15 Dec 2018

आविष्कार और खोज में अन्तर | Difference in inventions and discovery.


आविष्कार और खोज दोनों ही अलग - अलग बाते हैं। इसलिए इनका अर्थ भी अलग - अलग ही होगा यह स्पष्ट है  । इस पोस्ट को बनाने की वजह यह है कि जब मैंने इन दोनों का ऐसा उपयोग देखा तो मैं दंग रह गया ।


दरअसल मैं एक बार शून्य ( Zero )   की खोज के बारे में पढ़ रहा था तो मैंने वहाँ पर यह पाया कि कई वेबसाइटों में खोज ( Discovery )  और आविष्कार ( Invention )  दोनों का ही उपयोग किया गया था जो कि गलत है । जबकि  इसका  सही उपयोग  खोज ( Discovery )   है  । क्योंकि शून्य आविष्कार  करने वाली कोई वस्तु नहीं है बल्कि यह एक संख्या है । चलिए इसको समझते हैं उदाहरण सहित।
    इन दोनों के बीच क्या अन्तर है यह जानने से पहले हमें इनके बारे में जानना सही और सार्थक होगा।









आविष्कार ( Invention )

9 Dec 2018

आपके मोबाइल में अगर ये अप्स हैं तो...

गूगल प्ले स्टोर ने डिलीट किया 22 खतरनाक एप्स को |



 प्ले  स्टोर ( google play store  ) एक ऐसा प्लेटफार्म है जहाँ उन apps को रखा जाता है जो कोई डाटा ना चूराते हों और ना ही कोई खतरनाक वायरस फैलाते हों । यही वह कारण है कि  Play Store से app को download  



करना सही होता है। मगर कुछ apps ऐसे हैं जो पहले तो सही होते हैं पर 
 Update करके कुछ ऐसी  Background servers से link कर कर देते हैं जो apps का इस्तेमाल करने वालों के लिए तो खतरनाक होता ही है पर साथ में  विज्ञापनदाताओं  को की जेब पर भी भारी लूट करते हैं। 




इससे एक बात और साबित हो रही है और वह यह है कि अगर आप किसी apps को  Play Store  के अलावा कहीं और से  Install  करते हैं तो संभव है कि आपकी जानकारी चूरायी जा रही हो। अगर आप अपने मोबाइल फोन से लेन देन करते हैं तब तो आपके लिए यह बेहद जरूरी है कि इन apps को तुरंत delete कर दें। 





अगर आपके मोबाइल फोन में ये एप्स हैं तो उन्हें डीलिट कर दीजिए क्योंकि गूगल प्ले स्टोर ने तो इन्हें प्ले स्टोर से डिलीट कर दिया है । आखिर क्या बात है कि प्ले स्टोर ने इन एप्स को डिलीट कर दिया  है। दरअसल  साइबर सुरक्षा फर्म   सोफोस  ने  प्ले स्टोर को यह जानकारी दी कि 22 ऐसे खतरनाक एप्स प्ले स्टोर पर मौजूद हैं जो मोबाईल उपभोक्ताओं को ही नहीं बल्कि विज्ञापनदाताओं को धोखा और  दे रहे हैं । 



उपभोक्ताओं की जेब पर डाका

 " सोफोस " ने 22 ऐसे खतरनाक एप्स के बारे में बताया जो लोग ये एप्स उपयोग कर रहे हैं उनकी जेब पर डाका डाला जा सकता है क्योंकि ये एप्स बकराउंड में ऐसे सर्वर से जुड़े हैं जो कि डाटा चुराने का काम कर रहे हैं। इसके साथ ही ये ऐसे एप्स हैं बैकग्राउंड में ऐसे सर्वर से जुड़े हुए हैं कि ये हमारे मोबाईल फोन में खतरनाक वायरस भी इंस्टाल कर सकते हैं । ये एप्स बैकग्राउंड में चलने के कारण बैटरी की खपत भी बहुत ज्यादा होती है । जिसके कारण मोबाइल का लोड काफी बढ़ जाता है परिणामस्वरूप मोबाईल हंगिग की समस्या उत्पन्न हो जाती है । कुल मिलाकेकर देखें तो यह सभी या ऐसे जितने एप्स हैं वे सभी हमारे लिए घातक हैं।  





कौन - कौन एप्स हैं इस लिस्ट में  ?

 ये 22 एप्स निचे दिए गए हैं -

  • Sparkle FlashLight 
  • Snake Attack
  • Math Solver
  • Shape Sorter
  • Tak A Trip
  • Magnifeye
  • Join Up
  • Jombie Killer
  • Space Rocket 
  • Neon Pong
  • Just Flashlight 
  • Table Soccer
  • Cliff Diver
  • Box Stack
  • Jelly Slice 
  • Ak Blackjack
  • Color Tiles
  • Animal Match
  • Roulette Mania
  • Hexa Fall
  • HexaBlocks
  • PairZap








इन्हें डिलीट कैसे करें ? 

 इनको डिलीट करने के लिए निचे दिए गए स्टेप किजिए :
  1.   सबसे पहले प्ले स्टोर को ओपेन करें। 
  2. सबसे ऊपर बांई तरफ  ≡ निशान पर क्लिक करें। 
  3. My apps & gameg  पर क्लिक करें । 
  4. अब जिस एप को डिलीट करना है उसपर क्लिक करें । 
  5. अब Uninstall  पर क्लिक करें। 

 अब ऐप्स अनइंस्टाल / अस्थापित हो गया है।


उम्मीद है यह जानकारी आपके लिए फायदेमंद होगी। हमें कमेन्ट करके अपनी बात जरूर कहें ।
धन्यवाद ||


27 Nov 2018

विज्ञान ( भौतिक विज्ञान ) की तैयारी करने की अब तक की सबसे बड़ी और वैज्ञानिक विधि || by | Possibilityplus.in


विज्ञान की तैयारी वैज्ञानिक ढंग से...



    परीक्षा का समय बड़ी तेजी से आ रहा है ऐसे में सबसे बड़ी समस्या होती है कि  कैसे सभी विषयों की तैयारी किया जाये। तैयारी करने में तीन विषयों गणित, विज्ञान और अंग्रेज़ी में ज़्यादा परेशानी होती है । आज इस पोस्ट में हम  विज्ञान  की तैयारी के बारे में विस्तार से चर्चा करेंगे  । अगर किसी अन्य विषय की तैयारी करना चाहते हैं तो आप कमेंट के माध्यम से जरूर बताएँ |







नब्बे प्रतिशत ( 90% ) प्रश्नों की तैयारी सूत्र के द्वारा बिना याद किए..✴️ 


    क्या आपको पता कि सूत्रों से सम्बंधित लगभग 90 % प्रश्नों के उत्तर बिना याद किए पता किया जा सकता है। जी हाँ दोस्तों यह वास्तव में सही है। विज्ञान विषय में लगभग 50 %  प्रश्न आंकिक ( numeric )  होते हैं परिक्षा में जिसमें प्रत्यक्षरूप से सूत्र का उपयोग किया जाता है। अब बाकि 40 % प्रतिशत  प्रश्नों का उत्तर अप्रत्यक्ष  रूप से सूत्र का उपयोग करके पता किया जाता है। आंकिक प्रश्नों का उत्तर तो आसानी से जाना जा सकता है परन्तु शाब्दिक प्रश्नों का उत्तर जानना थोड़ा मुश्किल होता है ; क्योंकि इन प्रश्नों को आंकिक रूप से शाब्दिक रूप में बदलने के कारण समझना कठिन हो जाता है। तो चलिए जानतें हैं इनके बारे में विस्तार से... 




कैसे करें शाब्दिक प्रश्नों की तैयारी? 

How to Prepare Literally Questions?


             शाब्दिक प्रश्नों की तैयारी ही ज्यादा भारी पड़ता है विद्यार्थियों   को लेकिन इस वैज्ञानिक विधि के द्वारा बहुत ही आसानी से किसी भी प्रश्न का हल या उत्तर दे सकते हैं। 


उदाहरण : 1.  बल क्या है ? इसे परिभाषित किजिए। 
2. परिणामी बल शून्य कब होगा ? 
3. गतिज ऊर्जा किन - किन चीजों पर निर्भर करती है ? 
4. गतिज ऊर्जा किसे कहते हैं ? 
5. पानी ( जल ) और बर्फ में किसका घनत्व अधिक है ? कारण सहित स्पष्ट किजिए |



इस प्रकार के कितने ही क्यों न प्रश्न हों आप सभी प्रश्नों के उत्तर दे सकते हैं वो भी बिना याद किए। चलिए इन सभी प्रश्नों का उत्तर जानते हैं।




उत्तर :  1. 

       परिभाषा ( Definition )  : " बल वह बाह्य कारक है जो किसी वस्तु को  गतिमान अवस्था से विरामावस्था में और यदि विरामावस्था में है तो गति अवस्था में ला देता है या लाने का प्रयास करता है। "
इसका मात्रक  न्यूटन   होता है। इसे " F  " से प्रदर्शित करते हैं।
सूत्र :                               बल = द्रव्यमान × त्वरण 
या                                     F = ma
यदि त्वरण " g " तब          F = mg

इसकी परिभाषा को गौर से देखिए - इसे सूत्र की मदत से ही बनाया गया है। कैसे ?
आइए जानते हैं :
सूत्र में  बल = द्रव्यमान × त्वरण    दिया गया है।
जहाँ     m = वस्तु का द्रव्यमान
तथा      a = त्वरण 

त्वरण  ( Acceleration ) : वेग परिवर्तन की दर को त्वरण कहते हैं।
सूत्र :           a = v1 - v 2 / t

जहाँ v1  = प्रारंभिक वेग है ।
      v 2  = बड़ा हुआ वेग है।
इससे एक बात तो साफ पता चल रही है कि बल का मान त्वरण पर ज्यादा निर्भर होता है क्योंकि अगर वेग में परिवर्तन नहीं हुआ तो बल का मान लगभग शून्य होगा। तो कुल मिलाकर कहें कि बल के लिए द्रव्यमान और त्वरण का होना जरूरी है। अगर कोई वस्तु गति में है तो उसे बल लगाकर रोका या रोकने का प्रयास किया जा सकता है ।
या अगर को वस्तु विरामावस्था में ( रूकी हुई ) है तो उसे बल लगाकर गती की अवस्था में लाया जा सकता है या लाने का प्रयास कर सकते हैं ।



उत्तर :    2. 
   बल क्या है हमने जान लिया पर यह परिणामी बल क्या है इसके बारे में जानना बहुत ही जरूरी है क्योंकि अगर परिणामी का मतलब नहीं पता होगा तो हम उत्तर नहीं दे पायेंगे ।





    परिणामी बल ( Resulting force ) :   जब किसी पिण्ड या वस्तु पर कई बल एकसाथ कार्य कर रहे हों तो सभी बलों का योग ही इनका परिणामी बल कहलायेगा। निचे दिए गए चित्र को देखिए -





इनका परिणामी बल F,  F1, F2 और F3 में जिसका मान अधिक होगा उधर से होकर जायेगा ।
जैसे मान लिजिए
F1 = 1 न्यूटन
F2 = 2 न्यूटन और
F3 = 3 न्यूटन
बल लगे हैं तब परिणामी बल F , F3 = 3 न्यूटन वाले बल की तरफ होकर जायेगा।
अब सवाल यह है कि परिणामी बल कब शून्य ( Zero ) होता है।

जब दो या कई बल ऐसे कार्य कर रहें हों कि उनमें परिणाम  न के बराबर हो तो इसी स्थिति को ही शून्य परिणामी बल  कहते हैं।
या
जब दो  या दो से अधिक बल एक दुसरे के विपरीत और  बराबर हों तो उनका परिणामी बल शून्य होगा। 
निचे दिए गए चित्र में शून्य परिणामी बल को दिखाया गया है।



चित्र से स्पष्ट है कि पिण्ड पर दो बराबर बल हैं जो एक - दूसरे  के  विपरीत दिशा में कार्यरत हैं। इसलिए इनका परिणामी बल शून्य है।
 

 नोट : यहाँ पर हमने प्रश्नों को विस्तार से बताया है क्योंकि अच्छे से समझ आ सके। इसका यह मतलब नहीं है कि आप भी परिक्षा में इतना विस्तार से लिखें। आपको केवल इतना लिखना है जो प्रश्न में पूछा जाता है । जैसे ऊपर दिए गए प्रश्न में यह पूछा गया है कि " परिणामी बल कब शून्य होता है " तो उत्तर में हमें केवल यह लिखना है -
 जब दो  या दो से अधिक बल एक दुसरे के विपरीत और  बराबर हों तो उनका परिणामी बल शून्य होगा।

हाँ अगर प्रश्न में यह भी पूछा गया हो कि इसे समझाइए तब हम थोड़ा विस्तार करके लिखेंगे ।






उत्तर :  3. & 4.

गतिज ऊर्जा क्या है इसके बारे में जान लेना चाहिए तब हम आसानी से यह समझ जायेंगे इसके सवालों को । 

गतिज ऊर्जा ( Kinetic energy )  
परिभाषा ( definition ) 
            किसी वस्तु में उसकी गति के कारण जो ऊर्जा उत्पन्न होती है उसे उस वस्तु की गतिज ऊर्जा कहते हैं। इसका भी मात्रक जूल  होता है ।   इसका सूत्र K =  ( 1 / 2 ) mv2 
होता है। गतिज ऊर्जा की परिभाषा से ही एक बात स्पष्ट हो रही है कि गति के कारण ऊर्जा उत्पन्न होती है। अतः स्पष्ट है कि वेग ही मुख्य कारण है जो गतिज ऊर्जा को ज्यादा प्रभावित करता है। 
इसके बाद द्रव्यमान गतिज ऊर्जा को प्रभावित करता है क्योंकि सूत्र में द्रव्यमान का वेग में गुणा है। अगर कुल मिलाकर कहें कि गतिज ऊर्जा किन - किन कारणॊ पर निर्भर करती है तो इसका सीधा उत्तर है -   वेग और द्रव्यमान।
क्योंकि दोनों का गुणनफल ही गतिज ऊर्जा के मान के लिए उत्तरदायी है।




उत्तर :  5. 

    जल और बर्फ़ में किसका घनत्व अधिक होता है ?
माना कि इसका उत्तर हमें नहीं पता या नही याद  है तो सवाल यह है कि इसे कैसे पता करें । यहाँ पर घनत्व की बात हो रही है कि किसका ज्यादा है और किसका कम। यहाँ पर अगर आप घनत्व के बारे में जानते हैं तो जाहिर है कि आप यह उत्तर भी पता कर सकते हैं। अगर नहीं पता है तो चलिए घनत्व के बारे में जानते हैं।



घनत्व ( Density ) 

किसी वस्तु का घनत्व, एकांक आयतन में उपस्थित द्रव्यमान की मात्रा को कहते हैं  ।
मात्रक :  इसका मात्रक " किग्रा / मीटर3  होता है।
सूत्र :      d = m / v

अब यहाँ पर इस बात पर भी गौर किजिएगा कि घनत्व की परिभाषा भी सूत्र के माध्यम से बनायी गयी है । इसका सीधा मतलब है कि हमें यह सभी प्रश्न याद करने की कोई जरूरत नहीं है। चलिए अब घनत्व के बारे में जानतें हैं।


घनत्व का उदाहरण ( Example of Density  ) 


 घनत्व शब्द घन विशेषण है। घन का मतलब किसी वस्तु की एकांक आयतन में उपस्थित मात्रा से है। जैसे कोई चीज़ ज्यादा हो जाये तो उसे हम प्राय घनी, घना कहते हैं।

   मान लिजिए दो गाँव A और B है। गाँव A में 100 लड़के और गाँव B में 50 लड़के हैं । यहाँ पर हम क्या अन्तर देख रहे हैं। गाँव A में लड़कों की संख्या अधिक है तो इसी को हम इस प्रकार से कह सकते हैं कि गाँव A में लड़कों की संख्या का घनत्व अघिक है। ठीक इसी प्रकार से पानी और बर्फ के घनत्व के बारे में हमें बताना है ।


पानी और बर्फ में किसका घनत्व अधिक.. 

 हम जानते हैं कि अगर किसी बर्फ़ के टुकड़े को जल ( पानी ) में डूबोया जाता है तो बर्फ़ का टुकड़ा पानी में नही  डूबता है  ।अतः बर्फ़ का घनत्व कम होता है और पानी का ज्यादा। अगर बर्फ़ का घनत्व अधिक होता तो बर्फ पानी में ही डूबा रहता  । यह घनत्व में अन्तर जानने का आसान तरीका है।





अभी  📝जारी है..



17 Nov 2018

गणित में होने वाली सबसे बड़ी गलतियाँ | जानकारी by- possibilityplus.in


गणित में होने वाली सबसे बड़ी गलतियाँ.... 


नमस्कार दोस्तों आप सभी का स्वागत है,  आप सभी को गणित कम आती हो या ज्यादा पर गणित की कुछ ऐसी गलतियाँ आप सभी के सामने प्रस्तूत करने जा रहा हूँ जिसे देखकर आप अपने दाँतों तले उंगली दबा लेगें ।
क्या हैं यह गलतियाँ चलिए एक नजर डालें इन पर - 
  1. भाग में होने वाली सबसे बड़ी गलती। 
  2. समीकरणों के घटाने में होने वाली गलतियाँ।
  3. कोष्टकों का उपयोग न करना।







भाग में होने वाली सबसे बड़ी गलतियाँ  ||


आप सभी को यह जानकारी बड़ी हैरानी होगी कि भाग जैसे छोटे सवालों में भी ऐसी गलती हो सकती है। भाग में एक नहीं बल्कि दो गलतियाँ हैं जो हमें शर्मसार कर देने वाली है। अगर मैं कहूँ कि 3 से 1 में भाग करें तो यह देखकर आपमें से कुछ लोगों को शायद ऐसा लग रहा होगा कि यह तो बहुत ही छोटी सी भाग है और इसको हल करने में भला कौन सी कठिनाई है। इसी की सहायता से हम जानेंगे भाग में होने वाली गलतियों के बारे में तो चलिए इस भाग को करके ही देखते हैं।







इस भाग में दो गलतियाँ शामिल हैं -

  1. दशमलव लेने पर संख्या 1 से 10 नहीं होगी ।
  2. भाग के नियम के अनुसार भाजक का भागफल में गुणा और शेष को जोड़ने पर मान भाज्य के बराबर होना चाहिए लेकिन इस भाग में ऐसा नहीं है ।


अगर आपको इस भाग को चेक करना है कि सही है कि नहीं तो आप इस सूत्र -   
भाज्य = भाजक × भागफल + शेषफल  से कर सकते हैं।
इस सूत्र से सीर्फ इसी भाग को नहीं बल्कि दुनिया की किसी भी भाग पर आजमा सकते हैं।









समीकरणों के घटाने में होने वाली गलतियाँ ||



समीकरणों में के घटाने में होने वाली गलतियाँ भी बहुत होती हैं पर यह गलतियाँ बहुत कम गणित के जानकार लोगों द्वारा होती हैं । यह समीकरण देखिए -




यह मान कैसे आया है इसको जानने के लिए  निचे दिए गए तस्वीर को देखें -




ऊपर दिए गए चित्र से स्पष्ट है कि विपरीत चिंहो का एक साथ गुणा करने पर " - "  प्राप्त होता है और एक समान चिन्हों का गुणा करने पर " +  " प्राप्त होता है। यह तो चिन्हों का गुणा था पर हम देखेंगे इसकी भाग का क्या सूत्र / नियम है। निचे दिए गए चित्र को देखिए -






जैसे ( - a ) / ( - b ) = + a / b
                 + a / b = + a / b
               - a / + b = - a/ b
               + a / - b = - a / b

इस तरह हम देख रहे हैं कि कैसे चिन्हों का मान भाग देने पर बदलता है। इसे नियम की तरह याद  या कहीं नोट कर लिजिए क्योंकि यह बहुत काम की चीज है।

कोष्टकों का उपयोग न करना .. 


क्या आपको पता है कि गणित में कोष्टकों का कितना बड़ा और महत्वपूर्ण स्थान है। दरअसल गणित में ही नहीं बल्कि कोष्टकों उपयोग हर विषय में किया जाता है पर गणितों में इसका अच्छा -  खासा उपयोग किया जाता है। आइए जानते हैं इसके बारे में। 
      मान लिजिए समीकरण   4x - 5y = 0  में से समीकरण  - 2x + 3y = 0 को घटाना है। इसको घटाने से पहले हमें कोष्टक का उपयोग करना पड़ेगा नहीं यह घटना ही हल करने में असुविधा होगी। 

( 4x - 5y  ) - ( - 2x + 3y  ) 
= 4x - 5y  + 2x - 3y 
= 6x - 8y          -  Answer 




तो उपर देखने से यह स्पष्ट हो रहा है कि अगर कोष्टक " ( )" का उपयोग नहीं किया गया होता तो समीकरण हल करने की बात ही छोडि़ए इसके बिना समीकरण कितना अटपटा सा लगता । इस किसी भी समीकरण को अगर घटना हो जोड़ना हो या फिर गुणा करना हो तो हमें कोष्टकों का उपयोग जरूर करना चाहिए।
आप हमें अपनी किमती राय जरूर देना ।
धन्यवाद !!




आगे जारी है ....... 





7 Nov 2018

दो चरों वाले रैखिक समीकरणों का हल और मुख्य उपयोग।


दो चरों वाले रैखिक समीकरण

Two-dimensional linear equation



दो चरों वाले रैखिक समीकरण के सवाल को जानना हमारे लिए बहुत ही जरूरी  है क्योंकि यह एक ऐसा सवाल है कि जो दो प्रकार के अज्ञात मान / वस्तु की जानकारियाँ प्रदान करता है वो भी बहुत ही आसानी से । और इसमें ज्यादा समय भी नहीं लगता है। जैस : भिन्न के सवाल, आयु / ऊम्र, काम - समय, चाल - समय, विज्ञान के सवाल, घातांक के सवाल , त्रिकोणमितिय के सवाल, ज्यामितीय के सवाल , समाकलन - अवकलन आदि सभी प्रकार के सवालों में इसका उपयोग विशेष रूप से होता है। दो चरों वाले रैखिक समीकरणों को हल करने की मुख्यतः तीन विधियाँ होती हैं -

  1. विलोपन विधि ( Deletion method ) 
  2. विस्थापन विधि ( Displacement method ) 
  3. वज्रगुणन विधि ( Vagranity method ) 







  विलोपन विधि  ( Delation method )   



 इस विधि में सुविधानुसार जिस पद को विलूप्त करना चाहते हैं उसे कर सकते हैं। जब एक पद विलूप्त हो जाता है तो दूसरे पद का मान आसानी से मिल जाता है। इस प्रकार पदो को विलूप्त करने की क्रिया को ही विलोपन कहते हैं । 

 क्या विलोपन का मतलब नहीं समझ में आ रहा है या पता नहीं है तो कोई बात नहीं है । चलिए जानते हैं इसके बारे में 


 विलोपन का मतलब है कि किसी भी चीज / वस्तु का पूर्ण रूप से समाप्त हो जाना या अस्तित्वहीन हो जाना। आपने सूना ही होगा कि पक्षियों की यह या वह प्रजातियों विलूप्त हो रही हैं या किसी अन्य जानवरों की कोई प्रजाति विलूप्त हो चुकी है तो इसका मतलब यह है कि इनकी एक ऐसी प्रजाति थी जो अब धीरे - धीरे समाप्त हो रही हैं या हो चुकी हैं । 





हल करने की विधि (  Method of solving )  

हल करने की विधि इस प्रकार है - 

  1. सबसे पहले दोनों समीकरणों में x या y किसी एक के गुणांक को गुणा या भाग करके बराबर करिए । 
  2. अब जो गुणांक बराबर है उसे जोड़कर या घटाकर काट दीजिए। ( यदि दोनों एकही चिंह के हैं तो घटाओ और अगर चिन्ह अलग - अलग है तो जोड़ दीजिए। ) 
  3. अब जो गुणांक बचा है उसे गुणा / भाग करके हल कर लिजिए । 

उदाहरण ( Example ) 1.    3x + 4y = 10 तथा 5x + 6y = 24  का हल किजिए / x और y का मान निकालिए ।

हल  (solution)  :  3x + 4y = 10     समी० ( 1 ) 
                         5x + 6y = 24     समी०  ( 2 ) 
अब x या y के एक गुणांक में से किसी एक को बराबर करना होगा। चलिए हम यहाँ x के गुणांक को बराबर करते हैं। अब हम यहाँ देख रहे हैं कि x के दो गुणांक 3 और 5 हैं। अगर समी० ( 1 ) में 5 से और समी० ( 2 ) में 3 का गुणा करें तो दोनों समीकरणों ( समी०) में x का गुणांक 15 हो जायेगा। गुणा करने पर  -

5 × ( 3x + 4y = 10 ) 
                          15x + 20y = 50   समी० ... ( 3 ) 
                     3 × ( 5x + 6y = 24 ) 
                     15x + 18y = 72   समी०... ( 4 ) 

चूँकि समी० ... ( 3 )  और  समी०... ( 4 )  में x के गुणांक 15 हैं और एकही चिन्ह के हैं  । इसलिए समी० ( 3 ) से समी० ( 4 ) को घटाने पर, 



   y = - 11
का मान समी० ( 1 ) में रखने पर,
 3x + 4 ( - 11 ) = 10  या 3x - 44 = 1 0
3x = 44 + 10 = 54
x = 54 / 3 = 18
अतः x = 18 और y = - 11 है। 

जारी  📝 है ..  

4 Oct 2018

किसी भी काम में सफल होने का जादुई तरिका।


सफलता पाने का जादुई तरिका


स्वागत है आपका सभी का हमारी वेबसाइट possibilityplus पर । इस आर्टिकल से आप अपनी जिंदगी को एक जादुई तरिके से बदल सकते हैं। 




यह बात मैं  इसलिए कह रहा हूँ क्योंकि आज जो लोग भी ऊँचाइयों की सीढियाँ चढ़े हैं उनकी सोंच और ईरादे इतने मजबूत थे कि उन्हें कोई भी सफल होने से नहीं रोक पाया। सफल होने के लिए दो बातें बहुत ज्यादा माईने रखती हैं -

  1. सोंच  और 
  2. पक्का ईरादा  ।




पर समस्या यही है कि हममे से बहुत से लोग ऐसा नहीं कर पाते हैं। पहले मैं भी इस बात को नहीं समझ पाता था कि भला सोचने से कैसे सफलता पाई जाती है । लेकिन बार - बार जब यह बात मेरे पास आयी कि तो मैंने ऐसा सोचना प्रारंभ कर दिया और परिणाम जो मिला मुझे अदंर से हिला कर रख दिया । मैने यह पाया कि हम जो भी कुछ हैं आज वो हमारी सोंच का परिणाम है। यह बात जो मैंने कहा कि " हम जो भी कुछ आज हैं यह सब हमारी सोंच का परिणाम है। "  यह बात भगवान महात्मा बुद्ध  की है। दोस्तों आप possibilityplus ( संभावना बढ़ाने ) की साईट पर पढ़ रहे हैं जहाँ आपको संभवत: हर समस्या का समाधान मिल सकता है। अगर आप इसे अच्छी तरह से पढ़ लोतो आपको किसी भी काम सफल में होने से कोई नहीं रो पायेगा / पायेगी।  दुनिया में कोई काम कठिन है तो वह है अपनी असफलता को लेकर जीना और इसे ही अपनी किस्मत मान लेना कि मैं कुछ भी नहीं कर सकता हूँ। यह एक बहुत ही बडी़ कमी, भ्रामक और शर्मनाक बातें हैं जिन्हें हम अपने अन्दर रखकर बहुत ही गलती करते हैं या यह भी कहूँ कि अपने आपके पैरों पर कुल्हाड़ी मारने के समान है तो यह भी गलत नहीं होगा। जैसा हम सोचते हैं या जैसी हमारी सोंच होती है वैसा ही हमारा व्यवहार भी होने लगता है। तो हमें सबसे पहले अपनी सोंच को ही सही रूप देना होगा तभी कोई बात / काम बनेगा। सारा खेल दिलोदिमाग का है, अगर आप  दिलोदिमाग से तैयार हैं तो आप हर काम कर सकते हैं।  




दुनियाँ का हर आदमी सफल है...



जी हाँ दुनियाँ का हर आदमी सफल है अब आप कहोगे कैसे ? तो आगे पढो़ और देखो। हम सभी को यह बात पता है जब कोई बच्चा / बच्ची इस दुनिया में पैदा होता है तो वह पैदा होने तुरन्त बाद ही चलने - फिरने नहीं लगता है। इस समय बच्चे के लिए बैठना और  चलना तो बहुत दूर की बात है वह तो अपने शरीर को भी नहीं संभाल पाता है, जबकि उसके पास हाथ - पैर सब मौजूद होता है। इस बात को गहराई से समझने की कोशिश करिए बच्चे के पास वह सभी चीजें मौजूद है फिर भी वह ना तो वह अपने आप को सँभाल सकता है और ना ही चल फिर सकता है । जबकि यही बच्चा कुछ महीनों बाद पहले बैठना शुरू करता है फिर हाथ - पैर की मदत से चलना प्रारंभ करता है। धीरे -  धीरे दोनों पैरों से चलने भी लगता है। इसके बाद यही बच्चा जो अपने आप को संभाल नहीं पाता था, ठीक से बैठ नहीं पाता था, अब वह सीर्फ चलता ही नहीं बल्कि दौड़ने और कूदने भी लगता है। बच्चों को यह बात नहीं पता होती है कि उसे कैसे चलना है, कैसे दौड़ना है और अपने आपको कैसे संभालना है। फिर भी वह इन सभी कामों को कर लेता है और यह सब कैसे हुआ। प्रयास ( practice   ) एक ऐसी चीजों में से एक है जो हमें हर कामों को करने के लिए अतिआवश्यक है ।



 यहाँ पर एक बात पर गौर करने की है, बच्चों को जो चीजें बहुत ही मुश्किल लगती है वही चीजें हमको उतना ही आसान लगती हैं बल्कि यूँ कहें कि यह सब तो हमारे लिए बाँये हाथ के खेल से भी निचे की चीजें हैं। क्योंकि हम इन  सीढ़ियों को पार कर ऊपर की सीढियाँ चढ़ रहे होते हैं। बच्चा इसलिए चलना सीख जाता है क्योंकि सभी लोग उसे चलने के लिए उसे छोड़ देते हैं। कोई भी व्यक्ति ऐसा नहीं चाहता है कि कोई भी बच्चा न चले। कुल मिलाकर कहे कि बच्चों के चलने का विरोध कोई नहीं करता है।  इसलिए बच्चा चलना सीख जाता है। और जब वही बच्चा बड़ा हो जाता है तो उसे सफल बनाने में बहुत कम लोग ही उसका साथ देते हैं । इस तरह से हर आदमी की पहली सफलता बचपन में चलना - फिरना और बैठना होती है। बच्चा भी लोगों की बातों को अगर उस समय समझ पाता जब वह चलना -  फिरना उसके लिए असंभव जैसा होता  क्योंकि 
अब जब आप बड़े हो गए हो तो यह जरूरी नहीं है कि आपका कोई साथ दे। अब आपको सभी कार्य खुद करना है पर कैसे यह सवाल बार - बार आयेगा जब तक कि आप वह काम कर ना लो। 




जो महसूस करोगे वही होने लगेगा ? 


 यह बात मैं यूँ ही नहीं कह रहा हूँ बल्कि मैंने अपने जीवन में बार - बार महसूस किया है । अगर आप किसी परिमाण की सोंच रहे हैं तो मैं यह बताने मे खुशी महसूस कर रहा हूँ यह अनमोल वचन भगवान महात्मा बुद्ध  जी का है।  क्या आपको अभी तक विश्वास नहीं हो रहा है कि यह बात सही है तो चलिए मैं आपको कुछ ऐसे उदाहरणार्थ पेश करने जा रहा हूँ जो आपके विचारों को खोलेगा ही नहीं बल्कि पंख भी दे देगा । इसके लिए निम्नलिखित शर्तें हैं - 
  1.  जो भी महसूस करें तो दिलो दिमाग से करें । 
  2.  महसूस करने की ऊर्जा निरन्तर होनी चाहिए।  

इन दोनों ही बातों को गहराई से समझते हैं । सोचो कि " मुझे सुबह के 4 , 5, 6 बजे जागना है तो जरूर जागना है। "
यकिन मानिये यह होता है और अगर विश्वास नहीं ह तो इसे आप आजमा सकते हैं । इसे पढ़ने और समझने के लिए यह पोस्ट    https://www.possibilityplus.in/2017/02/jab-kabi-hame-kisi-jaruri-kaam-ke-liye.html?m=1.... जागने लिए क्लिक करें।


नोट :
आगे लिखना बाकी है तब तक इसको पढे़ और इसके बारे में  कमेंट जरूर करें।



आगे ✍️जारी है... 

28 Sep 2018

फोन हमेशा क्यों व्यस्त बताता है.. ?


फोन हमेशा क्यों व्यस्त बताता है ?

       मोबाइल फोन का इस्तेमाल आज इतना बढ़ गया है कि लगभग हर घर में यह अनिवार्यरूप से मिल ही जायेगा। इसका मुख्य कारण है भाग - दौड़ भरी जिंदगी। इसीलिए मोबाईल तो अनिवार्य रूप से आज के समय में चाहिए ही चाहिए। ऐसे में मोबाइल का से बात न हो पाना मोबाईल के उपयोग का मतलब ही नहीं रह जाता है  । 



अगर बार - बार यानी किसी 
भी समय जब काॅल करते हैं और हर बार व्यस्त बता रहा है तो संभव है कि आपका नंबर ब्लाॅक  किया गया है।

चलिए इसके बारे में जानते हैं कि विस्तार से । 
मोबाइल क्यों हमेशा व्यस्त बताता है इसके कई कारण होते हैं जो निम्नलिखित हैं - 
  1.  नम्बर ब्लाॅक किया गया हो सकता है।
  2. नेटवर्किंग समस्या 


नम्बर ब्लाॅक 🚫 होना क्या है ?

मोबाइल नम्बर ब्लाॅक होने का मतलब यह है कि अगर आपका नम्बर किसी कारण से ब्लाॅक हो गया है या किसी ने जानबूझकर आपके नम्बर को ब्लॉक कर दिया है तो आप चाहे जितनी बार भी उस नम्बर पर कॉल  ( call ) कर लो पर काॅल हमेशा व्यस्त 📞 ( Busy ) ही बतायेगा। आपको फोन पे Ring ( घण्टी   ) बजते हुए सुनाई देगी पर जिस नम्बर पर आप फोन / काल कर रहे हैं वहाँ कोई रिंग नहीं बजेगी। इस तरह से आप जिस नम्बर पर काॅल कर हैं उस पर बात नहीं हो पाती है क्योंकि काॅल कट ( disconect ) हो जाती है ।
इसे दोबारा से कैसे ठीक किया जाये कि हम दोबारा से आसानी से बात कर सके । 


ब्लाॅक होने के बाद बात कैसे करें ? 


   दो तरिके हैं - 
  1. किसी अन्य नम्बर से काॅल करना । 
  2. अनब्लाॅक करके काॅल करना।




अगर आपका नम्बर ब्लाॅक किया गया हो तो आप किसी अन्य नम्बर से आसानी से बात / काॅल कर सकते हैं। फिर इस विधि की मदद से आप अपने नम्बर को अनब्लाॅक करवा सकते हैं। अनब्लाॅक करने की विधि निचे दी जा रही है। 

नम्बर अनब्लाॅक करना. 


जब नम्बर अनब्लाॅक हो जायेगा तब आप आसानी से बात कर पाओगे। चलिए जानते हैं कि कैसे नम्बर को अनब्लाॅक किया जाये । इसके निम्नलिखित चरण हैं - 
  •  सबसे पहले काॅल option में जाये ।
  • फिर जो नम्बर ब्लाॅक हुआ है उसके सामने बने " > " निशान पर क्लिक करें।  ( यह विधि केवल screen touch / android phone के लिए है क्योंकि कीवर्ड मोबाईल की अलग ही सेटींग ⚙️ होती है।  ) 
  • अब दाहिने तरफ एकदम ऊपर इस चिन्ह " ፧ " पर क्लिक करें ।
  • अब जो विंडों खुलती है उसमें unblock का option दिखाई देगा । 
  • Unblock पर क्लिक करें। बस हो गया Unblock अब आप जब चाहे बात कर सकते हैं। 
  • अगर नम्बर block नहीं होगा तो block का option दिखाई देगा ।




नम्बर ब्लाॅक 🚫 करने के फायदे / नुकसान 


फायदें

     एक बात आज जानलो अगर जिस चीज / वस्तु से नुकसान है तो कहीं न कहीं उससे आपको फायदा जरूर होने वाला है। इसके फायदे इस प्रकार से हैं -

  • अगर आपको कोई बार - बार फोन करके परेशान कर रहा / रही है तो आप उसके नम्बर को ब्लॉक कर सकते हैं। 
  • ब्लाॅक होने के बाद वो आपको काॅल नहीं कर सकता है पर आप कर सकते हैं । 


नुकसान :

          इसके नुकसान को देखिए जो निनिम्नलि हैं - 
  • जिस नम्बर को आपने ब्लाॅक किया है वो आपको उस नम्बर से तबतक काॅल नहीं कर सकता है जबतक की आप उसे अनब्लाॅक न कर दें। 

दोस्तों यह जानकारी आपको उपयोगी लगी हो तो हमारे साइट को जरूर flow करें, क्योंकि यहाँ पर ऐसी जानकारियाँ मिलती है जो उपयोगी होती है। 
आप इस पोस्ट के बारे में कमेंट जरूर करें। 


22 Sep 2018

अंग्रेजी कैसे सीखें, सीखें अंग्रेजी का A to Z .. Tense.



अंग्रेज़ी ( Inglish language )

अंग्रेजी  एक ऐसी  भाषा है  जिसे हर कोई बोलने और सीखने की इच्छा रखता है। दरअसल अंग्रेजी का इस्तेमाल आॅफिस , स्कूल, कॉलेज, कंपनी में बहुत ही उपयोगी है। यह बोलने मे जितना confidence होता है उतना ही ज्यादा sucsess ( सफलता ) भी मिलती है। अगर आप अंग्रेजी जानते हैं तो आपके नौकरी पाने की संभावना ज्यादा हो जाती है।  आज हम जानेंगे एक ऐसे तरीके के बारे में जो आपको अंग्रेजी सीखने में बहुत ही बड़ी भूमिका का निर्वाह करेगी। 








यह एक ऐसा app है जो हर हिन्दी शब्द को Inglish और 
Inglish को हिन्दी में translate ( अनुवाद ) कर सकता है। 

यह app download करने के लिए यहाँ क्लिक करें  - 
👉 https://play.google.com/store/apps/details?id=com.google.android.apps.translate


download करने के बाद app permission माँगता है जिसे " Ok"  पर क्लिक कर permission देकर इस्तेमाल कर सकते हैं। 


उपयोग करने की विधि ( Method of uses ) 

अब इसके उपयोग की बात कर ली जाये कि कैसे यह काम करता है। आपको जिस भी वाक्य को अंग्रेजी में बदलना हो आप बदल सकते हैं। इसके लिए आपको Google translate app को खोलकर वह शब्द / वाक्य लिखना है । बस लिखते ही हिन्दी शब्द को अंग्रेजी में बदल देता है।
निचे दिए गए चित्र को देखिए - 



मैंने यहाँ पर " मै अंग्रेज़ी सीखना चाहता हूँ।"  का अंग्रेज़ी में रूपांतरण / translation किया हूँ । इस app के जरिए  । 
अगर आपको किसी अंग्रेज़ी शब्द को हिन्दी में बदलना है आपको ऊपर चित्र में Hindi और English के बीच में ⇆ इस तरह की तीर पर क्लिक करें। ऐसा करने से अगर पहले हिंदी से अंग्रेज़ी में था अब अंग्रेज़ी से हिंदी में हो जायेगा। 

अगर हिन्दी या अंग्रेजी से किसी अन्य भाषा में translation करना है तो इसी तरह उसे भी आसानी से कर सकते हैं। क्योंकि इसमें बहुत सारी भाषाओं को शामिल किया गया है । जैसे कन्नड़, गुजराती , चाईनीज, जर्मन, ग्रीक , बंगाली, अरबी इत्यादि भाषाओं  को सम्मिलित किया गया है। निचे दिए गए   चित्र को देखिए - 




अगर आप किसी भी विषय पर जानकारी चाहते हैं तो हमें कमेन्ट में जरूर बताएँ या हमें ईमेल करें dkc4455@gmail.com पर।
ऐसी ही जानकारियों को पाने के लिए अभी सब्सक्राइब करें हमारे इस साइट को।

घड़ी के सवालों को कैसे हल करें ? 100% आसान तरीका by Possibilityplus.in

घड़ी ⏰ का सवाल  ( Question of clock ) 




आज इस पोस्ट में घड़ी⏰ से संबंधित सवालों का समाधान किया जायेगा। घड़ी से संबंधित जो भी सवाल आपका होगा वह अब नहीं रहेगा क्योंकि आज के बाद घड़ी के सवालों को बहुत ही आसानी से आप हल कर लोगे वो भी बिना कापी, कलम या किसी कैल्कुलेटर के ।


घड़ी के सवालों का महत्व ( Importance of clock questions )


घड़ी के सवालों के महत्वपूर्णता की बात की जाये तो बड़ी ही खास जगह है। विद्यार्थियों के लिए तो ये सब सवालों को जानना ही चाहिए क्योंकि यह लगभग हर कन्पटीसन परीक्षा में शामिल किया जाने वाले सवालों मे से एक है। 




हल करने की विधि ( Method of solving )  


सवालों को हल करने की विधि को जानने से पहले हम इसकी कुछ महत्वपूर्ण जानकारियों को देख लेते हैं  । घड़ी की सुइयों की गति वृत्तीय कक्षा के अन्तर्गत आती है। इसलिए वृत्त में 



पहली विधि. 1
First method  .1

कुल कोणों की संख्या 360° होती है। 
सेकेंड वाली सुई 1मिनट में तय करती है 360° कोण। 
मिनट वाली सुई 1 घंटे में तय करती है 360° कोण। 
 

दूसर विधि. 2
Second method. 2

यह विधि पहली विधि से अलग तो है ही पर आसान भी है।
हम जानते हैं कि घड़ी में कुल 12 खाने, भाग या अंक जो भी कहें ।  दूसरी बात घड़ी में कुल बनने वाला कोण = 360°
इसलिए प्रत्येक खाने को मिलने वाला कोण = 30° होका है। चलिए उदाहरणों में इनका इस्तेमाल कैसे करना है वो देख लेते हैं।


अब यही बात हमारे लिए काफी या पर्याप्त है प्रश्नों को हल करने के लिए क्योंकि सभी प्रश्न इसी पर आधारित होते हैं ।चलिए कुछ प्रश्नों को हल करके देख लिया जाये। 


उदाहरण :   किसी घड़ी के मिनट और घण्टे की सुईयों के बिच का कोण 100° है, जबकि घंटे की सुई 12 पर है तो बताईए कि घड़ी में 12 बजकर कितने मिनट हुए हैं ।

   ⏰ पहली विधि. 1

14 Sep 2018

youtube video kaise dekhe slow net pe ?


Slow net pe Youtube video 🖼️ chalana... 👈




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Possibilityplus.in 


क्या आप  youtube पर विडियो देखते हैं तो देखते समय विडियो रूक - रूक कर चलती है या buffring करने लगती है तो  बस यही बात आपके लिए काफी है इस पोस्ट को पढ़ने के लिए। इंटरनेट की स्पीड कम होने पर भी विडियो को youtube पर देखने की बड़ी अच्छी विधि है  । जानने के लिए पूरी पोस्ट को ध्यान के साथ जरूर पढें  । 




youtube एक ऐसा प्लेटफार्म है जहाँ पर करोड़ों की संख्या में लोग विडियो देखने के लिए आते हैं। अगर हममे से किसी भी का इंटरनेट स्पीड कम है तो youtube पर विडियो देखना मुश्किल हो जाता है या यूँ कहें तो दे ही नहीं पाते हैं। अगर मैं कहूँ कि कम नेट स्पीड में भी youtube पर विडियो को देख सकते हैं वो भी बिना रूके या बफरिंग के तो कैसे यह सवाल हो सकता है , पर एक बात मै आप सभी को बताता रहता हूँ कि हर काम में सफलता पाने की कोई न कोई जरूर संभावना रहती है  । इसलिए इस काम में भी तो कोई न कोई संभावना जरूर होनी चाहिए कि youtube की किसी भी विडियो को इंटरनेट की कम स्पीड होन पर भी देखा जा सके। 










कम नेट स्पीड में भी किसी भी विडियो को देखने का तरिका 


इंटरनेट स्पीड  कम होन पर भी  youtube पर विडियो को देखने की विधि इस प्रकार से है  -
  • सबसे पहले youtube पर जो भी विडियो को आप देखना चाहते हैं उस विडियो को चालू करें।
  • अब तीन बिंदु वाले निशान पर " क्लिक " करें। ( screen के दाहिने तरफ ऊपर  ) अथवा निचे दिए गए चित्र देखिए -   
  • क्लिक करने के बाद हमारे सामने कुछ विकल्प आते हैं जो चित्रानुसार है -
  ⚙️ Quality  : पर क्लिक करें ।

  • अब जो विंडों खुलेगी उसमें कई विकल्प दिये होगें जो कि विडियो की क्वॉलिटी होती है। हमें इनमेइ से सबसे ऊपर वाले  यानी 144p  को चुनना है। क्योंकि यह एक कम स्पीड पर भी विडियो को चला सकता है। 
मगर इस प्रकार की विडियो अच्छी नहीं दीखती है,


इसलिए हमें एक छोटा सा काम करना होगा और वह है विडियो को कुछ मिनट तक रोके रखना ना कि चालू रखना है और करीब पांच मिनट तक विडियो को रोकने के बाद हम जब विडियो को चालू करेंगे तो विडियो बिना रूके चलने लगेगी परन्तु यह विडियो देखने में अच्छी नहीं होती है। इसलिए हमें पहले वाले चित्र के अनुसार क्लिक करके विडियो क्वालिटी 240p या 360p कर सकते हैं । इसपर करके देखना शुरू करेगें तो भी विडियो तुरंत नहीं रूकेगी बल्कि कम से कम  आठ - दस  मिनटों तक बिना रूके चलेगी। वो भी अच्छी क्वालिटी में तो इसी के साथ नमस्कार फिर मिलेंगे अगले पोस्ट में एक नई जानकारी के साथ  । धन्यवाद.
इसी तरह आप किसी भी विडियो को आसानी से देख पाओगे वो भी अच्छी क्वालिटी में  ।

🔚

6 Sep 2018

Internet कैसे share करते हैं ?



Internet data connection share karna.. 

4 Sep 2018

सफल होने का महामंत्र हैं, ये तरिके.....



हर काम में सफलता पाने की संभावना। 




Possibilityplus.in पर आपका स्वागत है। इस पोस्ट में मैं आपको एक ऐसा मंत्र दूँगा जी हाँ जो मैं बताने वाला हूँ वो किसी मंत्र से कम नहीं है और इस पोस्ट को पूरी तरह से पढ़ने के बाद आप हर हालात, परिस्तिथि, मुश्किल या बड़े से बड़ा काम को कर पाओगे।


 आप चाहें जो भी काम करना चाहते हो वो कर सकते हो पर कैसे, यह सवाल आपके मन में उठना स्वाभाविक है। इन सब बातों को जानने और काम में सफलता पाने के लिए ही यह पोस्ट बनाया गया है।  चलिए हम इसकी शुरूआत करते हुए मैं आपके सम्मुख एक उदाहरण पेश करता हूँ जो आपको यह बता देगा कि हाँ भाई कुछ तो दम है बात में, चलिए देखते हैं - 
कभी-कभी आपने यह देखा होगा कि जब आपको किसी निश्चित समय पर जागना होता है, जैसे 4 am, 5 am, 6 am या कोई भी अन्य समय हो । तो आपको उस समय पर जागने के लिए यह दिल से सोचना होता है या सोचते हो और आप सो जाते हैं और आप ठीक उसी समस पर जागते जिस समय पर आप जागना चाहते थे  ।

उम्मीद है कि आपके साथ ऐसा हुआ होगा अगर हुआ है तो यह कोई इत्तेफाक या संयोग नहीं है बल्कि यह आपके सोच का कमाल है। अगर आपके साथ ऐसा नहीं हुआ है तो आप ऐसा करने के लिए बस इतना ही काम करो कि सोते समय या जब आप नींद में जाने वाले होते तब यह सोचकर सो जाओ कि मुझे सुबह के 3, 4, 5,या 6 बजे में से किसी भी समय पर जागना ही और यह बहुत ही जरूरी है तब उसके बाद आप कुछ भी न सोचते हुए सो जाओ। अब जब सुबह को नींद खुले तो समय जरूर देखें। आप देखोगे कि आप बिल्कुल उसी समय पर जागे हो जिस समय पर जागना चाहते थे। आपकी इच्छा जितनी ही ज्यादा होगी आपके जागने का टाइमिंग उतना ही सटीक होगा फिर तब जाकर इस पोस्ट में आप अपने कमेन्ट अपने विचार लिखना । ऐसे एक दो उदाहरण नहीं है बल्कि इससे भरे पड़े हैं ।


 
किसी काम को सफल बनाने में  क्या - क्या बात मायने रखती है इन बातों के साथ - साथ उन बातों को भी ध्यान में रखना चाहिए जो हम सबको असफलता की राह पर ले जाती हैं। असफल होने के निम्नलिखित बड़े कारण इस प्रकार हैं  -

  1. किसी भी काम को पूरी तरह से समाप्त न करना ।
  2. काम को दिल से नहीं करना।
  3. बहुत ज्यादा बडे़ काम को पहले ही शुरू करना।
  4. अपने मन को सीमित और छोटा करना ।
  5. अपने आप पर भरोसा और अत्कामविश्वास की कमी का  होना।


ऊपर की बातें यह दर्शाती है कि हमारे असफल होने की मुख्य वजह है  हमारी अज्ञानता,  आत्मविश्वास और अपने मन को सीमित करना है।
भगवान् बुद्ध ने भी कहा है कि सत्य के रास्ते को तय करने में कोई दो ही गलियाँ कर सकता है - 
1.रास्ता बिच में ही छोड़ देना। 
2. रास्ता तय ही ना करना। 
यह तो कोई भी व्यक्ति हमें बता सकता है या यह सब आप लोगों कोई  पता भी होगा फिर इस पोस्ट में क्या दम है तो अब आगे जो भी पढ़ने वाले हो आप वो एक रामबाण की तरह है।   
किसी भी काम में सफलता पाने के लिए जबर्दस्त और लगभग सत प्रतिशत कारगर बातें कुछ इस प्रकार हैं -
  1. अपने मन को यह दिलासा दिलाओ कि हर काम में मैं सफल हो सकता हूँ क्योंकि हर काम में सफलता पाने की संभावनाओं की जड़ जरूर होती है और यह एक लगभग नहीं बल्कि 100% सत्य बात है जिसे कोई गलत साबित नहीं कर सकता है। उदाहरण के तौर पर अगर कोई डाक्टर किसी मरीज से यह बात कह दे कि " तुम कुछ ही दिनों के मेहमान हो।" तो उस मरीज के मरने की संभावना बहुत ही ज्यादा बढ़ जाती है फिर जाये डाक्टर झूठ ही क्यों न बोला हो। दरअसल मरीज डाक्टरों की बातों को सच मानते हैं इसीलिए डाक्टर या कोई  भी व्यक्ति मरीज से ऐसी नाजुक बातों को नहीं बताता है। आप ही सोचिए सिर्फ बातों को सच मानने पर वह बात कितना असर डालती है। दुनिया में हर बात, वाक्य का कुछ न कुछ प्रभाव जरूर होता है। जिस बात को हम जितना सही मानेंगे वह बात उतनी ही ज्यादा प्रभावशाली होती जायेगी  । हमेशा साकारात्मक  बातों को अपने अन्दर रखिए और उस पर अडिग रहो फिर रास्ता ही नहीं मंजिल भी आपका इंतजार करेगी। भगवान् महात्मा बुद्ध ने कहा है " जो व्यक्ति जैसा सोचता है और उसे करता है वह वैसा ही बन जाता है। " या  मुश्किल कुछ भी नहीं इस दुनिया में मगर लोग इरादे तोड़ देते हैं । अगर सच्चे दिल से चाहत है कुछ पाने की तो सितारे भी अपनी जगह छोड़ देते हैं।। 
  2. जिस किसी भी काम में सफलता पाना चाहते हैं तो उस काम को ऐसा महसूस करो कि वह काम बस होने ही वाला है, जैसे - अगर आप भगवान बजरंगबली ( या जो भी आपके पसंदीदा भगवान हों ) उनकी पूजा करते समय ऐसा महसूस करो कि जैसे कि बजरंगबली ( या जो भी आपके पसंदीदा देवी - देवता हों ) आपके समक्ष हों और तब जाकर आप अपनी बात उनके समक्ष रखिए। ऐसा करने के लिए सबसे महत्वपूर्ण बात यह है कि हमें भगवान की एक स्पष्ट ( clear ) ईमेज बनानी चाहिए। इसके बाद आप जब ऐसा कर लोगे तो आप जो भी सवाल या उत्तर जानने की लालसा रखते हो आपको मिल जायेगा। 
  3. सबसे पहले किसी भी बडे़ काम में हाथ नहीं लगाना चाहिए क्योंकि बडा़ बहुत दिनों तक चलने वाला होता है। अगर हम कोई भी छोटा काम करेंगे तो हमें उसके प्रणाम जल्द से जल्द मिलेंगे और इससे हमारे आत्मविश्वास में बढ़ोत्तरी होगी जिससे हम बड़े कामो को भी कर सकते हैं।  
  4.  हर काम को पूरा करने की आदत बनानी  चहिए । 
  5. और अंत में एक बात कोई भी काम हो चाहे कितना ही बड़ा ही क्यूं ना हो मगर उस काम को करने या होने की संभावना जरूर होती हैं ।


उम्मीद है की यह पोस्ट पढ़ने के बाद आपको कुछ मोटीवेशन जरूर मिलेगी । ऐसी ही जानकारी पाने के लिए इस साइट को अभी सब्सक्राइब करें । धन्यवाद्। 

29 Aug 2018

क्या होगा अगर पृथ्वी एक सेकेंड के लिए रूक जाये ? Possibilityplus.in



Possibilityplus.in पर आप सभी का स्वागत है। आज हम बात करने जा रहे हैं अपनी पृथ्वी के गति के बारे में जो एक महत्वपूर्ण जानकारी है। पृथ्वी क्यों गति करती है या घूमती है सूर्य के चारों ओर, इसका वेग कितना है, क्या इसका वेग हमेशा समान रहता या बदलता रहता है तो फिर क्यों बदलता है और पृथ्वी का आकार लगभग गोल क्यों है। क्या होगा अगर पृथ्वी 1 सेकेंड के लिए एकाएक रूक जाये। इन सभी सवालों को इस पोस्ट में शामिल किया गया है।





सबसे पहले बात करते हैं पृथ्वी के गति के बारे में 

  पृथ्वी गति क्यों करती है ? 


पृथ्वी गति करती है क्योंकि सूर्य द्वारा पृथ्वी पर अभिकेन्द्र बल लगाया जाता है इस अभिकेन्द्रीय बल को संतुलित करने के लिए पृथ्वी द्वारा सूर्य पर एक अपकेन्द्र बल लगाया जाता है। 
अब यह अभिकेन्द्र और अपकेन्द्र बल क्या है इसको जान लेते हैं क्योंकि बिना इसके जाने हम इस पूरी बात को समझने में असमर्थ हैं। 

अभिकेन्द्र बल ( Centripetal force)

वृत्तीय पथ पर गति करने वाले किसी भी कण या वस्तु पर लगने वाला वह बल जो उस वस्तु या कण को वृत्तीय केन्द्र की तरफ खिंचता है उसे अभिकेन्द्र बल कहते हैं।
इसी प्रकार सूर्य द्वारा पृथ्वी पर लगाया गया खिंचाव बल ही सूर्य का पृथ्वी पर लगाया गया अभिकेन्द्र बल है।
इसके विपरीत ( उल्टा ) अपकेन्द्र बल होता है।

अपकेन्द्र बल

वृत्तीय पथ पर गति करने वाले किसी भी कण, पिण्ड या वस्तु पर लगने वाला वह बल जो उस कण, पिण्ड या वस्तु को केन्द्र के  बाहर की तरफ दबाये रखता है, अपकेन्द्र बल  कहते हैं।
यह अपकेन्द्र बल उस कण, पिण्ड या वस्तु के द्रव्यमान के कारण लगता है।  जब दोनों बल ( अभिकेन्द्र बल व अपकेन्द्र बल ) लगभग समान  होते हैं तब लगभग वृत्तीय गति होने लगती है। यहाँ पर मैंने लगभग शब्द का प्रयोग इसलिए किया है क्योंकि वास्तव में ये दोनों बल  ( अभिकेन्द्र बल व अपकेन्द्र बल ) समान कभी भी नहीं हो सकते हैं और नाहीं 100% वृत्तीय गति संभव है। कोई चीज या वस्तु 100% वृत्तीय गति क्यो नहीं कर सकती या वह जैसी भी हैं तो वह वैसी क्यों है इन सब के बारे में हम अगले पोस्ट में विस्तार से जानकारी जानेंगे  ।
हमने अभिकेन्द्र बल व अपकेन्द्र बल के बारे में तो जान लिया पर यहाँ एक सवाल यह उठता है कि आखिरकार यह  अभिकेन्द्र और अपकेन्द्र बल कैसे या किस कारण से उत्पन्न होता है। दरअसल महान वैज्ञानिक न्यूटन के सिद्धांत के अनुसार ब्रम्हांड या विश्व की प्रतेक वस्तु हर दूसरी वस्तु को अपनी तरफ आकर्षित करती है। इससे यह स्पष्ट है कि अगर सूर्य पृथ्वी को अपनी तरफ आकर्षित करता है तो पृथ्वी भी सूर्य को अपनी तरफ आकर्षित करती है और इसी कारण से अभिकेन्द्र और अपकेन्द्र बल की उत्पत्ति होती है। इसी बल के कारण पृथ्वी सूर्य के चारों ओर परिक्रमा करती है  ।

पृथ्वी 24 घंटे में अपनी धुरी पर अपना एक चक्कर और सूर्य का एक चक्कर लगाने के लिए लगभग 365 दिनों का समय लगाती है । वर्ष 2013 की एक रिर्पोट में पता  चला कि पृथ्वी की गति 1 सेकेंड कम हो गयी है। तब से भूकंप के मामले में बड़ी वृद्धि इसी वजह से है ।वर्ष 2015 में आये भयानक भूकंप को कोई भूला नहीं है यह सब बातें इसी तरह इशारा करती हैं। 

पृथ्वी सहित अन्य सभी ग्रह सूर्य से धीरे - धीरे  दूर जा रहे हैं  । यह तथ्य भी सही हो सकता है कि पृथ्वी सूर्य की परिक्रमा एक ऐसे पथ पर करती है जो पूरी तरह से वृतीय नहीं हो और एक बात यह भी सिद्ध होती है कि पृथ्वी पर सूर्य द्वारा लगाया गया अभिकेन्द्र बल से कुछ बड़ा है अपकेन्द्र बल जिससे यह पता चलता है कि पृथ्वी ही नहीं बल्कि सभी ग्रह जो सौरमंडल में उपस्थित हैं यह सब सूर्य से धीरे - धीरे दूर जा रहे हैं ।



महान वैज्ञानिक डिमाॅयर ने अपने सिध्दांत के अनुसार यह बताया कि हमारा ब्रम्हांड फैल रहा है। 

अब जानते हैं कि अगर पृथ्वी एक सेकेंड के लिए रूक जाये तो क्या होगा । 

 जहाँ बाढ़ आती थी वहाँ सूखा और जहाँ सूखा पड़ता था वहाँ बाढ़ का आना इसकी मुख्य वजह है। अब आप अंदाजा लगा सकते हैं कि 1 सेकेंड गति कम होने से इतना परिवर्तन हो रहा है तो अगर 1 सेकेंड के लिए पृथ्वी रूक जाये तो क्या होगा ? 
पृथ्वी पर प्रलय हो जाने बराबर होगा क्योंकि जैसे ही पृथ्वी 1 सेकेंड के लिए रूकना प्रारंभ करेगी वैसे ही पृथ्वी पर मौजूद लगभग सभी बिल्डिंग गिर जायेगीं, कहीँ ज्वालामुखी निकलने लगेगा तो कहीं समुद्र का पानी ही बहुत बड़ी बाढ़ जो दुनिया ने कभी नहीं देखा हो वैसी भयानक होगी। कहीं जमीन फट जायेगी। इस तरह हर जीव लगभग समाप्ति की कगार पर होगा। 

21 Aug 2018

भाग 100% सही है कैसे पता करें ? ( Possibityplus.in संभावना की अपार दुनिया )



  भाग  



यह आर्टिकल हम सबको यह बतायेगी कि भाग सत प्रतिशत सही है या नहीं क्योंकि हममे से  लगभग 50 प्रतिशत से भी ज्यादा लोगों को नहीं पता है भाग करने का सही तरीका। अब शायद आपके मन में यह जिज्ञासा या सवाल उठ रहा होगा कि कुछ तो बात है जो हमें जान लेनी चाहिए, तो मैं आपको बता दूँ कि यह पोस्ट पुरा जरूर पढ़ लेना चाहे आपको भाग आती हो या फिर नहीं क्योंकि जो मैं बताने जा रहा हूँ वो बहुत ही खास जानकारी है   । अगर भाग नहीं आती है तो आपको पढ़ना बहुत ही जरूरी है क्योंकि पढ़ने के बाद आप 100% भाग करना सीख जाओगे ।  



गणित एक ऐसा विषय है जिसे विज्ञान की जननी ( माता )  भी कहा जाता है । दरअसल यह कहना गलत नहीं है क्योंकि हम अपने दैनिक जीवन में जो भी गणना करते हैं वे गणित के अनुसार होती है । वैसे तो गणित में बहुत तरह - तरह की गणनाएं होती हैं पर इसकी सबसे छोटी और मुख्य गणना जोड़, घटना , गुणा और भाग  है । यह चार प्रकार की मुख्य गणनाएं हैं जो हर गणना में अतिआवश्यकरूप से उपस्थित मिलती है। या यह कह सकते हैं कि इनके बिना कोई गणना संभव नहीं है ।
इस पोस्ट में हम चौथे यानी भाग के बारे में वो जानकारी जानने जा रहे हैं जिसे लगभग 50 प्रतिशत से भी ज्यादा लोगों को नहीं पता है । मेरे कहने का तात्पर्य यह है कि लगभग 50 प्रतिशत से भी ज्यादा लोगों नहीं पता होता है भाग करने का सही तरीका । अगर आपको विश्वास नहीं है तो आप इस आर्टिकल को ध्यान से पढ़कर देखो और अंत में यह जरूर कह देगें की यार यह जानकारी वाकई बहुत ही अच्छी और काम की है। अब हम आगे बढ़ते हैं।


  भाग सत प्रतिशत सही है, कैसे पता करें  ?  


भाग की सत्यता की जाँच करना बहुत ही आसान है।  बहुत से अध्यापक / अध्यापिका ( Teacher  )  जब भाग करते हैं तो अक्सर एक गलती करते हैं फिर चाहे जाने मे हो या अंजाने में हो पर इस गलती को छात्र और छात्राओं को भी पता नहीं चल पाता है और वह भी इसी तरह भाग करने लगते हैं तो बहुत हुआ अब ऐसा नहीं होगा। 
भाग की सत्यता जाँच करने का एक नियम / सूत्र है जो इस प्रकार है - 
भाज्य = भाजक × भागफल + शेषफल 

इस सूत्र के अनुसार भाज्य का मान भाजक और भागफल के गुणनफल तथा शेषफल के योग के बराबर होना चाहिए। 


चलिए अब हम एक छोटी सी भाग करके देखते हैं। 

माना 3 से 7 में भाग करना है, भाग करने पर भागफल 2.33333..  लगभग आता  है परन्तु इसका शेषफल  क्या होगा यही जानना ही जरूरी है। निचे दिए गए चित्र में दी हुई भाग देखिए -  



चित्र में दी गई भाग सही है कि नहीं यह पता करने के लिए हमें इन मानों निम्न सूत्र में रखने पर - 
 भाज्य = भाजक × भागफल + शेषफल


भाज्य ( 7 )  = भाजक ( 3 )  × भागफल ( 2.3 )  + शेषफल  ( 1  ) 
भाज्य ( 7 )  = 3 × 2.3 + 1  = 6.9 + 1
भाज्य ( 7 ) = 7.9 
चुँकि दाहिना पक्ष 7 से अधिक है अतः भाग गलत है भागफल सही होन के बाद भी। 


अब दुसरा चित्र देखिए - 




यह भाग भी वही भाग है और यह भाग बिल्कुल सही है कैसे देखिए -  
 भाज्य ( 7 )  = भाजक ( 3 )  × भागफल ( 2.3 )  + शेषफल  ( 0.1  ) 
भाज्य ( 7 )  = 6.9 + 0.1 = 7.0





चुँकि दोनों पक्षों का मान बराबर अतः भाग बिलकुल सही है। 

उम्मीद है कि यह पोस्ट आपके लिए उपयोगी लगा होगा। अपने कमेन्ट में जरूर बताएँ। धन्यवाद ! 

16 Aug 2018

दुनियाँ में कोई भी वस्तु बिना काम की नहीं है..


  दुनिया में कोई भी वस्तु बिना काम की नहीं है ..






बहुत - बहुत स्वागत है आप सभी का इस ज्ञान और प्रेरणा से भरे इस आर्टिकल में।
जी हाँ दोस्तों हम इस आर्टिकल वो बातें जानेंगे जो हमने शायद ही कहीं पढ़ा हो और यह जानकारी मैं अपने ज्ञान के आधार पर दे रहा हूँ। इसलिए इस जानकारी को पढ़ने के बाद आप कमेंट करके इसके बारे में जरूर बताएँ। चलिए अब जानते हैं विस्तार से इसके बारे में,

दुनिया में कोई भी वस्तु बिना काम की नहीं है, इसका मतलब यह है कि दुनिया में कोई भी वस्तु या जो भी कुछ भी हो उसका कुछ न कुछ उपयोग या मतलब जरूर है चाहे उपयोग देखने में बहुत ही नगण्य हो या जिसे साधारण भाषा में लगभग ना के बराबर कहते हैं। यहाँ पर हम एक ऐसे उदाहरण को शामिल करने जा रहे हैं जो हमारी जिंदगी से संबंधित है।



इस दुनिया में अगर कोई व्यक्ति यह महसूस करता है, सोचता, समझता, कहता या मानता है कि उसका इस दुनिया में पैदा होना व्यर्थ है। व्यर्थ का मतलब बिना किसी अर्थ या काम से होता है तो यह जान और समझ लिजिए कि इस दुनिया यानी पृथ्वी पर आपके पैदा होने का और रहने का कुछ न कुछ तो जरूर कारण है जो आपको यहाँ पर जन्म लेना पड़ा है। क्योंकि कोई भी वस्तु हो या व्यक्ति उसके होने का जरूर कोई  कारण या आवश्यकता है।  ऐसा नहीं है कि कोई भी व्यक्ति कोई भी काम को बिना कारण या जरूरत के ही करता है । जब किसी व्यक्ति को किसी भी चीज की जरूरत ही नहीं है तो वह काम ही क्यों करेगा। पर क्या ऐसा संभव है कि किसी व्यक्ति को कोई भी काम न हो बड़ा नहीं तो छोटा जरूर होगा।   यहाँ पर यह उदाहरण दो कारणों से यहाँ पर शामिल किया गया है - 

  1. बहुत से लोग अपनी जिंदगी की परेशानियों से तंग होकर अपने जीवन को बेकार और बिना किसी काम का समझने लगते हैं। लेकिन यह समझना कि हमारे जीवन का कोई मतलब नहीं है तो यह बिल्कुल गलत है। 
  2. लोगों को इस तरह की बेकार या नेगेटिव बातों से दूर करके एक नये रास्ते पर जो ऊर्जा से भरपूर हो पर ले जाना है  ।




दुसरी तरफ अगर हम बात करें छोटी से छोटी वस्तु की जिसे हम जाने - अंजाने यह कहते हैं कि यह वस्तु तो किसी काम की नहीं है, जैसे - आप या कोई भी व्यक्ति अक्सर घर में पडे़ फटे हुए कपड़े को बेकार समझ कर उसे फेंक देते हैं पर जब इसकी जरूरत पड़ती है तो हमें वह कपड़ा नहीं मिलता है तब जाके हमे इसकी उपयोगिता समझ में आती है । यहाँ पर यह देखने वाली बात यह है कि जहाँ पर जिस चीज की जरूरत होती है वहाँ पर उसी चीज या वस्तु का उपयोग किया जाता है किसी अन्य का नहीं। पृथ्वी पर जन्म लेने वाले हर व्यक्ति का कुछ न कुछ उपयोग या काम होता है, फिर चाहे आप हो, मैं हूँ, या दुनिया कोई भी व्यक्ति या बच्चा जो जन्म लेते ही मर गया हो हो सकता है उस बच्चे का इतना ही रोल हो जिंदगी में बिल्कुल फिल्मों की तरह  । 
दोस्तों हर क्रिया - प्रक्रिया बिना किसी कारण के नहीं होती है । एक बात और इंसान का हर वस्तु से कुछ न कुछ संबंध अवश्य होता है यह प्रत्यक्ष तौर पर हो या अप्रत्यक्ष लेकिन होता जरूर है बिल्कुल आयकर ( Income tax  ) की तरह जो हर सामान पर लगाया जाता है चाहे कितनी भी छोटी से छोटी वस्तु क्यों ना हो। जब इंसान का हर वस्तु, जीव - जन्तु आदि से संबंध है तो भला इंसान बिना काम का क्यों होगा। 
इसी प्रकार सभी वस्तुओं का उपयोग होता है।.. 

इस दुनिया में हर वस्तु, व्यक्ति या भगवान् ही क्यों न हो ये सभी हर पल बदलते रहते हैं....... ( इस पोस्ट को अगर आप पढ़ना चाहते हैं तो हमें कमेन्ट करके जरूर बताएँ। धन्यवाद !   ) 

आगे जारी है.... 

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