सीधे मुख्य सामग्री पर जाएं

मात्रक कैसे पता करें किसी भी सूत्र का।


   इनके मात्रक बताओ :

  • वेग
  • चाल
  • त्वरण 
  • कार्य 
  • विद्युत धारा 
  • लम्बाई 
  • समय
  • क्षेत्रफल 
  • दाब 
  • बल





  इन सभी के मात्रक क्या हैं और कैसे इन्हें याद करना है इन सभी के बारे पुरी जानकारी 💡 दी गई है। यही नहीं बल्कि सभी व्युत्पन्न मात्रकों को याद करने की झंझट भी खत्म हो जायेगी। इन सभी सवालों को हमें जानने के पहले इनके बारे में कुछ महत्वपूर्ण जानकारियाँ जानना परमावश्यक है। 





नोट : 
इस आर्टिकल को पढ़ने के बाद आपको कितना समझ में आया या फिर आपका कोई सवाल है तो कमेंट करें । धन्यवाद !


      विज्ञान हो या दैनिक जीवन हमें मात्रक का उपयोग करना ही पड़ता है। किसी वस्तु की सही मात्रा को बताने के लिए मात्रकों का उपयोग किया जाता है। किसी भी राशि का मान बताने के लिए हमें दो पदों की आवश्यकता होती है :
  1. राशि का संख्यात्मक मान (Numerical value) 
  2. मापन का मात्रक (Unit of measurement) 

उदाहरण : 2 मीटर, 5 किलोग्राम, 10 सेकण्ड, 15 जूल इन राशियों का आंकिक या संख्यात्मक मान 2, 5, 10, और 15 हैं और इनके मात्रक मीटर, किलोग्राम , सेकण्ड और जूल हैं। चलिए जीवंत उदाहरण देखते हैं। 
     
जैसे मान लिजिए : हमें 5 किलो  चीनी लेना है तो हमें " पाँच किलो " चाहिए या दो ऐसा दूकानदार से कहना पड़ेगा। तभी तो दूकानदार को यह पता चलेगा कि कितना सामान या चीनी चाहिए। अगर हम दूकानदार से यह कहें कि हमें पाँच चीनी दो या चाहिए तो इसका अर्थ यह होगा कि हमें चीनी के पाँच टुकड़े चाहिए। तो देखा आपने मात्रक का कितना महत्वपूर्ण स्थान होता है हमारे दैनिक जीवन में।









मूल राशियाँ तथा मूल मात्रक  Fundamental Quantities & Fundamental Units. 



    विज्ञान विषय को सरलता से समझने और याद करने की दृष्टि से विज्ञान में कुछ प्रचलित या बहुदा उपयोग में आने वाली राशियों को मूल राशि के रूप में स्वीकार किया गया है। ये सात प्रकार की हैं :

  1. लम्बाई या दूरी 
  2. द्रव्यमान 
  3. समय 
  4. ताप
  5. विद्युत - धारा 
  6. ज्योति तिव्रता तथा 
  7. पदार्थ की आण्विक मात्रा ( molecular quantity ) 


तो ये थी सात मूल राशियाँ । अब जानते हैं मूल मात्रकों के बारे में। 

मूल मात्रक की परिभाषा : वे मात्रक जिनका अलग - अलग स्वतंत्र रूप से निर्धारण किया जाये और जो किसी अन्य मात्रकों पर निर्भर ना हों मूल मात्रक कहलाते हैं। 


व्युत्पन्न मात्रक ( derived unit )  :  जो मात्रक एक से अधिक मूल मात्रकों से मिलकर बन होते हैं उन्हें व्युत्पन्न मात्रक कहते हैं।
जैसे : चाल = दूरी / समय
में दो मूल मात्रक मीटर / सेकंड है।




मात्रक पता करने का तरीका 

( Way to find unit ) 


    निम्न राशियों का मात्रक लिखिए :

  • वेग
  • चाल
  • त्वरण 
  • कार्य 
  • विद्युत धारा 
  • लम्बाई 
  • समय
  • क्षेत्रफल 
  • दाब 
  • बल


    वेग = विस्थापन / समय = मीटर / सेकण्ड
 विस्थापन दो  बिंदुओं के बीच की दूरी होता है। और दूरी का मूल मात्रक मीटर होता है। समय का मात्रक सेकण्ड होता है।चुँकि वेग का  का कोई मूल मात्रक नहीं होता है। इसलिए हम यहाँ पर विस्थापन और समय के मात्रक को ही उपयोग में लाते हैं। अगर इसका भी कोई मूल मात्रक तय किया जाये तो उसे भी याद करना होगा जो कि विज्ञान को और भी कठिन बना देगा। इसीलिए कुछ ही राशियों को मूल मात्रक बना दिया गया है। निचे सारिणी में मूूल राशियाँ और उनके मूल मात्रक दिए गए हैं। जिनकी मदत से हम इनमें से किसी भी राशि का मात्रक पता कर सकते हैं।
 इसी तरह चाल का मात्रक भी मीटर / सेकण्ड होता है।
त्वरण का मात्रक क्या होता है। इसको जानने के लिए इसका सूत्र हमें पता होना चाहिए।
त्वरण = वेग - परिवर्तन / समय
होता है। चुँकि वेग का मात्रक = मीटर / सेकण्ड होता है और समय का सेकण्ड होता है। इसलिए त्वरण का मात्रक = ( मीटर / सेकण्ड ) / सेकण्ड
         = मीटर / सेकण्ड 2
हो जाता है। सेकण्ड का सेकण्ड में गुणा होने की वजह से यह  सेकण्ड 2  हो जाता है।

   



मूल राशियाँ प्रतीक मूल मात्रक प्रतीक
लम्बाई L मीटर मी ( m )
द्रव्यमान M किलोग्राम किग्रा ( kg )
समय T सेकण्ड से( s )
ताप थीटा केल्विन या डिग्री सेल्सियस K या °C
विद्युत धारा A ऐम्पियर ए ( A )
ज्योति तीव्रता I कैण्डिला कै ( cd )
पदार्थ की आण्विक मात्रा Q मोल ( mole ) मोल ( mole )
 

टिप्पणियां

इस ब्लॉग से लोकप्रिय पोस्ट

दिशा पता करने का बेस्ट तरीका..

दिशा कैसे पता करते हैं ? 


दुनियाँ के किसी भी कोने में जाओ आप हर जगह पर दिशा पता कर सकते हैं।  हमने यह आर्टिकल उपयोग करने के लिए बनाया है ऊम्मीद है आपके लिए उपयोगी साबित होगा। इस आर्टिकल को अन्त तक जरूर पढिएगा क्योंकि हमने इसमें लगभग सभी संभव तरिके बताएँ हैं जो आपको हर परिस्थितियों में दिशा पता करने के लिए काफी हो सकता है।






   दिशा का पता करने से पहले हम दिशा के बारे कुछ अहम / आवश्यक जानकारी देने जा रहें हैं ताकि दिशा पता करना और आसान हो जाये | इसमे सबसे पहले जानतें हैं दिशा क्या है और इसका महत्व क्या है |



   दिशा ( Direction  ) 


एक ऐसा मैप या साधन जो हमें उत्तर - दक्षिण , पूरब - पश्चिम , उपर - निचे और आगे - पीछे  इन सभी को प्रदर्शित करे दिशा कहलाता है | दिशा मुख्यतः चार प्रकार की हैं ( अगर उपर - निचे को छोड़दे तो ) लेकिन इनको अलग - अलग भागो  मैं बाँटे तो ये दश प्रकार की हो जाती  है | अगर हमें इन चारों के बीच की दिशाओं को बताना है तो चित्रानुसार बतायेंगे।




जैसे हमें पश्चिम और उत्तर केे बीच की दिशा को बताना है तो हम उत्तर-पश्चिम कहेेंगे। इसी तरह से बाकि सभी दिशाओं के बारे में हम कहेेंगे।




भिन्न का गुणा , भाग , जोड़ और घटना हल करना

भिन्न (Fraction ) 


ऊपर चित्र में एक वृत्त को चार बराबर भागों में बाँटा गया है । अगर हम कहें कि इसमें से एक भाग किसी को दे दिया जाये तो कितना भाग बचेगा तो इसका जवाब है 3 / 4 भाग जिसे शाब्दिक या बोलन वाली भाषा में तीन चौथाई  भाग कहेगें । इसी प्रकार 1 / 3 को एक तिहाई कहेंगे।  चलिए अब जानते हैं इनको जोड़ने, घटाने, गुणा और भाग  करने के तरीका के बारे में । 




  भिन्नों का जोड़ , घटाना , गुणा और भाग करने  का तरिका. 

भिन्नों का जोड़ , घटाना , गुणा और भाग; पोस्ट में आपको सब सीखने को मिलेगा। अगर आपके पास कोई सवाल है भिन्नों को हल करने या किसी भी तरह की भिन्न हो तो हमें निचे दिए गए कमेंट बॉक्स में लिखकर भेज दें ।

भिन्न क्या है ? What is the Fraction ? 




 भिन्न एक आंशिक भाग होती है जो दो भागों से बनती है -
अंश हर
 जैसे -     1 / 3 , जिसमें 1 अंश और 3 हर है । a / b में " a  " अंश और " b  " हर है।

आज के दौर में बहुत - से लोग ऐसे हैं जो पढ़ - लिखकर भी भिन्न हल करना नहीं जानते हैं । इस कमी का आभास उन्हें तब होता है जब वो कोई काम करने लगते हैं और काम या कार्य में उनको कोई सटीक ( ठीक - …

मैट्रिक और इण्टरमीडिएट किस कक्षा को कहा जाता है ?

ज हम जानेंगे कुछ ऐसी जानकारी जो बहुत से छात्र - छात्राएँ पढ़ - लिखकर  भी नहीं जान पाते हैं . इसका सीधा कारण है ध्यान से पढा़ई न करना . लेकिन इन्टरनेट ऐसा साधन है जहाँ पर आपको हर जानकारी मिलती है चाहे कैसी भी जानकारी हो वो भी बिल्कुल आसानी और सुलभ तरिके से , इन बातो को यहीं पर विराम देते हुए हम मूल बात पे आते हैं। विज्ञान से संबंधित प्रश्नों को जानने के लिए पढ़ते रहिये। 

इसे भी पढ़ें >>
4 - 4  / 2 =  क्या होगा ?    cos0° = 1 क्यों होता है ? 

        मैट्रीक किसे या किस कक्षा को कहते हैं ?ईन्टर कौन - सी कक्षा को कहते हैं ? 


  मैट्रिक किस कक्षा को कहते हैं ? 
       मैट्रिक का नाम सुन बहुत से लोग यह सोचते हैं कि ये कौन - सी कक्षा है।  आपको बता दें कि मैट्रिक कोई और कक्षा नही है बल्कि  कक्षा - 10 या दसवीं पास को कहते हैं  जिसे हाई स्कूल भी कहा जाता है।  
इसे अंग्रेजी में 10 th ( टेंथ )  भी कहते हैं। मैट्रिक अंग्रेजी शब्द है जिसका मतलब हाईस्कूल पास /दसवीं पास होता है। इससे यह पता चलता है कि मैट्रिक कोई कक्षा नहीं बल्कि कक्षा 10 या दसवीं उत्तीर्ण को सम्बोधन करने वाला शब्द है। 

अगर हाई स्कू…
Disclaimer | Privacy Policy | About | Contact | Sitemap | Back To Top ↑
© 2017-2020. Possibilityplus