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हम जिंदगी में सही जा रहे हैं या नहीं कैसे पता करें (How to know if we are going right in life)

क्या आप जानते हैं कि आप अपने जीवन में सही रास्ते पर आगे बढ़ रहे हो या कहीं गलत रास्ते पर तो नहीं चल रहे हो या फिर अभी तक सही जा रहे थे पर अब गलत रास्ते पर चलना शुरू कर दिये हो। यह जानना हमारे लिए कितना जरुरी है यह हम इस पोस्ट को पुरा पढ़ने के बाद यह जान पायेेंगे ।   दरअसल इस पोस्ट में वह जानकारी दी गई जिससे हम सही - गलत का फर्क कर पायेंगे तथा कब क्या करना है और कब नहीं यहाँ तक कि अपनेे-आपको दूसरों के अधीन होने से भी बचा पाओगे। ज्यादा जानकारी के लिए निचे दिए फायदे देख सकते हैं।   इस पोस्ट को पढ़ने के फायदे      इस पोस्ट को पढ़ने के निम्नलिखित फायदे हो सकते हैं - आपको कोई भी बस में नहीं कर सकता है।   क्योंकि सही - गलत का ज्ञान होगा, आपको।  सकारात्मक ऊर्जा का संचार भी महसूस होगा।  जिंदगी में सफलता हासिल कर सकते हो। क्या करना है और क्या नहीं, पता होगा। बाद में पश्याताप वाली बात ना के बराबर होगी।  हर काम को सही और कम समय में ही कर पाओगे। कोई भी व्यक्ति आपका इस्तेमाल नहीं कर सकता।  हर काम पहले से आसान होगा।     कैसे पता करें कि हम सही रास्ते पर हैं ?       हम गलत हैं या सही यह पता करने

भिन्न का गुणा , भाग , जोड़ और घटना हल करना

ऊपर चित्र में एक वृत्त को तीन बराबर भागों में बाँटा गया है । अगर हम कहें कि इसमें से एक भाग किसी को दे दिया जाये तो कितना भाग बचेगा तो इसका जवाब है,  2/3  भाग जिसे शाब्दिक याा साधारण भाषा में  दो तिहाई   भाग कहेगें । इसी प्रकार ( एक बटा तीन ) 1 / 3 को एक तिहाई  कहेंगे।  चलिए अब जानते हैं इनको जोड़ने, घटाने, गुणा और भाग   करने के तरीीकों के बारे में पुरी जानकारी।                                  भिन्नों का जोड़ , घटाना , गुणा और भाग; इस पोस्ट में आपको सब सीखने को मिलेगा। अगर आपके पास कोई सवाल है भिन्नों को हल करने या किसी भी तरह की भिन्न हो तो हमें निचे दिए गए कमेंट बॉक्स में लिखकर भेज दें । भिन्न क्या है ? What is the Fraction ?     भिन्न एक आंशिक भाग होती है जो दो भागों से बनती है - अंश  हर  जैसे -     1 / 3 , जिसमें 1 अंश और 3 हर है । a / b में " a  " अंश और " b  " हर है। आज के दौर में बहुत - से लोग ऐसे हैं जो पढ़ - लिखकर भी भिन्न हल करना नहीं जानते हैं । इस कमी का आभास उन्हें तब होता है जब वो कोई काम करने लगते हैं और काम या कार्य

अमीर बनने का एकदम फाड़ु तरिका | the best way to get rich

क्या आप जानते हैं जो लोग गरीब हैं वो लोग क्यों गरीब हैं और कैसे अमीर लोग क्यों अमीर हैं। अमीर या गरीब होना हमारे कर्मो पर निर्भर करता है ।इसे अच्छी तरह से समझने के लिए हमें इस पोस्ट को ध्यान से देखने की आवश्यकता है।     गरीब इसलिए गरीब है    गरीब व्यक्ति क्यों गरीब हैं क्या - क्या कारण है चलिए स्टेप बाई स्टेप देखते हैं -  यह समय का दूरउपयोग करता है।  ये हर काम को टालता है।  ये अपने काम के प्रति दिलचस्पी नहीं दिखाते हैं।  अपने ज्ञान को बढ़ाता नहीं है।  किसी काम को शुरू करता है पर अंजाम तक नहीं पहुँचाता है।  किसी भी काम को बिना दिलो - दिमाग से करता है। उचित नींद नहीं लेता है। फाल्तू के कामों में व्यस्त रहता है।  पैसों को मौज - मस्ती में उड़ाता है। अब अगर इन सभी बिन्दुओं पर ध्यान दिया जाये तो हमें यह पता चलता है कि यह ऐसे कारण हैं जो हमें कभी अमीर नहीं होने देते हैं। अगर हम इन सभी आदतो को सुधार लेते हैं तो हम अमीर निश्चित रूप से बन जायेगें।  चलिए अब देखते हैं कि अमीर व्यक्ति क्या करते हैं कि वो अमीर बन जाते हैं।     अमीर इसलिए अमीर है        अमीर व्यक्ति की आदतें गरीब व्यक्ति से बह

दिशा पता करने के बेस्ट तरीके..

    दु नियाँ के किसी भी कोने में जाओ आप हर जगह पर दिशा पता कर सकते हैं।  हमने यह आर्टिकल उपयोग करने के लिए बनाया है ऊम्मीद है आपके लिए उपयोगी साबित होगा। इस आर्टिकल को अन्त तक जरूर पढिएगा क्योंकि हमने इसमें लगभग सभी संभव तरिके बताएँ हैं जो आपको हर परिस्थितियों में दिशा पता करने के लिए काफी हो सकता है।    दिशा का पता करने से पहले हम दिशा के बारे कुछ अहम / आवश्यक जानकारी देने जा रहें हैं ताकि दिशा पता करना और आसान हो जाये |इसमे सबसे पहले जानतें हैं दिशा क्या है और इसका महत्व क्या है |    दिशा ( Direction  )  एक ऐसा मैप या साधन जो हमें उत्तर - दक्षिण , पूरब - पश्चिम , उपर - निचे और आगे - पीछे  इन सभी को प्रदर्शित करे दिशा कहलाता है | दिशा मुख्यतः चार प्रकार की हैं ( अगर उपर - निचे को छोड़दे तो ) लेकिन इनको अलग - अलग भागो  मैं बाँटे तो ये दश प्रकार की हो जाती  है | अगर हमें इन चारों के बीच की दिशाओं को बताना है तो चित्रानुसार बतायेंगे। जैसे हमें पश्चिम और उत्तर केे बीच की दिशा को बताना है तो हम उत्तर-पश्चिम  कहेेंगे। इसी तरह से बाकि सभी दिशाओं के बारे में हम कहेेंगे।

दो रेखाएँ कब समान्तर होती हैं | when are two lines parallel

 रेखागणित में ऐसे बहुत से सवाल हैं जो बहुत कठीन लगते हैं या फिर समझ में नहीं आते हैं। उन्ही में से एक सवाल है कि " दो रेखाएँ कब एक दूसरे के समान्तर होती हैं ? " कैसे पता करें कि हमें याद करने की जरूरत ना पड़े।  आईए जानतें हैं इसके बारे में, हम जानते हैं कि दो रेखाओं के बीच के कोण का सूत्र -   tan∝ =  ( m 1 - m 2 ) /  1 + m 1 + m 2  दो रेखाएँ तभी समान्तर हो सकती हैं जब उनके बीच का कोण शून्य ( जीरो ) हो। कैसे और क्यूँ का जवाब हम निचे अच्छी तरह से समझने वाले हैं पर सबसे पहले इस सूत्र को देख लेते हैं। इसलिए    ∝ = 0° ( दोनो रेखाओं के बीच का कोण )   m 1  =  पहली रेखा की प्रवणता  m 2  =  दूसरी रेखा की प्रवणता तब इन मानों को ऊपर दिए गए सूत्र में रखने पर, tan0° = ( m 1  - m 2  ) /  1 + m 1  + m 2         0  = ( m 1  - m 2  ) /  1 + m 1  + m 2   m 1  - m 2  =  (1 +  m 1  + m 2  ) × 0 m 1  - m 2   = 0  m 1  = m 2    तो सूत्र से यह पता चल रहा है कि जब दोनों रेखाओं की प्रवणताएँ एक दूसरे के सामान या बराबर होगीं तब दोनों रेखाएँ एक दूसरे के समान्तर होगीं।  ऊपर दिए चित्र में AB एक

गणित में होने वाली महत्वपूर्ण गलतियाँ (important mistakes in maths)

गणित को विज्ञान की जननी यानी माता कहा जाता है क्योंकि बिना कोई गणना किये किसी वस्तु की सटीक जानकारी नहीं प्राप्त किया जा सकता है। ऐसे में गणित एक आवश्यक विषय है जिसे जानना जरूरी है। गणित विषय में कुछ ऐसी गलतियाँ हैं जिससे हम गणित को बहुत कठिन मानने लगते हैं। अगर इन सभी गलतियों को हम जान लेते हैं तो हमें भी गणित सरल लगने लगेगी, तो आइए इन सभी गलतियों को ध्यान से देखते हैं। कोष्ठक का उपयोग न करना     हमनें अधिकांश प्रश्नों में यह देखा है कि छात्र/छात्रा कोष्ठक का उपयोग कब, कहाँ और क्यों करना है यह नहीं जानते हैं जिसकी वजह से पुरा सवाल गलत हो जाता है और इसी वजह से गणित विषय बहुत कठिन लगने लगती है । आइए हम एक- एक करके देखते हैं। बिजगणितीय प्रश्नों में कोष्ठकों का उपयोग          जैसे मान लिजिए  समीकरण   4x 2 + 2x + 10    से   2x 2   - x + 5   को घटाना :    4x 2  + 2x  + 10  - 2 x 2  - x  + 5  = 2 x 2  + x  + 15   [ गलत तरीका  ]   ( 4x 2  + 2x  + 10 ) - ( 2 x 2  - x  + 5 ) = ( 4x 2  + 2x  + 10) - 2 x 2  + x  - 5  =  4x 2  + 2x  + 10  - 2 x 2  + x  - 5 = 2 x 2  + 3x  + 5 ( सही तरिका  )   

भाग का सूत्र और इसकी सीमाएँ (Division Formula and Limits)

भाग ( Division )  आज हम इस आर्टिकल में भाग के सूत्र की सीमा और उपयोग के बारे में जानेंगे। भाग को अच्छी तरह से समझने के लिए इसके सूत्र की आवश्यकता होती है। तो चलिए हम सबसे पहले भाग के बारे में जानते हैं।  भाग क्या होता है ?      किसी भी वस्तु, व्यक्ति या फिर कोई भी चीज हो उसे समझने के लिए हमें उसके बारे में बेसिक जानकारी जाननी होती है, तभी हम अच्छी तरह से समझ सकते हैं कि फला चीज ऐसे क्यों काम करती है। ठीक इसी तरह से भाग भी है।  आईए उदाहरणों से समझते हैं।  8 को 4 बराबर भागों में बाँटना     अगर हमें 8 को चार बराबर भागों में विभाजित करना या बाँटना है तो इस तरह कर सकते हैं।  8 = 4 + 4     = (2 + 2) + (2 + 2)     = 2 + 2 + 2 + 2    = 4 ( 2 )  या  आठ के चार बराबर भाग दो - दो के हुए।  सबसे पहले हमने 8 को दो बराबर भागों में विभाजित किया फिर उन दोनों ( 4 + 4 ) भागों को दो - दो भागों में विभाजित किया। इस तरह से 8 के कुल चार बराबर भाग हो गये।   यह तरिका एकदम बेसिक है इसीलिए यह थोड़ा सा बड़ा दिख रहा है। इसे संक्षिप्त रूप में हल करने के लिए गणितज्ञों ने एक सूत्र की खोज की जिसे भाग का सूत्र कहते
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