सीधे मुख्य सामग्री पर जाएं

संदेश

September 26, 2019 की पोस्ट दिखाई जा रही हैं

ज्यादा बोलने से बने काम भी बिगड़ जाते हैं क्यों ?

कहते हैं कि ज्यादा बोलना हमारे लिए सही नहीं होता है , ज्यादा बोलने से काम बिगड़ जाते हैं ।  हम जिस भी काम के बारे में काम से ज्यादा बात करते हैं तो वह काम या तो होता नहीं या फिर जैसेे-तैसे ही हो पाता है। काम बिगड़ने के अनगिनत कारण हो सकते हैं पर इन सभी कारणों की उत्पत्ति ज्यादा बोलने से ही संभव होता है।
 ऐसा क्यों होता यह कोई नहीं जानता। है ना पर इस आर्टिकल में हम इसके बारे में कुछ ऐसे वैज्ञानिक और तार्किक उदाहरण देखेंगे जो बहुत हद तक इसके सवालों    से पर्दा हटा देगा। तो चलिए देर किस बात की जानते हैं यह जानकारी।





ऊर्जा न तो उत्पन्न की जा सकती और ना ही समाप्त ( Energy can not be generated nor ended )      इस आर्टिकल को समझने के लिए यह नियम बहुत महत्वपूर्ण है। इसलिए इसको पहले जान लेते हैं।   इसे ऊर्जा संरक्षण का नियम कहते हैं। यह सर्वव्यापी नियम है यह हर स्थान, हर समय और हर प्रकार की वस्तुओं पर अनिवार्य रुप से लगता ही लगता है। इसके अनुसार अगर हम किसी भी वस्तु को ऊर्जा के रूप में बदले तो ठीक ऊतनी ही ऊर्जा मिलेगी जितनी की पहले वस्तु में थी। जैसे : अगर हम किसी वस्तु को जलाएँ तो इसकी ऊर्जा (…
Disclaimer | Privacy Policy | About | Contact | Sitemap | Back To Top ↑
© 2017-2020. Possibilityplus