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सपने में कैसे पता करें कि हम सपने में हैं, क्या है सपने का राज , सिर्फ Possibilityplus.in पर..





  • क्या आप सपने देखते समय यह जानते हैं कि आप सपने में हो ?
  • क्या हम सपने में कहीं भी उड़ते हुए जा सकते हैं ? 
  • क्या हम अपने अनुसार सपने देख सकते हैं ? 
  • क्या सपने से कोई जानकारी हासिल की जा सकती है ? 


तो जानने के लिए हमें यह आर्टिकल पुरी तरह से पढ़ना होगा और पढ़ने के बा..द  आप यह आर्टिकल अपने दोस्तों के साथ भी शेयर करें। 


यह जानकारी हमारे शूक्ष्म शरीर यानी आत्मा से संबंधित है। 
 शरीर से आत्मा दो स्थितियों में निकलती है - 

  1. गहरी नींद में और
  2. दूसरे मरने पर। 
पर इन स्थितियों में बहुत बड़ा फर्क होता है। सपने में आत्मा स्वेच्छा से किसी काम आदि के लिए निकलती है पर जब शरीर इसकदर बेकार हो जाती है कि आत्मा का निवास स्थान भी रहने लायक न रह जाये तो आत्मा को ना चाहते हुए भी शरीर से निकलना पड़ता है। 

हम यह जानकारी www.possibilityplus.in पर पढ़ रहे हैं।

    क्या हम सपने मनचाहे जगह जा सकते, उड़ सकते हैं, या कोई भी जानकारी पता कर सकते हैं तो कैसे इन सभी सवालों को आप उत्तर से भगा पाओगे। तो चलिए पढ़ते ये आर्टिकल।

   आत्मा शरीर की जान होती है। इसके बिना हमारा शरीर मृत समान हो जाता है। अपनी जिंदगी में लगभग हर व्यक्ति कभी न कभी यह महसूस किया होगा कि अचानक निंद टूट जाती है और हमारा शरीर हीलता - डोलता नहीं है। यह वह स्थिति है जब हमारी आत्मा हमारे शरीर में नहीं होती है पर हमें यह जानकारी होती है कि हम जाग चुके हैं। ऐसे समय में हमें झुनझुनी महसूस होती है। 
कुछ लोग इसी क्रिया को भूत 💀 या सैतान द्वारा पकड़े जाने की बात कहते हैं पर यह गलत है। चलिए अब उस सवाल की तरफ बड़ते हैं। 




  शरीर से आत्मा कब, कैसे और क्यों निकलती है ?  

       दरअसल  हमारे शरीर से आत्मा हर रात या दिन को गहरी नींद में होने पर निकलती है। आखिर क्या कारण है कि ये गहरी नींद में शरीर से बाहर निकल जाती है।



      दरअसल जब हम जाग रहे होते हैं तो हमारा मन और मस्तिष्क चलता या काम करता है। जागने के दौरान हमारे मन में जो भी बातें होती हैं। वह चलती रहती है जबतक वह पुरा ना हो जाए। जागते समय हमारे दिमाग में बहुत सारे अनचाहे या बिना सोचे काम चलते या होतें हैं, जैसे - चलना, बोलना, सोचना या कोई काम करना। इन सभी कामों में हमारे मन और मस्तिष्क की शक्ति बँट जाती है । पर जब हम गहरी नींद में सो रहे होते हैंं रैखिक तो हमारी इच्छाओं का रेला ही रहता है और हमारी बड़ी शारीरिक क्रियाएँ बंद या रुक जाती जैसे - सोचना, हिलना - डोलना आदि। इस वजह से हमारी सारी ऊर्जा हमारे शूक्ष्म शरीर यानी आत्मा को मिल जाती है। इस वजह से हमारी आत्मा की ऊर्जा बड़ जाती है और वह कहीं भी आ या जा सकने में सक्षम हो जाती है। इस दौरान जो ईच्छा सबसे ज्यादा होती है वैसा ही स्वप्न ( सपना ) हमें दिखाई देता है।


यहाँ पर एक रोचक बात यह है कि हमारी आत्मा कहीं भी आ या जा सकती है और हमारी शरीर से संबंधित रहती है। चाहे यह शरीर से कितनी ही दूर क्यों न हो पर हमें आत्मा द्वारा देखे गये सभी दृश्य स्पष्ट दिखाई देता है। यह कैसे होता है ?
   इसका सबसे अच्छा उदाहरण मोबाईल है। हमारा मोबाईल हमारे पास रहते हुए भी दुनिया के किसी भी कोने में मौजूद दृश्य को दिखा देता है जब वह किसी अन्य मोबाईल से आनलाइन संबंधित होता है। दरअसल दूसरे वाले मोबाइल से संबंधित होने के कारण उसकी बहुत सारी गतिविधियाँ देखी जा सकती है। इसी तरह हमारी आत्मा जिसे शूक्ष्म शरीर भी कहते हैं यह जो भी देखती या करती है वह सभ हमें दिखाई देता है।
   तो इस तरह शरीर से आत्मा बाहर निकल जाती है। 





सपने में जो मन चाहे करना..


        क्या आपने यह कभी सोचा है कि हम सभी अपने सपने जो चाहे वह कर सकते हैं। ( इसका मतलब इससे मत लगाना की हम किसी की कोई वस्तु ले सकते हैं जो हमारी वास्तविक दुनियाँ में है बल्कि इसका यह मतलब यह है कि हम सिर्फ जानकारी ले सकते हैं जो चाहते हैं पर कोई वस्तु नहीं ) यही कारण है कि ऋषि और मुनी अपनी सभी शारीरिक क्रियाएँ कम कर अपनी आत्मा को कहीं भी ले जाते थे। और अपनी जो भी इच्छा सबसे ज्यादा होती थी उसे पुरा करने के लिए ध्यान करते थे और सम्बन्धित जाानकारी प्राप्त करतेे थे। यही नहीं जिस तरह से एक मोबाईल को दूसरे मोबाईल को कनेक्ट करते हैं चाहे इनके बीच कितनी ही दूरी क्यों ना हो। बिल्कुल इसी तरह से ऋषि मुनि अपनेआप को भी भगवान से कनेक्ट करके वार्ततालाप करते थे। सबसे महत्वपूर्ण सवाल यह है कि हम ऐसा करेंगे कैैसे क्योंकि जब हम सपने देखते हैं तो हमें यह भी नहीं पता  होता है कि हम सपने में हैं। हमें यह सब सच लगता है। पर एक बात हम मिस ( छोड़ना ) कर रहे हैं और वह यह है कि ऋषि मुनि लोग ऐसा तब करते थे जब वह सो नहीं रहे थे बल्कि ध्यान में होतेे थे। इसकेे लिए वह किसी एकान्त स्थाान पर जहाँ शाांति हो ऐसा स्थान ढूढते थे।
   अब आपके मन यह सवाल उठ रहा होगा कि हम कैसे ऐसा करें ? है ना तो इस बात को जानने से पहले हमें ऊपर दिए गए उदाहरणों को समझना बहुत जरूरी था इसलिए इन्हें शामिल किया गया है। चलिए हम सब कब, कैसे यह कर सकते हैं पढ़कर जानते हैं।





     ऐसा करने के लिए ये निम्नलिखित बातें आवश्यक हैं - 
  1. सपने में मनचाही बातें जैसे - उड़ना, कहीं पर जाने आदि के लिए सुबह 3 - 4 बजे जागना होगा। 
  2. जागने के बाद हमें जो भी काम सबसे ज्यादा पसंद हो उसके बारे में सोचते हुए फिर से सोना है। 
  3. इसके बाद हमारा शरीर धिरे - धिरे हमें महसूस होना बंद और झुनझुनी ( जैसे जागते समय हाथों और पैरों में होती है ) शुरू होने लगता है। 
  4. अब अगर हम उड़ाना या कहीं जाना चाहते हैं तो इसी समय कर सकते हैं। बस सोचना होगा और वैसा होने लगेगा। और यह सब आपको एकदम सचका अहसास दिलाएगा। 
  5. ऐसा करते समय आपको एकदम फ्री मतलब आपको कोई disturbe ना करें। यह बात बहुत जरूरी है। ज




    ऐसा करने के बाद आप अपने अनुभव हमसे जरूर शेयर करें। हमें बड़ी खुशी होगी। और साथ साथ 

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