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About of Possibilityplus.in


आप सभी का स्वागत है Possibilityplus.in पर। यह आर्टिकल इस साइट्स के बारे में है। 


Possibilityplus  क्या है ? 

   Possibilityplus का पुरा अर्थ है संभावना को बढ़ाना. इस साइट्स पर लगभग हर क्षेेत्र में कैसे सफलता की संभावना को बढ़ाया जाये। इसके  लिए वैज्ञानिक तर्कों के साथ - साथ सरल शब्दों का प्रयोग किया जाता है।


इससे किस - किस क्षेत्रों में संभावना बढ़ायी जा सकती है ?

इससे लगभग हर क्षेेत्र में सफलता की संभावना को बढ़ाया जा सकता है। 
    जैसे :  गणित, विज्ञान , मोटिवेशनल ज्ञान, मष्तिष्क शक्ति इत्यादि। 
इस साइट्स पर ऐसी संभावनाओं को आपके समक्ष रखा जाता है जो उपयोगी और महत्वपूर्ण होती हैं।



  सवाल - जवाब  🤔  -  ☺️

     आप अपनी सफलता की संभावना को बढ़ाने के लिए आप अपने सवाल कमेंट्स के जरिए पूछ सकते हैं। आपके सवालों को हल करने की संभव कोशिश की जायेगी। 

धन्यवाद ! 


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दिशा पता करने का बेस्ट तरीका..

दिशा कैसे पता करते हैं ? 


दुनियाँ के किसी भी कोने में जाओ आप हर जगह पर दिशा पता कर सकते हैं।  हमने यह आर्टिकल उपयोग करने के लिए बनाया है ऊम्मीद है आपके लिए उपयोगी साबित होगा। इस आर्टिकल को अन्त तक जरूर पढिएगा क्योंकि हमने इसमें लगभग सभी संभव तरिके बताएँ हैं जो आपको हर परिस्थितियों में दिशा पता करने के लिए काफी हो सकता है।






   दिशा का पता करने से पहले हम दिशा के बारे कुछ अहम / आवश्यक जानकारी देने जा रहें हैं ताकि दिशा पता करना और आसान हो जाये | इसमे सबसे पहले जानतें हैं दिशा क्या है और इसका महत्व क्या है |



   दिशा ( Direction  ) 


एक ऐसा मैप या साधन जो हमें उत्तर - दक्षिण , पूरब - पश्चिम , उपर - निचे और आगे - पीछे  इन सभी को प्रदर्शित करे दिशा कहलाता है | दिशा मुख्यतः चार प्रकार की हैं ( अगर उपर - निचे को छोड़दे तो ) लेकिन इनको अलग - अलग भागो  मैं बाँटे तो ये दश प्रकार की हो जाती  है | अगर हमें इन चारों के बीच की दिशाओं को बताना है तो चित्रानुसार बतायेंगे।




जैसे हमें पश्चिम और उत्तर केे बीच की दिशा को बताना है तो हम उत्तर-पश्चिम कहेेंगे। इसी तरह से बाकि सभी दिशाओं के बारे में हम कहेेंगे।




भिन्न का गुणा , भाग , जोड़ और घटना हल करना

भिन्न (Fraction ) 


ऊपर चित्र में एक वृत्त को चार बराबर भागों में बाँटा गया है । अगर हम कहें कि इसमें से एक भाग किसी को दे दिया जाये तो कितना भाग बचेगा तो इसका जवाब है 3 / 4 भाग जिसे शाब्दिक या बोलन वाली भाषा में तीन चौथाई  भाग कहेगें । इसी प्रकार 1 / 3 को एक तिहाई कहेंगे।  चलिए अब जानते हैं इनको जोड़ने, घटाने, गुणा और भाग  करने के तरीका के बारे में । 




  भिन्नों का जोड़ , घटाना , गुणा और भाग करने  का तरिका. 

भिन्नों का जोड़ , घटाना , गुणा और भाग; पोस्ट में आपको सब सीखने को मिलेगा। अगर आपके पास कोई सवाल है भिन्नों को हल करने या किसी भी तरह की भिन्न हो तो हमें निचे दिए गए कमेंट बॉक्स में लिखकर भेज दें ।

भिन्न क्या है ? What is the Fraction ? 




 भिन्न एक आंशिक भाग होती है जो दो भागों से बनती है -
अंश हर
 जैसे -     1 / 3 , जिसमें 1 अंश और 3 हर है । a / b में " a  " अंश और " b  " हर है।

आज के दौर में बहुत - से लोग ऐसे हैं जो पढ़ - लिखकर भी भिन्न हल करना नहीं जानते हैं । इस कमी का आभास उन्हें तब होता है जब वो कोई काम करने लगते हैं और काम या कार्य में उनको कोई सटीक ( ठीक - …

प्रतिशत कैसे निकालते हैं ?

प्रतिशत ( Percent )  प्रतिशत को पूरी तरह समझने के लिए प्रतिशत का मतलब / शाब्दिक या शब्द का अर्थ जानना बहुत जरूरी है । प्रतिशत में कुछ ऐसी बातें जिन्हें हमें जानना जरूरी होता जैसे -   इनमें से कौन - कौन सही हैं  -

  2 / 5 = ( 2 / 5 )  × 100 = 40 %    2 / 5 = ( 2 / 5 ) × 100 % = 40 %  2 / 5 = 40 / 100 = 40 %


    इन तीनों में पहला गलत है और बाकी दोनों सही हैं। क्योंकि पहली वाले हल में हमें यह स्पष्ट दिख रहा है कि अगर हम 100 में भाग करें तो 2 × 20 = 40 तो मिलेगा पर हर के स्थान पर हमें 100 मिल ही नहीं रहा है तो इसे हम प्रतिशत के रूप में कैसे लिख सकते हैं। अतः यह गलत है। रही बात बाकी दो तरिकों की तो इन दोनों में ही हमें हर के स्थान पर 100 मिल रहा है। दूसरे वाले विकल्प में 1 / 100 = % लिखा गया है।





 ( प्रतिशत = प्रति + शत  ) का संधि -  विक्षेद करने पर दो अलग -  अलग शब्द मिलते हैं जिसमें शत का शाब्दिक अर्थ सौ ( 100) होता है या प्रतिशत  गणित में किसी अनुपात या भिन्न  को व्यक्त करने का एक अलग तरीका है। प्रतिशत का अर्थ है प्रति सौ या प्रति सैकड़ा ( % = 1 / 100 ) एक सौ में से एक  ।   यदि 100 …
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