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संभावनाओं का सागर

12 Sep 2019

मात्रक कैसे पता करें किसी भी सूत्र का।


   इनके मात्रक बताओ :

  • वेग
  • चाल
  • त्वरण 
  • कार्य 
  • विद्युत धारा 
  • लम्बाई 
  • समय
  • क्षेत्रफल 
  • दाब 
  • बल





  इन सभी के मात्रक क्या हैं और कैसे इन्हें याद करना है इन सभी के बारे पुरी जानकारी 💡 दी गई है। यही नहीं बल्कि सभी व्युत्पन्न मात्रकों को याद करने की झंझट भी खत्म हो जायेगी। इन सभी सवालों को हमें जानने के पहले इनके बारे में कुछ महत्वपूर्ण जानकारियाँ जानना परमावश्यक है। 





नोट : 
इस आर्टिकल को पढ़ने के बाद आपको कितना समझ में आया या फिर आपका कोई सवाल है तो कमेंट करें । धन्यवाद !


      विज्ञान हो या दैनिक जीवन हमें मात्रक का उपयोग करना ही पड़ता है। किसी वस्तु की सही मात्रा को बताने के लिए मात्रकों का उपयोग किया जाता है। किसी भी राशि का मान बताने के लिए हमें दो पदों की आवश्यकता होती है :
  1. राशि का संख्यात्मक मान (Numerical value) 
  2. मापन का मात्रक (Unit of measurement) 

उदाहरण : 2 मीटर, 5 किलोग्राम, 10 सेकण्ड, 15 जूल इन राशियों का आंकिक या संख्यात्मक मान 2, 5, 10, और 15 हैं और इनके मात्रक मीटर, किलोग्राम , सेकण्ड और जूल हैं। चलिए जीवंत उदाहरण देखते हैं। 
     
जैसे मान लिजिए : हमें 5 किलो  चीनी लेना है तो हमें " पाँच किलो " चाहिए या दो ऐसा दूकानदार से कहना पड़ेगा। तभी तो दूकानदार को यह पता चलेगा कि कितना सामान या चीनी चाहिए। अगर हम दूकानदार से यह कहें कि हमें पाँच चीनी दो या चाहिए तो इसका अर्थ यह होगा कि हमें चीनी के पाँच टुकड़े चाहिए। तो देखा आपने मात्रक का कितना महत्वपूर्ण स्थान होता है हमारे दैनिक जीवन में।









मूल राशियाँ तथा मूल मात्रक  Fundamental Quantities & Fundamental Units. 



    विज्ञान विषय को सरलता से समझने और याद करने की दृष्टि से विज्ञान में कुछ प्रचलित या बहुदा उपयोग में आने वाली राशियों को मूल राशि के रूप में स्वीकार किया गया है। ये सात प्रकार की हैं :

  1. लम्बाई या दूरी 
  2. द्रव्यमान 
  3. समय 
  4. ताप
  5. विद्युत - धारा 
  6. ज्योति तिव्रता तथा 
  7. पदार्थ की आण्विक मात्रा ( molecular quantity ) 


तो ये थी सात मूल राशियाँ । अब जानते हैं मूल मात्रकों के बारे में। 

मूल मात्रक की परिभाषा : वे मात्रक जिनका अलग - अलग स्वतंत्र रूप से निर्धारण किया जाये और जो किसी अन्य मात्रकों पर निर्भर ना हों मूल मात्रक कहलाते हैं। 


व्युत्पन्न मात्रक ( derived unit )  :  जो मात्रक एक से अधिक मूल मात्रकों से मिलकर बन होते हैं उन्हें व्युत्पन्न मात्रक कहते हैं।
जैसे : चाल = दूरी / समय
में दो मूल मात्रक मीटर / सेकंड है।




मात्रक पता करने का तरीका 

( Way to find unit ) 


    निम्न राशियों का मात्रक लिखिए :

  • वेग
  • चाल
  • त्वरण 
  • कार्य 
  • विद्युत धारा 
  • लम्बाई 
  • समय
  • क्षेत्रफल 
  • दाब 
  • बल


    वेग = विस्थापन / समय = मीटर / सेकण्ड
 विस्थापन दो  बिंदुओं के बीच की दूरी होता है। और दूरी का मूल मात्रक मीटर होता है। समय का मात्रक सेकण्ड होता है।चुँकि वेग का  का कोई मूल मात्रक नहीं होता है। इसलिए हम यहाँ पर विस्थापन और समय के मात्रक को ही उपयोग में लाते हैं। अगर इसका भी कोई मूल मात्रक तय किया जाये तो उसे भी याद करना होगा जो कि विज्ञान को और भी कठिन बना देगा। इसीलिए कुछ ही राशियों को मूल मात्रक बना दिया गया है। निचे सारिणी में मूूल राशियाँ और उनके मूल मात्रक दिए गए हैं। जिनकी मदत से हम इनमें से किसी भी राशि का मात्रक पता कर सकते हैं।
 इसी तरह चाल का मात्रक भी मीटर / सेकण्ड होता है।
त्वरण का मात्रक क्या होता है। इसको जानने के लिए इसका सूत्र हमें पता होना चाहिए।
त्वरण = वेग - परिवर्तन / समय
होता है। चुँकि वेग का मात्रक = मीटर / सेकण्ड होता है और समय का सेकण्ड होता है। इसलिए त्वरण का मात्रक = ( मीटर / सेकण्ड ) / सेकण्ड
         = मीटर / सेकण्ड 2
हो जाता है। सेकण्ड का सेकण्ड में गुणा होने की वजह से यह  सेकण्ड 2  हो जाता है।

   



मूल राशियाँ प्रतीक मूल मात्रक प्रतीक
लम्बाई L मीटर मी ( m )
द्रव्यमान M किलोग्राम किग्रा ( kg )
समय T सेकण्ड से( s )
ताप थीटा केल्विन या डिग्री सेल्सियस K या °C
विद्युत धारा A ऐम्पियर ए ( A )
ज्योति तीव्रता I कैण्डिला कै ( cd )
पदार्थ की आण्विक मात्रा Q मोल ( mole ) मोल ( mole )
 

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