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March 17, 2017 की पोस्ट दिखाई जा रही हैं

संभव और असंभव का भेद...

दुनिया में ना तो कोई काम पूर्णतः संभव है और नाहीं पूर्णतः असंभव 
ये आर्टिकल/पोस्ट उन सभी लोगों के लिए है जो कहिं न कहिं किसी क्षेत्र/कार्य में सफल नहिं है और निराशा लिए हुए बैठे हैं । मुझे इस बात में कोई संदेह नहिं है ( आम या साधारण भाषा के अनुसार ) कि ये जानकारी आप सभी को फायदा या लाभ देगी । पर कुछ न कुछ तो संदेह ज़रूर होता है ( क्योंकि कोई भी चीज/कार्य या अन्य बात पूर्णतः संभव नहिं होती है ) । दरअसल मैं जो जानकारी share ( देता या बाँटता ) हूँ  उसे पारदर्शी बनाना चाहता हूँ और इसलिए मैं कोई गलती नहीं चाहता हूँ ।




सो दोस्तो आज हम जानेंगे कि कैसे हर काम पूर्णरूप से असंभव ही नहीं बल्की पर्णरूप से संभव भी नहीं होता है ।  ये मूल मंत्र की तरह है इसके इस्तेमाल से आपका नजरिया बदल जायेगा और आप हर काम मे संभावना बना पायेंगे । इसकी सहायता से हम सभी कामों में तरक्की कर सकते हैं । अब शायद आपके मन में यह बात आ रही होगी कि ये कैसी बात या कैसे हो सकता है ।

 अगर आ रही है तो आनी भी चाहिए क्योंकि जब तक हमें या किसी को कोई बात ना समझ में आये तो उस बात पर अमल या उसका विश्वास नहीं करना चाहिए । चाहे कोई अपन…
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