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Zero ka maan kya hai ?

       दुनियाँ में जो भी बड़े - बड़े काम हुए हैं उन सब में कहीं न कहीं जीरो या शून्य की महत्वपूर्ण भूमिका रही है और आज भी है। इसके बारे में हममें से ज्यादा लोगों को बहुत कम जानकारी है। इसकी वजह एक नहीं बल्कि अनेकों प्रकार की हैं और इसी अज्ञानता को दूर करने के लिए ये आर्टिकल लिखा गया है। 



   शून्य ( Zero )  

    जीरो क्या है,अगर ये प्रश्न किसी भी परसन से किया जाए तो अधिकांश लोगो का यही जवाब होगा कि जो वस्तु पुरी तरह से समाप्त हो जाती है उसे शून्य कहते हैं या जिसका अस्तित्व ही समाप्त हो गया हो उसे जीरो कहते हैं। पर इसके पिछे हमसे एक छोटी-सी जानकारी छूट रही है जो हमारी आँँखों को खोल देगी। 


Zero kya hai


अधिकांश लोगों का मत है कि Zero में कोई वल्यू ( मान ) नहीं होता है। अगर ऐसा है तो जीरो का किसी भी संख्या से संबंध नहीं होना चाहिए क्योंकि ये अस्तित्वहीन है ( इस मान्यता के अनुसार )। पर हमेें यह पता है कि हम अच्छा खासा इसका इस्तेमाल कर रहे हैं। दरअसल हम जो सोचते हैं कि ये, वो या कोई भी वस्तु समाप्त हो चुकी है या अस्तित्व नहीं है ऐसा सत प्रतिशत संभव नहीं है। क्योंकि कोई भी बात या क्रिया सत प्रतिशत नहीं हो सकती है। ये नियम हर वस्तु पे लगता है इससेे कोई भी अछूता नहीं है। शून्य का सभी संख्याओं के साथ क्या संबंध है और इसका कोई मान है या नहीं इन सबके बारे में हम पढ़ने वाले हैं। 


   पर इस से पहले हमें इन उदाहरणों को देखना होगा जो निम्नलिखित हैं -


  • क्या किसी भी वस्तु को पुरी तरह से समाप्त किया जा सकता है ? 
  • क्या जीरो का भी कोई मान होता है? 
  • क्या जीरो का सभी संख्याओं में संबन्ध है? 
  • जीरो से सभी संख्याओं को कैसे प्राप्त कर सकते हैं ?
  • क्या 0 - 0, 1- 1, 2- 2, 3- 3 इत्यादि संभव है?


इन सभी सवालों को अगर हमनें ध्यान से पढ़ होगा तो हमें जीरो के बारे में कुछ खास जानकारी हाथ लगी होगी या फिर समझ लीजिए कि लगने वाली है। हम अपने सभी सवालों को ऊपर से निचे की तरफ एक के बाद एक करके देखेंगे।

   सबसे ऊपर  वाले सवाल की बात करें कि 



क्या किसी भी वस्तु को पुरी तरह से समाप्त किया जा सकता है ? 

तो हमें इसका जवाब कुछ सरल उदाहरणों से ही मिल जायेगा। जैसे अगर हम किसी लकड़ी को किसी भी तरह से जलाएँ या नष्ट करें तो हमें कुछ न कुछ अवशेष या राख जरूर मिलेगी चाहे किसी भी आग में जलाएँ।


 
हाँ एक बात है कि कुछ ऐसी विधियाँ भी हैं जिनसे लकड़ी को जलाने पर आपको लगेगा कि राख नाममात्र सी ही मिलेगी पर मिलेगी अवश्य यह लिखकर ले लीजिए। यह पत्थर की लकीर है।


  इसी तरह से अगर हम संख्याओं की बात करें कि 1-1, 2-2, 3-3 आदि पुरी तरह से घटायें जा सकते हैं? 

तो यह पुरी तरह से संभव नहीं है क्योंकि आप दुनियाँ की कोई भी वस्तु हो उसे पुरी तरह से ( 100% ) समाप्त नहीं कर सकते हैं। हाँ ये बात और है कि वस्तु देखने में अस्तित्वहिन लगेगी पर वास्तव में कुछ न कुछ अवशेष निश्चित रूप से मिलेगा फिर चाहे अवशेष हमारे देखने में भले ही कुछ काम का न हो।

यह अवशेष ही उस वस्तु का अस्तित्व होता है जिससे वह बनी हुई होती है। 

अतः स्पष्ट है कि किसी भी वस्तु को पुरी तरह से समाप्त नहीं किया जा सकता है। इस तरह से यह भी स्पष्ट होता है कि शून्य में भी कुछ मान अवश्य होता है।


              क्या Zero का भी कोई मान होता है ?

इस सवाल का जवाब भी कुछ हद तक ऊपर दी गई लाइनों में शामिल किया गया है। चलिए कुछ और जानकारी जान लेते हैं। अगर Zero में कुछ मान नहीं होता तो समाकलन या अवकलन जैसी गणितो में सीमा का प्रयोग नहीं होता है।

 जैसे - x2 - 1,    x - 4,   x3 - 27   में क्रमशः x = 1,2,3

रखें तो तीनो मान बराबर हो जायेंगे। अगर जीरो के मान में कोई अस्तित्व नहीं होता तो हमें सीमा निकालने की जरुरत नहीं होती। सीमा का मतलब यह है कि कौन सी हद तक मान प्राप्त किया जा सकता है।

 जैसे अगर मान लिजिए, 3 में से 2 को घटाना है तो हम केवल 2 ही घटा सकते हैं इससे ज्यादा नहीं क्यों 3 - 2 की घटाने की सीमा 2 है पर 3 - 2 = 1 होगा। पर अगर 3 - 3 घटायें तो ये एक सीमा ( 2.9999.. अनंत  ) तक ही घटेगा क्योंकि इसके घटने की सीमा 2.9999..तक ही है। इसके बाद घटाया नहीं जा सकता है। इसी तरह से 1-1, 2- 2, 3-3 आदि का भी मान निकाला जायेगा। इन उदाहरणों से यह पता चलता है कि जीरो में जरूर कुछ मान होता है।


   क्या जीरो का सभी संख्याओं से संबंध है ?      

     हम सब जीरो का उपयोग हर संख्या के साथ करते हैं तो भला इसका संबंध इनसे क्यों नहीं हो सकता ?

      जैसे - 10, 20, 102, 0.5 इत्यादि। इन सब में जीरो का उपयोग स्पष्ट दिख रहा है। हम जानते हैं कि सबसे पहले 0 आता है और इसके बाद ही 1, 2, 3, 4, 5..इत्यादि आयेंगे। अगर जीरो में कोई मान नहीं होता तो 0 से चलने पर हम आगे बढ़ नहीं पाते यानी 1, 2, 3 इत्यादि तक नहीं पहुंच पाते मगर ऐसा नहीं क्योंकि हम जानते हैं कि शून्य आगे की तरफ चलने पर हमें क्रमशः 1, 2, 3, 4.. इत्यादि पूर्ण संख्याएँ मिलती हैं। यहाँ पर एक महत्वपूर्ण बात यह भी है कि 0 से 1 तक पहुंचने के लिए अनंत अपूर्ण संख्याओं से होकर गुजरना पड़ता है। जैसे 0 और 1 के बीच 0.5 होता है बिल्कुल इसी तरह से 0 औ 0.5 के बीच 0.25 होता है। इसी तरह से अगर इनके बीच की दशमलव संख्याओं को निकाला जाए तो अनंत दशमलव संख्याएँ केवल 0 से 0.25 के बीच ही मिल जायेगीं। और इसी तरह से जो संख्याएँ उनके बीच मिलती है उन सबके बीच संख्याओं को बारी - बारी से निकाला जाए तो हर प्रतेक के बीच अनंत दशमलव संख्याओं को प्राप्त किया जा सकता है। जिसका कोई अंत नहीं होगा। अतः कुल मिलाकर देखें तो हमें यह पता चलता है कि 0 से 1 तक पहुचने के लिए सिर्फ एक अनंत नहीं बल्कि अनंत का अनंत भी लग जायेगा। 


  बिल्कुल इसी तरह से अगर कोई बाईक खड़ी है तो उसकी गति कुछ भी नहीं है ऐसा हम साधारण शब्दों में कह सकते हैं पर इसे गहराई तक एनालाईज किया जाए तो पता चलता है कि बाईक भले ही खड़ी हो पर अपने चारों तरफ  कुछ न कुछ गति करती रहती है जिससे इसकी परिणामी गति कुछ भी नहीं के बराबर होती है। मतलब बाईक के कण कम्पन करते रहते हैं। कम्पन का मतलब यह होता है कोई वस्तु अपने चारो दिशाओं में से किसी भी दो दिशा में एक निश्चित बिन्दु के आगे पिछे आती जाती रहती है।


आपको यह आर्टिकल कैसा लगा हमें जरुर बताएँ धन्यवाद। 

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