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दिशा पता करने के बेस्ट तरीके..

    दु नियाँ के किसी भी कोने में जाओ आप हर जगह पर दिशा पता कर सकते हैं।  हमने यह आर्टिकल उपयोग करने के लिए बनाया है ऊम्मीद है आपके लिए उपयोगी साबित होगा। इस आर्टिकल को अन्त तक जरूर पढिएगा क्योंकि हमने इसमें लगभग सभी संभव तरिके बताएँ हैं जो आपको हर परिस्थितियों में दिशा पता करने के लिए काफी हो सकता है।    दिशा का पता करने से पहले हम दिशा के बारे कुछ अहम / आवश्यक जानकारी देने जा रहें हैं ताकि दिशा पता करना और आसान हो जाये |इसमे सबसे पहले जानतें हैं दिशा क्या है और इसका महत्व क्या है |    दिशा ( Direction  )  एक ऐसा मैप या साधन जो हमें उत्तर - दक्षिण , पूरब - पश्चिम , उपर - निचे और आगे - पीछे  इन सभी को प्रदर्शित करे दिशा कहलाता है | दिशा मुख्यतः चार प्रकार की हैं ( अगर उपर - निचे को छोड़दे तो ) लेकिन इनको अलग - अलग भागो  मैं बाँटे तो ये दश प्रकार की हो जाती  है | अगर हमें इन चारों के बीच की दिशाओं को बताना है तो चित्रानुसार बतायेंगे। जैसे हमें पश्चिम और उत्तर केे बीच की दिशा को बताना है तो हम उत्तर-पश्चिम  कहेेंगे। इसी तरह से बाकि सभी दिशाओं के बारे में हम कहेेंगे। घ

दो रेखाएँ कब समान्तर होती हैं | when are two lines parallel

 रेखागणित में ऐसे बहुत से सवाल हैं जो बहुत कठीन लगते हैं या फिर समझ में नहीं आते हैं। उन्ही में से एक सवाल है कि " दो रेखाएँ कब एक दूसरे के समान्तर होती हैं ? " कैसे पता करें कि हमें याद करने की जरूरत ना पड़े।  आईए जानतें हैं इसके बारे में, हम जानते हैं कि दो रेखाओं के बीच के कोण का सूत्र -   tan∝ =  ( m 1 - m 2 ) /  1 + m 1 + m 2  दो रेखाएँ तभी समान्तर हो सकती हैं जब उनके बीच का कोण शून्य ( जीरो ) हो। कैसे और क्यूँ का जवाब हम निचे अच्छी तरह से समझने वाले हैं पर सबसे पहले इस सूत्र को देख लेते हैं। इसलिए    ∝ = 0° ( दोनो रेखाओं के बीच का कोण )   m 1  =  पहली रेखा की प्रवणता  m 2  =  दूसरी रेखा की प्रवणता तब इन मानों को ऊपर दिए गए सूत्र में रखने पर, tan0° = ( m 1  - m 2  ) /  1 + m 1  + m 2         0  = ( m 1  - m 2  ) /  1 + m 1  + m 2   m 1  - m 2  =  (1 +  m 1  + m 2  ) × 0 m 1  - m 2   = 0  m 1  = m 2    तो सूत्र से यह पता चल रहा है कि जब दोनों रेखाओं की प्रवणताएँ एक दूसरे के सामान या बराबर होगीं तब दोनों रेखाएँ एक दूसरे के समान्तर होगीं।  ऊपर दिए चित्र में AB एक

गणित में होने वाली महत्वपूर्ण गलतियाँ (important mistakes in maths)

गणित को विज्ञान की जननी यानी माता कहा जाता है क्योंकि बिना कोई गणना किये किसी वस्तु की सटीक जानकारी नहीं प्राप्त किया जा सकता है। ऐसे में गणित एक आवश्यक विषय है जिसे जानना जरूरी है। गणित विषय में कुछ ऐसी गलतियाँ हैं जिससे हम गणित को बहुत कठिन मानने लगते हैं। अगर इन सभी गलतियों को हम जान लेते हैं तो हमें भी गणित सरल लगने लगेगी, तो आइए इन सभी गलतियों को ध्यान से देखते हैं। कोष्ठक का उपयोग न करना     हमनें अधिकांश प्रश्नों में यह देखा है कि छात्र/छात्रा कोष्ठक का उपयोग कब, कहाँ और क्यों करना है यह नहीं जानते हैं जिसकी वजह से पुरा सवाल गलत हो जाता है और इसी वजह से गणित विषय बहुत कठिन लगने लगती है । आइए हम एक- एक करके देखते हैं। बिजगणितीय प्रश्नों में कोष्ठकों का उपयोग          जैसे मान लिजिए  समीकरण   4x 2 + 2x + 10    से   2x 2   - x + 5   को घटाना :    4x 2  + 2x  + 10  - 2 x 2  - x  + 5  = 2 x 2  + x  + 15   [ गलत तरीका  ]   ( 4x 2  + 2x  + 10 ) - ( 2 x 2  - x  + 5 ) = ( 4x 2  + 2x  + 10) - 2 x 2  + x  - 5  =  4x 2  + 2x  + 10  - 2 x 2  + x  - 5 = 2 x 2  + 3x  + 5 ( सही तरिका  )   

भाग का सूत्र और इसकी सीमाएँ (Division Formula and Limits)

भाग ( Division )  आज हम इस आर्टिकल में भाग के सूत्र की सीमा और उपयोग के बारे में जानेंगे। भाग को अच्छी तरह से समझने के लिए इसके सूत्र की आवश्यकता होती है। तो चलिए हम सबसे पहले भाग के बारे में जानते हैं।  भाग क्या होता है ?      किसी भी वस्तु, व्यक्ति या फिर कोई भी चीज हो उसे समझने के लिए हमें उसके बारे में बेसिक जानकारी जाननी होती है, तभी हम अच्छी तरह से समझ सकते हैं कि फला चीज ऐसे क्यों काम करती है। ठीक इसी तरह से भाग भी है।  आईए उदाहरणों से समझते हैं।  8 को 4 बराबर भागों में बाँटना     अगर हमें 8 को चार बराबर भागों में विभाजित करना या बाँटना है तो इस तरह कर सकते हैं।  8 = 4 + 4     = (2 + 2) + (2 + 2)     = 2 + 2 + 2 + 2    = 4 ( 2 )  या  आठ के चार बराबर भाग दो - दो के हुए।  सबसे पहले हमने 8 को दो बराबर भागों में विभाजित किया फिर उन दोनों ( 4 + 4 ) भागों को दो - दो भागों में विभाजित किया। इस तरह से 8 के कुल चार बराबर भाग हो गये।   यह तरिका एकदम बेसिक है इसीलिए यह थोड़ा सा बड़ा दिख रहा है। इसे संक्षिप्त रूप में हल करने के लिए गणितज्ञों ने एक सूत्र की खोज की जिसे भाग का सूत्र कहते

Falan aur falane ka arth

 फलन किसे कहते हैं ?       फलन शब्द का उपयोग वहाँ पर किया जाता है जहाँ किसी स्वतंत्र राशी से कोई दूसरी परतंत्र राशी प्राप्त किया जाता हो। हमने कैलकुलस या अन्य गणितों में इसका उपयोग बहुत बार देखा होगा। इसके अलावा भी गाँवों में " फलाने " शब्द बहुधा उपयोग किया जाता है जिसका अर्थ हम निचे पढ़ सकते हैं। यहाँ पर स्वतंत्र और परतंत्र का अर्थ भी स्पष्ट होना चाहिए। इसलिए इनको भी परिभाषित किया गया है।  स्वतंत्र राशी ( independent variable)   वह राशी जिसका मान किसी और राशी के मान पर निर्भर नहीं करता है स्वतंत्र राशी कह्ते हैं। जैसे -     Y = x 2    इस समीकरण में x एक स्वतंत्र राशी है क्योंकि इसका मान y के मान पर निर्भर नहीं करता है बल्कि y का मान x के मान पर निर्भर करता है इसलिए y एक परतंत्र राशी है।   अगर हम इसके अर्थ को नहीं जानते हैं तो हमें गणित के ऐसे सवालों को जहाँ पर इसका उपयोग होता है उसको समझने में परेशानी होगी और साथ ही साथ हमें ऐसे सवालों को हल करने का मन भी नहीं करेगा। फलन को अच्छी तरह से समझने के लिए हम निचे कुछ उदाहरण देखने जा रहे हैं जो सरल और सुबोध हैं ।     Y = x 2 ऊपर

Kya pahle se hi sab kuch likha hota hai

       पहले से ही सबकुछ लिखा होता है   हमनें कभी न कभी किसी के मुँह से यह कहते हुए सुना ही होगा कि " सब लिखा होता है " यानी कोई भी घटना बिना लिखित नहीं होती है। साधारण शब्दों में कहें कि इस दुनियाँ में छोटे से छोटा काम ही क्यों न हो वो सभी लिखा है जिसे हम सोच भी नहीं सकते हैं वो सब लिखा है। यहां पर कुछ विशेष सवाल खड़े हो रहे हैं जिनका समाधान करना ही इस आर्टिकल का मुख्य उद्देश्य है -  बहुत से लोग यह पूछ सकते हैं कि जब सबकुछ लिखा ही होता है तो भला पाप - पुण्य या दोष आदि बातें कैसे मनुष्य पर लगते हैं ?  तब तो मनुष्य का किसी भी गलत काम में कोई दोष नहीं होना चाहिए।  बहुत से लोग कहते हैं कि सबकुछ लिखा है तो भला हम क्या कर सकते हैं।    इन तीनों सवालों का समाधान इस आर्टिकल में सविस्तार से बताया गया है। अगर कोई ऐसी बातें करता है कि यह सब तो लिखा है तो " हम क्या कर सकते हैं " तो यह या तो अपने बचाव में या किसी को सांत्वना देने के लिए कहा जाता है जबकि हकीकत यह है कि हम कुछ और बेहतर कर सकते थे या कर सकते हैं क्योंकि हमारे पास बहुत सारी संभावनाएं होती हैं किसी काम को करने के लिए

Jio Phone,s & reachage best offer 2021

 Jio का धमाकेदार आफर              आप सभी का स्वागत है आपकी अपनी वेबसाइट Possibilityplus.in पर जहाँ जबरदस्त जानकारी दी जाती है। जिसमें से एक यह है कि जिओ फोन के साथ आपको दो साल का काॅलिंग ही नहीं बल्कि इंटरनेट भी मामूली दाम में दिया जा रहा है जो जियो के बेहतरीन बिजनेस माॅडल को दर्शाता है। जियो ने ऐसे दो आफर लांच किये हैं जो निम्नलिखित हैं - 1999 ₹ में जियो फोन + दो वर्ष कालिंग + नेटफ्री 1499 ₹ में जियो फोन + एक वर्ष कालिंग + नेटफ्री नोट :  हमें आपके समय और आपके जज्बात का ख्याल है और इसलिए हम पहले ही यह स्पष्ट ( क्लियर ) कर देना चाहते हैं कि ये आफर सिर्फ नये ग्राहकों के लिए है ना कि पुराने ग्राहको के लिए। पुराने ग्राहकों के लिए जिनके पास जियो का फोन है उनके लिए रिचार्ज का विशेष आफर दिया गया है। जिसके बारे में हम इसी आर्टिकल में निचे पढ़ने वाले हैं। धन्यवाद.. 1999 ₹ में जियो फोन के साथ दो वर्ष का कालिंग और नेट फ्री..        जियो का ऐसे आफर लाना कोई नयी बात नहीं है क्योंकि जियो समय-समय पर ऐसे आफर लाता रहता है। लेकिन ये आफर इस समय में बहुत ही खास होने वाला है क्योंकि इस समय सभी लोग कोरोन
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