सीधे मुख्य सामग्री पर जाएं

Train kab ayegi , by:Possibilityplus.in

   

      ज के इस दौर में ट्रेन यात्रा करने का बड़ा जरिया है। लाखों की तादाद में लोग रोज ट्रेन से सफर करते हैं। वास्तव में ट्रेन बस के मुकाबले सस्ती पड़ती है और तो और इसमें खाने-पीने, टायलेट और सोने की सुविधा भी उपलब्ध होती है। इन सभी सुविधाओं का लाभ लेने के लिए आपको यह जानकारी भी होनी चाहिए:
  • ट्रेन कब आयेगी?
  • ट्रेन कहाँ तक पहुँची है? 
  • ट्रेन कहाँ से आ रही है?
  • ट्रेन कहाँ तक होनी चाहिए? 
  • ट्रेन की समय - सारिणी (टाइम टेबल)? 
  • ट्रेन लेट क्या है?
  • ट्रेन रद्द तो नहीं न है?
  • ट्रेन का किराया कैसा है?
  • ट्रेन का नाम क्या है?
  • ट्रेन का नम्बर क्या है?
  • ट्रेन किस - किस दिन जाती है?
  • ट्रेन किस - किस दिन नहीं जाती है?




ऊपर लिखे गए जितने भी सवाल हैं कि वह ट्रेन यात्री के लिए बहुत महत्वपूर्ण है। ये सवाल सभी के होते हैं, और इस पोस्ट में हम इन सभी सवालों का उत्तर पाने जा रहे हैं। जो लोग इनका उत्तर जानते हैं कि वे यात्रा में यात्रा का आनंद लेते हैं पर जो लोग नहीं जानते या फिर नए हैं और उन्हें लम्बे सफर की यात्रा करनी है तो उनके लिए यह किसी जंग से कम नहीं होता है।
           इन्हीं बातों को ध्यान में रखते हुए इस पोस्ट को बनाया गया है और इसे पड़ने के बाद यात्रा जंग नहीं बल्कि इसमें रंग भरना होगा।




   ट्रेन की पूरी जानकारी  


            कोई भी ट्रेन की जानकारी चाहे वह मुम्बई कि लोकल ट्रेन हो या एक्सप्रेस ट्रेन। ऊपर हमें हमने जो भी सवाल किया उन सभी के उत्तर में मिल जायेंगे।


ट्रेन की पूरी जानकारी के लिए हमें चाहिए -
  • स्कृनटच मोबाईल (जिसमें ऐप चल सके) 
  • इंटरनेट 

    

       अगर हमारे पास मोबाईल 📱 है जिसमें हम कोई अप इंटल द्वारा चला सकते हैं तो ठीक बात है। इसके अलावा हमारे मोबाईल में इंटरनेट होना चाहिए। इतना सब होने के बाद अब जानते हैं कि अप के बारे में - 


      

    एम संकेतक     


                        यह एक ऐसा ऐप   है जिसकी मदद से हम सभी ट्रेनों के समय - सारिणी की जानकारी, ट्रेन का नाम, नम्बर और बहुत कुछ कर सकते हैं।) इस  ऐप   का उपयोग करने के लिए यह अभी तक   m-Indicator   करें डाउनलोड करें।

      डाउनलोड करने के बाद  ऐप  खोलें। अब जो पता कर सकता है कर सकते हैं।



इसमें ट्रेन ही नहीं बल्कि बस, आटो आदि कई प्रकार की जानकारियों को पा सकतें हैं। अगर हमें किसी एक्सप्रेस ट्रेन की जानकारी लेनी है तो कैसे चलेंगे उदाहरण देखते हैं।


    उदाहरण   


      उदाहरण के तौर पर मान लिकि हमें वाराणसी से  मुम्बई  तक जाना है। अगर हमें ट्रेन नाम नहीं भी पता है तो भी कोई बात नहीं है क्योंकि हमें ऐप में   वाराणसी   लिख देना है।
  • अप में खुलने के बाद एक्सप्रेस  पर क्लिक करें।
  • अब में से  अंग्रेजी में वाराणसी लिखें और करने के लिए लोकमान्य या मुंबई लिखें में।
  • अब खोज पर क्लिक करें। 
  • अब जो भी लोग हैं सबकी लिस्ट नकलकर आ जाएगी। 





इसमें ट्रेन का नाम, नाम, समय - सारिणी दिखाई देगी। अगर लाइव देखना चाहते हैं तो इंटरनेट चालू  करके देख सकते हैं। ट्रेन लाईव (  लाइव)  देखने के लिए ये स्टेप्स लेटके -


  • जिस ट्रेन को लाईव देखना है उस पर क्लिक करें। 
  • अब चल रही स्थिति  पर क्लिक करें। 
  • अब ट्रेन जहां यह है, यह तीर तीर दिखाता है। 




यह नहीं है बल्कि यह भी पता चल जाएगा कि ट्रेन लेट है या नहीं। उपर चित्र में यह दिखाई दे रहा है कि Yusufpur में 44 मिनट  तक लेट है। इसे अंग्रेजी में देरी से 44 मिनट  लिखा गया है।
इस प्रकार से हम हर जगह की ट्रेनों की जानकारी प्राप्त कर सकते हैं। 


अगर हम मुम्बई, पुने या दिल्ली  में हैं तो यहाँ बस आटो की जानकारी पा सकतें हैं। अगर लोकल ट्रेन की जानकारी चाहिए तो लोकल ट्रेन का चुुनाव करें। 





    आपको यह जानकारी कितनी उपयोगी है। हमें कमेन्थ के माध्यम से जरूर बताएं। इससे हमें प्रेरणा मिलती है और बहुत अच्छा करने की।
  धन्यवाद  


टिप्पणियाँ

इस ब्लॉग से लोकप्रिय पोस्ट

दिशा पता करने का बेस्ट तरीका..

दिशा कैसे पता करते हैं ? 


दुनियाँ के किसी भी कोने में जाओ आप हर जगह पर दिशा पता कर सकते हैं।  हमने यह आर्टिकल उपयोग करने के लिए बनाया है ऊम्मीद है आपके लिए उपयोगी साबित होगा। इस आर्टिकल को अन्त तक जरूर पढिएगा क्योंकि हमने इसमें लगभग सभी संभव तरिके बताएँ हैं जो आपको हर परिस्थितियों में दिशा पता करने के लिए काफी हो सकता है।






   दिशा का पता करने से पहले हम दिशा के बारे कुछ अहम / आवश्यक जानकारी देने जा रहें हैं ताकि दिशा पता करना और आसान हो जाये | इसमे सबसे पहले जानतें हैं दिशा क्या है और इसका महत्व क्या है |



   दिशा ( Direction  ) 


एक ऐसा मैप या साधन जो हमें उत्तर - दक्षिण , पूरब - पश्चिम , उपर - निचे और आगे - पीछे  इन सभी को प्रदर्शित करे दिशा कहलाता है | दिशा मुख्यतः चार प्रकार की हैं ( अगर उपर - निचे को छोड़दे तो ) लेकिन इनको अलग - अलग भागो  मैं बाँटे तो ये दश प्रकार की हो जाती  है | अगर हमें इन चारों के बीच की दिशाओं को बताना है तो चित्रानुसार बतायेंगे।




जैसे हमें पश्चिम और उत्तर केे बीच की दिशा को बताना है तो हम उत्तर-पश्चिम कहेेंगे। इसी तरह से बाकि सभी दिशाओं के बारे में हम कहेेंगे।




मैट्रिक और इण्टरमीडिएट किस कक्षा को कहा जाता है ?

ज हम जानेंगे कुछ ऐसी जानकारी जो बहुत से छात्र - छात्राएँ पढ़ - लिखकर  भी नहीं जान पाते हैं . इसका सीधा कारण है ध्यान से पढा़ई न करना . लेकिन इन्टरनेट ऐसा साधन है जहाँ पर आपको हर जानकारी मिलती है चाहे कैसी भी जानकारी हो वो भी बिल्कुल आसानी और सुलभ तरिके से , इन बातो को यहीं पर विराम देते हुए हम मूल बात पे आते हैं। विज्ञान से संबंधित प्रश्नों को जानने के लिए पढ़ते रहिये। 

इसे भी पढ़ें >>
4 - 4  / 2 =  क्या होगा ?    cos0° = 1 क्यों होता है ? 

        मैट्रीक किसे या किस कक्षा को कहते हैं ?ईन्टर कौन - सी कक्षा को कहते हैं ? 


  मैट्रिक किस कक्षा को कहते हैं ? 
       मैट्रिक का नाम सुन बहुत से लोग यह सोचते हैं कि ये कौन - सी कक्षा है।  आपको बता दें कि मैट्रिक कोई और कक्षा नही है बल्कि  कक्षा - 10 या दसवीं पास को कहते हैं  जिसे हाई स्कूल भी कहा जाता है।  
इसे अंग्रेजी में 10 th ( टेंथ )  भी कहते हैं। मैट्रिक अंग्रेजी शब्द है जिसका मतलब हाईस्कूल पास /दसवीं पास होता है। इससे यह पता चलता है कि मैट्रिक कोई कक्षा नहीं बल्कि कक्षा 10 या दसवीं उत्तीर्ण को सम्बोधन करने वाला शब्द है। 

अगर हाई स्कू…

पृथ्वी गोल क्यों है ?

पृथ्वी गोल क्यूँ होती है ? 
 पृथ्वी गोल है , चौकोर क्यों नही या फिर किसी अन्य रूप मे क्यों नही है, पृथ्वी ही नहीं बल्कि सभी ग्रहों की आकृति लगभग गोल है। याद रखिए कोई भी वस्तु या चीज बिना वजह के गोल , लम्बी , चौंडी , या लाल - पीली नही होती है । यानी कहने का मतलब यह है कि हर वस्तु के रंग और आकार - प्रकार के होने का कोई न कोई कारण जरूर होता है । इसी तरह तरल पदार्थ ( जैसे - जल की बूँदे भी गोल होती हैं ) इसका भी कारण लगभग वही है जो कि पृथ्वी के गोल होने का है ।





चलो हम पहले जान लें कि जल की बूँदें क्यों या कैसे गोलाकार रूप धारण करती हैं क्योंकि इस कारण में ही इसका जवाब है । जैसे ही जल या कोई तरल पदार्थ जब निचे या ऊपर की तरफ फेंका जाता है तो जल के सबसे ऊपरी हिस्से में गती पहले आती है जिसके कारण वो हिस्सा या भाग पहले बाहर आता है और जैसे ही बाहर आता ( जल का वह भाग जो पहले गती में आता है ) है तो वातावरण के दबाव के कारण ( वो जल का हिस्सा )  जल कई छोटी - छोटी बूदोँ का रूप धारण कर लेता है दरअसल पानी की बूदों पर वातावरण का समान दबाव लगता है जिसके कारण ये गोलाकार रूप धारण करता है और एक कारण यह भी है…
Disclaimer | Privacy Policy | About | Contact | Sitemap | Back To Top ↑
© 2017-2020. Possibilityplus