सीधे मुख्य सामग्री पर जाएं

अक्षरों को काले रंग में लिखने की मुख्य वजह क्या है ? By - Possibilityplus.in

क्षरों को काले रंग में ही क्यों लिखा जाता है   ?

Aksharon ko kale rang me hi kyun likha jata hai ?

क्या आप जानते हैं कि किताबों में अक्षरों को काले रंग में ही क्यों लिखा जाता है । अगर आपके मन में ये सवाल ऊठा है और शायद आपके इस सवाल का समाधान पहले नहीं मिला होगा । जैसा कि हम बार - बार यह कहते कि हर वस्तु के रंग रूप , आकार या प्रकार के होने की कुछ विशेष वजह होती है । चलिए इसकी विशेष वजह और वैज्ञानिक कारण क्या है जानते हैं -
 सभी रंगों में काले रंग की प्रकाश को परावर्तित करने की प्रवृत्ति सबसे कम होती है । इसलिए आँखों पर सबसे तेज गति से काले रंग की किसी भी वस्तु का प्रतिबिम्ब बनाता है । इससे आँखों पर बहुत कम भार पड़ता है । सफेद रंग की किसी भी वस्तु पर अगर हम कुछ भी तस्वीर, शब्द लिख दिया जाए तो वह स्पष्ट दिखाई देने लगता है  ।


इसके अलावा बहुत सारे ऐसे गुण हैं जो निम्नलिखित :


  • काली वस्तु या शब्द आँखों पर सबसे कम तनाव पैदा करता है ।
  • काले रंग की वस्तुओं या अक्षरों को अधिक दूर से स्पष्ट देखा जा सकता है।
  • काला रंग हमारी आँखों और दिमाग को आरामदायक वाला अहसास देता है  । 
  • काली वस्तु या अंधकार अथवा आँखें बंद करने पर हमें सर दर्द, आँखों में दर्द, आँखों में पानी की कमी को पुरा आदि परेशानियों से बचने में मदद मिलती है ।


उपर्युक्त सभी बातों यानी काले रंग के गुणों को ध्यान में रखते हुए अक्षरों को काले में लिखा जाता है। उम्मीद है यह जानकारी आपके लिए उपयोगी साबित होगी। अगर आप ऐसी उपयोगी और रोचक जानकारियों को पाना चाहते हैं तो आप इस साईट www.possibilityplus.in  को follow  करें
धन्यवाद !


टिप्पणियाँ

इस ब्लॉग से लोकप्रिय पोस्ट

दिशा पता करने के बेस्ट तरीके..

    दु नियाँ के किसी भी कोने में जाओ आप हर जगह पर दिशा पता कर सकते हैं।  हमने यह आर्टिकल उपयोग करने के लिए बनाया है ऊम्मीद है आपके लिए उपयोगी साबित होगा। इस आर्टिकल को अन्त तक जरूर पढिएगा क्योंकि हमने इसमें लगभग सभी संभव तरिके बताएँ हैं जो आपको हर परिस्थितियों में दिशा पता करने के लिए काफी हो सकता है।    दिशा का पता करने से पहले हम दिशा के बारे कुछ अहम / आवश्यक जानकारी देने जा रहें हैं ताकि दिशा पता करना और आसान हो जाये |इसमे सबसे पहले जानतें हैं दिशा क्या है और इसका महत्व क्या है |    दिशा ( Direction  )  एक ऐसा मैप या साधन जो हमें उत्तर - दक्षिण , पूरब - पश्चिम , उपर - निचे और आगे - पीछे  इन सभी को प्रदर्शित करे दिशा कहलाता है | दिशा मुख्यतः चार प्रकार की हैं ( अगर उपर - निचे को छोड़दे तो ) लेकिन इनको अलग - अलग भागो  मैं बाँटे तो ये दश प्रकार की हो जाती  है | अगर हमें इन चारों के बीच की दिशाओं को बताना है तो चित्रानुसार बतायेंगे। जैसे हमें पश्चिम और उत्तर केे बीच की दिशा को बताना है तो हम उत्तर-पश्चिम  कहेेंगे। इसी तरह से बाकि सभी दिशाओं के बारे में हम कहेेंगे। घ

भिन्न का गुणा , भाग , जोड़ और घटना हल करना

ऊपर चित्र में एक वृत्त को तीन बराबर भागों में बाँटा गया है । अगर हम कहें कि इसमें से एक भाग किसी को दे दिया जाये तो कितना भाग बचेगा तो इसका जवाब है,  2/3  भाग जिसे शाब्दिक याा साधारण भाषा में  दो तिहाई   भाग कहेगें । इसी प्रकार ( एक बटा तीन ) 1 / 3 को एक तिहाई  कहेंगे।  चलिए अब जानते हैं इनको जोड़ने, घटाने, गुणा और भाग   करने के तरीीकों के बारे में पुरी जानकारी।                                  भिन्नों का जोड़ , घटाना , गुणा और भाग; इस पोस्ट में आपको सब सीखने को मिलेगा। अगर आपके पास कोई सवाल है भिन्नों को हल करने या किसी भी तरह की भिन्न हो तो हमें निचे दिए गए कमेंट बॉक्स में लिखकर भेज दें । भिन्न क्या है ? What is the Fraction ?     भिन्न एक आंशिक भाग होती है जो दो भागों से बनती है - अंश  हर  जैसे -     1 / 3 , जिसमें 1 अंश और 3 हर है । a / b में " a  " अंश और " b  " हर है। आज के दौर में बहुत - से लोग ऐसे हैं जो पढ़ - लिखकर भी भिन्न हल करना नहीं जानते हैं । इस कमी का आभास उन्हें तब होता है जब वो कोई काम करने लगते हैं और काम या कार्य मे

भाग कैसे करें ? How divide any number

भाग ( Division )         भाग क्या है , यह इतना महत्वपूर्ण क्यों है, गणित में भाग का बड़ा योगदान है  । इसके बिना गणित की क्रिया करने के बारे में सोचा भी नहीं जा सकता है दरअसल भाग गणित की आधारभूत क्रियाओं में से एक । गणित की चार आधारभूत क्रियाएँ :   जोड़ ( Additions, Conjunction )  घटना ( Diminis,  Substract )  गुणा ( Multiplication, Multiplying  )  भाग ( Division ,  Quotient)     भा ग सीखना उतना ही कठिन होता है जितना ही हम इस पर ध्यान नहीं देते। दोस्तों भाग ही नहीं बल्कि कोई भी काम सीखना, समझना या पाना हमारे मन पर ज़्यादा निर्भर करता। अगर हम कोई भी काम पूरे मन से करें तो हमें सफल होने की संभावना ( possibility ) उतनी ही ज्यादा होती है।एक बात और है मन हमारी बात तभी सुनता है जब इसे किसी काम के को करने में अच्छा या महत्वपूर्ण लगे या फिर आवश्यकता पड़ी हो।  मन की सबसे बड़ी कमजोरी है उसकी लालच जो अच्छी या बुरी दोनों तरह की होती है। हमें इसी का फायदा उठाकर अपने काम को अंजाम देना चाहिए।  मन और मस्तिष्क की जानकारी   यहाँ पढ़ सकते हैं।             भाग कैसे सीखें?
Disclaimer | Privacy Policy | About | Contact | Sitemap | Back To Top ↑
© 2017-2020. Possibilityplus