लोग कोरोन

प्रकाश, तरंग और कणों की भाँति व्यवहार क्यों करता है क्या प्रकाश कणों से मिलकर बना है

आ ज हम इस आर्टिकल में प्रकाश के बारे में ऐसे आश्चर्यजनक जानकारियाँ जानेंगे जो शायद ही पहले जानने को मिला हो। पर इससे पहले ये नोट आपको पढना चााहिए  »  ㄑ नोट : हमें किसी भी जानकारी पर तभी विश्वास करना चाहिए, जब हमें ऐसे तर्कसंगत उदाहरण मिले जो हमें यह विश्वास दिलाता हो कि जानकारी सही है या नहीं जिसका " www.possibilityplus.in " के लगभग हर आर्टिकल में विशेष ध्यान दिया जाता है।  > वैज्ञानिकों का मानना है कि प्रकाश दोहरी प्रकृति का गुण रखता है » तरंग  और कण प्रकृति  इनका मानना है कि प्रकाश कुछ मामलों में तरंग और कुछ मामलों में कण की भाँति व्यवहार करता है । प्रयोगों के अनुसार सौर ऊर्जा से विधुत ऊर्जा का प्राप्त करना कणिक ( फोटान ) की भाँति व्यवहार को दर्शाता है। जबकि प्रकाश के तरंग - सिद्धांत से विवर्तन, व्यतिकरण, धुर्वण इत्यादि घटनाओं की व्याख्या सुगमता से हो जाती है ; और कण ( फोटाॅन ) सिद्धांत से प्रकाश - वैधुत प्रभाव  केे अलावा काॅम्पटन प्रभाव,जीमन प्रभाव, रमन प्रभाव इत्यादि घटनाओं की व्याख्या की जाती है। इसीलिए प्रकाश में द्वैती ( दो ) प्रकृति ( dual nature) है यह कहा गया है

कोरोना वायरस के लक्षण और बचाव के सही तरीके

  को रोना वायरस आज भारत ही नहीं बल्कि दुनिया के अनेक देशों के लिए काल साबित हो रहा है और इसलिए इसे महामारी घोषित कर दिया गया है। हम सभी यह बात जानते होंगें कि यह वायरस चीन ( चाइना ) से 2019 में फैला था और आज यानी 2021 में यह और भी ज्यादा खतरनाक हो गया है क्योंकि  अब यह हवा के माध्यम से भी फैल रहा है। दरअसल यह वायरस अब हवा में अधिक से अधिक समय में जिंदा रहने में सक्षम हो गया जिसके कारण लगभग पुरे भारत में हाहाकार मचा हुआ है।  कोरोना वायरस के लक्षण   इस वायरस के लक्षण शुरुआत में ऐसे हैं कि मनुष्य को पता ही नहीं चल पाता है कि यह सामान्य सर्दी-जुकाम तथा बुखार है या कोरोना संक्रमण है पर जब यह अधिक परेशान करे या न भी परेशान करे तो भी हमें डॉक्टर से चेक या टेस्ट जरूर करवा लेना चाहिए क्योंकि इस बिमारी के लक्षण शर्दी, खाँसी, जुखाम और सांस  फूलना है। इसलिए शर्दी, खाँसी, जुखाम और सांस फूलने में से कोई भी समस्या हो तो डॉक्टर से जरूर संपर्क करना चाहिए। इसमें सबसे बड़ी बात यह है कि हमें घबराना नहीं है बल्कि अपनेआप को मोटिवेट करना है।    मोटिवेशन या योग एक ऐसा उपाय है जो हमें हर प्रकार की

Correct connection of ceiling fans

 क्या आप छत वाले पंखें का कनेक्शन नहीं जानते हैं और आपको ही इसका कनेक्शन करना  या सीखना है और आपको कोई आईडिया नहीं है तो आपको इस आर्टिकल में पुरी जानकारी देने की कोशिश की गई है। सबसे पहले हम उन सवालों को देख लेतें हैं जो हमारे काम का है, अगर न हो तो आपका समय बर्बाद न हो इसलिए ये सवाल आवश्यक हैं - पंखें में चार तार ( वायर ) क्यों होते हैं ? इसमें तीन तार भी होते हैं, क्यों ? किसको "स्टार्टिंग वायर" कहते हैं ?  किसको "रनिंग वायर" कहते हैं ?  किसको "काॅमन" करना चाहिए ? किन दो तारों में मेन तारों को जोड़ना चाहिए ?  कैपासिटर को किन दो तारों में जोड़ना चाहिए ?  छत वाले पंखें में कितने माईक्रोफैरड का कैपासिटर होना चाहिए ? कैसे पता करें कि कैपासिटर खराब नहीं है ? कैसे पता करें कि पंखा सही या खराब है  ? पंखा सीधा चल रहा है या उल्टा कैसे पता करें ? छत वाले पंखें में चार तार ( वायर ) क्यों होते हैं ?        जो लोग पंखे के बारे में कुछ भी नहीं जानते हैं उनके मन में अनेकों ऐसे सवाल आते हैं जो जानने के बाद ऐसा लगता है कि अरे ये तो बहुत आसान या सरल था। उन्ही में से एक यह

Reading Mood क्या है | रामबाण है इसका उपयोग

रिडिंग मूड क्या है ?      रिडिंग मूड क्या है, इसे अगर साधारण शब्दों में कहें तो पढ़ने वाला मूड भी कह सकते हैं। इसे कब और क्यों चालू किया जाना चाहिए और इसके क्या - क्या फायदे हैं।  यह बात जानना बहुत जरूरी है तभी इसके उपयोग की अहमियत अच्छी तरह से समझने में मदद मिलेगी। यह मूड तब सक्रिय किया जाता है जब हमें कोई  आर्टिकल अधिक समय के लिए पढ़ना हो ।  मोबाइल पर कोई विडियो गेम, फिचर ( फिल्म = Movie) देखना हो । कोई फोटो या डिजाइन बनाना हो।  या टकटकी लगाकर स्क्रीन पर कोई और काम करना हो।  कुल मिलाकर देखें तो यह हमारी आँखों को सुरक्षा प्रदान करने के लिए है। इस विकल्प को पढ़ने वाला भाव भी कहा जा सकता है जो कि हिन्दी अनुवाद है reading mood का है। चुकिं यह मूड हमारी आँखों को सुरक्षा प्रदान करता है इसलिए इसे आई केयर के नाम से भी जाना जाता है । यह हमारी आँखों को कैसे सुरक्षित रखता है इसे वैज्ञानिक तरीके से समझते हैं। यह कैसे काम करता है ?          क्या आपको पता है कि रिडिंग मूड हम सब की आँखों को कैसे सुरक्षित रखता है। हमें बस यह पता है कि यह हमारी आँखों को सुरक्षा प्रदान करता है पर वास्तविक कारण नहीं
Disclaimer | Privacy Policy | About | Contact | Sitemap | Back To Top ↑
© 2017-2020. Possibilityplus