11 Dec 2017

भाग कैसे करें ?


 भाग ( Division ) 

भाग क्या, यह इतना महत्वपूर्ण क्यों है, गणित में का बड़ा योगदान है  । इसके बिना गणित की क्रिया करने के बारे में सोचा भी नहीं जा सकता है दरअसल भाग गणित की आधारभूत क्रियाओं में से एक । गणित की चार आधारभूत क्रियाएँ :  
  1. जोड़ ( Additions, Conjunction ) 
  2. घटना ( Diminis,  Substract ) 
  3. गुणा ( Multiplication, Multiplying  ) 
  4. भाग ( Division ,  Quotient) 


  भाग सीखना उतना कठिन होता है जितना ही हम इस पर ध्यान नहीं देते। दोस्तों भाग ही नहीं बल्कि कोई भी काम सीखना, समझना या पाना हमारे मन पर ज़्यादा निर्भर करता। अगर हम कोई भी काम अगर पूरे मन से करें तो हमें सफल होने की संभावना ( possibility ) उतनी ही ज्यादा होती है।एक बात और है मन हमारी बात तभी सुनता है जब इसे किसी काम के महत्व और आवश्यकता उसे पड़ती हो।  मन की सबसे बड़ी कमजोरी है उसकी लालच जो अच्छी या बुरी दोनों तरह की होती है। हमें इसी का फायदा उठाकर अपने काम को अंजाम देना चाहिए। मन और मस्तिष्क की जानकारी  यहाँ पढ़ सकते हैं। 



       

  भाग कैसे सीखें? 


  इस पोस्ट या  लेख का मुख्य उद्देश्य यह है कि जिसको भाग न आती हो उसको भाग करना आ जाये। जी हाँ दोस्तों हममें से ज्यादातर लोग ऐसे हैं कि जिनको भाग नहीं आती है मुझे आज भी वो दिन याद है जब मुझे भाग करना नहीं आता था तब मैं बहुत ग्लानि या बेइज्जती महसूस करता था । और फिर मैंने यह निर्णय किया कि मुझे भाग सीखना है तो सीखना है उसके बाद मैं हर प्रकार से सीखने में जुट गया और सीख कर ही दम लिया।  जब आप किसी काम को करते हो तो यह सब तो लगता ही है और जब आप भाग करना नहीं जानते हो तो यह कमी आपको बहुत खलती है। चलिए अब सीख लिजिए। दोस्तों मैं आपको इसमें ऐसे - ऐसे तरीके बता रहा हूँ जिसकी सहायता से आप बहुत आसानी से भाग करना सीख जाओग वो भी बहुत कम समय में । दोस्तों भाग करना हो या कोई काम जब हमारा मन उस काम को करने को राजी ना हो तो हम वो काम नियमों को जानते हुए भी नहीं कर पाते हैं। कहने को सभी कहते हैं कि इस नियम से यह करो और उस नियम से वो करो मगर यह कोई नहीं बताता या बताना नहीं चाहता  या फिर जानता ही नहीं कि हम क्या करें कि हमारा मन और मस्तिष्क दोनों उस काम को करने के लिए तैयार हो जाये। जब हमारे मन को कोई काम या वस्तु अच्छी लगने लगती है तो हम उस काम को हर संभव तरह से करने लगते हैं। हम इस पोस्ट में कुछ ऐसे तरीकों के बारे में जानेंगे जो हमे उत्साहित करेगा भाग को सीखने और समझने में। यह इस प्रकार हैं -

  • भाग की मदत से हम किसी भी महीने में किसी भी तारीख के दिनों की गणना कर सकते हैं। माना हमें सन् 2017 के किसी महिने में किसी तारीख को दिन पता करना है वो भी बिना कैलेण्डर या मोबाइल के तब कैसे करोगे । ज्यादा जानकारी के लिए दिन पता करें बिना कलेंडर के पढें। 
  • भाग की मदत से ऐसे सवालों के हल निकाल सकते हैं जिसका अभी तक आपको पता नहीं है। जैसे -  क दूना 9,  क आठे 1, क आठे 12 (  बारह  ),  क दूना 0 ( शून्य  )  इस प्रकार के किसी भी सवाल हल कर सकते हैं। 




 


भाग के मुख्य अंग 


 सबसे पहले हम भाग में उपयोग होने वाले शब्दों का अर्थ जान लेते हैं जिसे हम भाग के मुख्य अंग कह सकते हैं।
भाग के मुख्य अंग निम्नलिखित हैं -

  •  भाजक 

  • भाज्य 

  • भागफल 

  • शेषफल 

   


   

 ✰  घातांक का मान कब शून्य होता है।


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भाजक ( Divider ) 

   वह संख्या जिससे किसी संख्या में भाग दी जाती है भाजक कहलाती है ।  जैसे -   6 / 2 में  भाजक है। 



  भाज्य ( Divisible ) 

  वह संख्या जिसमें किसी संख्या से भाग दी जाती है भाज्य  कहलाती है।  जैसे -   6 / 2 में  6 भाज्य  है।



 भागफल ( Quotient )                                              किसी संख्या में भाग जितनी बार जाती है वही संख्या भागफल कहलाती है।  जैसे -   6 / 2 = 3, में 3 भागफल है।


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   ✴  घातांक का मान कब शून्य होता है।


 ✴  बीजगणितीय संख्याओं ( abc, xyz आदि ) में बीजगणितीय संख्या से कैसे भाग ➗ करें ? 


शेषफल ( Remnant ) 

वह संख्या जो भागफल से प्राप्त मान को भाज्य वाली संख्या 
में से घटाने के बाद भाग बचता है शेषफल कहलाती है। 
निचे चित्र में देखिए -  




 भाग के नियम 



भाग के कुछ नियम हैं जिनकी सहायता से हम भाग करते हैं। इसे ध्यान से पढिये । भाग के निम्नलिखित नियम हैं -
  • भाजक से भाज्य में ऐसे भाग करते हैं कि प्राप्त होने वाली संख्या भाज्य   से  पूरा कट  जाये। अगर ऐसा नहीं है तो भाजक से इतना बार गुणा करें कि प्राप्त संख्या भाजक से थोड़ा कम हो लेकिन ज्यादा न हो। 
  • फिर इस प्राप्त संख्या को भाज्य से घटा लेते हैं। 
  • जो शेष बचता है फिर उसमें पहले की भाँति भाग करते हैं। 
  • और फिर पहले की तरह भाज्य से घटा लेते हैं। 
  • यही क्रिया बार - बार करते हैं जबतक कि शेषफल शुन्य न हो जाए। 
  • पर कुछ ऐसी भाग हैं जिनका शेषफल शुन्य नहीं होता है। जैसे -  1 / 3,  2 / 3,  7 / 6 इत्यादि। ये अपवाद हैं क्योंकि इनका शेषफल शुन्य नहीं होता है। इस तरह की भाग को उचित भिन्न भी कहते हैं। 


 

भाग करने के तरीके  

 

सबसे पहले हम यह जान लेते हैं कि भाग मुख्यरूप से कितने प्रकार की होती हैं।भाग मुख्यरूप से तीन प्रकार की होती है -

  1. पूर्ण रूप से विभाजित होने वाली भाग या पूर्ण भागफल वाली भाग ।                                                                     जैसे -         12 / 3 = 4                                                               412 / 4 = 103                                                        144 / 12 = 12                                                इत्यादि। इनमें 4, 103, 12  पूर्ण भागफल / भजनफल है। 
  2. दशमलव  भागफल / भजनफल वाली भाग।     जैसे -        13 / 4 = 3.25                                                            41 / 2 = 20.5                                                           3 / 2 = 1.5                                        इत्यादि। इसमें 3.25,  20.5,  1.5  दशमलव भागफल / भजनफल है। 
  3. दशमलव पर अपूर्ण  भागफल / भजनफल वाली भाग। जैसे -        2 / 3  = 0.6667,                                                         1 / 3 = 0.3334                                                         7 / 6 = 1.16667                                      इसमें 0.6667, 0.3334 और  1.16667 अपूर्ण  भागफल / भजनफल वाली भाग है। 



चलिए देखते हैं भाग करने के सरल तरीके -

1.पूर्ण रूप से विभाजित होने वाली भाग : 

सबसे पहले हम एक अंक वाली संख्याओं से भाग करना सीखेंगे। जैसे -  1, 2, 3, 4, 5, 6, 7, 8,9  और एक संख्या है जिसका नाम है शून्य ( zero) यानि " 0 "  शून्य एक ऐसी संख्या है जिससे किसी भी संख्या में भाग करना एक अनसुलझी या  रहस्यमयी बात है। लेकिन मैं आपको यह बता दूंँ कि मैं आपको शून्य से भाग करने के बारे में भी बताउंगा पर तब तक आप भाग करना सीख लें। अगर आप भाग करना जानते हैं तो आप यह आर्टिकल शून्य से शून्य में भाग करना पढ़ सकते हैं।
    
उदाहरण :             6 / 2 = ? 
         हमे  में 2 भाग करने के लिए बस इतना करना है कि 2 का गुणा / पहाड़ा इतनी बार पढ़ना है कि 6 आ जाये। 2 (दो ) का पहाड़ा 3 ( तीन  )  बार पढ़ने पर 6 आ जाता है। अतः 6 / 2 = 3  होगा।

                                    या

माना हमे   1, 2, 3, 4, 5, 6, 7, 8,9 में से किसी एक संख्या से किसी अन्य संख्या में भाग करना है। चलो मानलो कि 2 से  में भाग देना / करना है। चूँकि संख्या 6 को 2 से भाग करना है। तो संख्या  6 को  2 ( दो ) बराबर भागों में विभाजित करना होगा ।
इसलिए  संख्या  6 के दो बराबर भाग = 3 + 3     
अतः 6 / 2 = 3 
                                     



अगर  से संख्या  6 में भाग करना है तो  संख्या  6 को   बराबर भागों में विभाजित / बाँटना होगा। तब  संख्या  6 के 3 ( तीन  )
बराबर भाग = 2 + 2 + 2 होगा।
अतः   से संख्या  6 में भाग या  6 / 3 = 2 

माना तीन लड़के हैं और छः ( 6 )  आम चित्रानुसार है।


 अगर तीनों लड़कों में बराबर बाँटना है तो बताओ कितने -  कितने आम तीनों को मिलेगा। दो - दो आम तीनों को मिलेगा।



2. दशमलव  भागफल वाली भाग :  

इस प्रकार की भाग करना सबको समझ में नहीं आता क्योंकि दशमलव वाली भाग थोड़ा अलग होती है। अगर आपको दशमलव की भाग नहीं समझ में आती है तो कोई बात नहीं  अब आपको आ जायेगी। तो चलिए शुरू करते हैं दशमलव वाली भाग।






    उदाहरण :  

7 ÷ 2 को हल किजिये। 

  हल :  


हम जानते हैं कि भाजक से भाज्य में जब भाग करते हैं तो यह देखते हैं कि भाजक का गुणनफल भाज्य से अधिक ना हो। यहाँ पर 7  में  2 से भाग पहले 3 बार जाती है फिर 0.5 बार तो भागफल का कुल योग = 3.5


इसको हम कई विधियों से हल या सरल करेंगे। इसमें मैं एक ऐसी विधि का उजागर  करने जा रहा हूँ जो आपको समझने में इतना कारगर होगा कि आप कह देंगे कि हाँ भाई ये सही है। इसको प्राथमिक विधि कह सकते हैं।  चलिए देखते हैं इस विधि को। निचे दिये भाग को देखिए - 



इस विधि में हमे बस इतना करना है कि जितनी बार हम भाग को आसानी से काट सके काट लें। जैसा कि ऊपर आप देख सकते हैं कि हमने एक -  एक बार ही भाग दिया है । इस तरह भागफल 3.5 आता है। यह विधि कोई नयी नहीं है। इस विधि इस पोस्ट में शामिल करने का सिर्फ एक मकसद है और वह यह कि आप सभी को किसी भी तरह से भाग समझ में आ जाये । तो कैसी लगी यह जानकारी भरा आर्टिकल हमसे जरूर बताएं / शेयर करें ।

आगे जारी है........ 

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